PoK में तीसरे चरण की वोटिंग टली:लगातार विरोध-प्रदर्शन के बीच फैसला; शहबाज की पार्टी PML-N ने अब तक 24 सीटें जीतीं
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 10 अगस्त सोमवार को होने वाली वोटिंग टल गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगातार हो रहे प्रदर्शन के चलते यह चुनाव अनिश्चितकाल के लिए टाल दिए गए हैं। PoK में कुल 45 सीटें हैं जिन पर चुनाव हो रहा है। इससे पहले दो चरणों में शहबाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने कुल 24 सीटें जीतीं। इसके बाद PML-N का PoK में सरकार बनाना तय था। लेकिन तीसरे चरण की 11 सीटों पर चुनाव अब टल गया है। दावा- पहले चरण के चुनाव के दौरान 19 लोगों की मौत PoK में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान हिंसा भड़क गई। अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 19 लोगों की मौत होने की खबर सामने आई थी। चुनावी धांधली के आरोपों और सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच कई मतदान केंद्रों पर झड़पें भी हुईं। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के समर्थकों का आरोप है कि रावलकोट में पाकिस्तानी फौज ने प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें 19 लोगों की जान गई। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मृतकों के नाम भी जारी किए हैं। भारत ने PoK में हो रहे चुनावों को मानने से इनकार कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान इन चुनावों के जरिए PoK पर अपने अवैध कब्जे को छिपाने और वहां हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों से दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। विरोध प्रदर्शन की 4 तस्वीरें… 12 रिजर्व सीटें रद्द करने की मांग पर आंदोलन भारत ने चुनाव को दिखावटी बताया भारत लंबे समय से PoK में होने वाले चुनावों को खारिज करता रहा है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान को उस इलाके में कोई राजनीतिक प्रक्रिया चलाने का अधिकार नहीं है, जिसे भारत अपना हिस्सा मानता है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने PoK चुनाव को पाकिस्तान के अवैध कब्जे को सही दिखाने की कोशिश बताते हुए इसे दिखावटी एक्सरसाइज कहा है। भारत ने यह भी आरोप लगाया है कि पाकिस्तान चुनावों के जरिए अपने कब्जे को छिपाने और इलाके में मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है। नवाज शरीफ पीओके के पीएम बनना चाहते हैं PML-N के अध्यक्ष और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने 22 जुलाई को कहा था कि अगर उनकी पार्टी PoK में जीतती है, तो वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से उन्हें PoK का प्रधानमंत्री बनाने के लिए कहेंगे। लेकिन PoK के मौजूदा संविधान के मुताबिक, प्रधानमंत्री विधानसभा के मुस्लिम सदस्यों में से ही चुना जाता है। विधानसभा सदस्य बनने के लिए व्यक्ति का PoK का स्थायी निवासी होना, और चुनावी सूची में नाम होना जरूरी है। नवाज शरीफ इस चुनाव में PoK विधानसभा की किसी सीट से उम्मीदवार नहीं हैं। ऐसे में सिर्फ PML-N का अध्यक्ष होने या शहबाज शरीफ की मंजूरी मिलने से नवाज सीधे PoK के प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। ----------------- यह खबर भी पढ़ें… शांत रहने वाला PoK पाकिस्तान के लिए परेशानी कैसे बना:12 रिजर्व सीटें क्यों खत्म कराना चाहते हैं प्रदर्शनकारी, मांगें क्यों नहीं मान रही सरकार पाकिस्तान और भारत के बीच कश्मीर को लेकर कई बार युद्ध हो चुका है। पाकिस्तान ने हमेशा भारत के साथ कश्मीर विवाद को सबसे बड़ा मुद्दा माना। इस वजह से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के लोगों की अपनी परेशानियों पर कम ध्यान दिया गया। अब वहां हालात ऐसे हैं कि सरकार के लिए उनकी आवाज दबाना मुश्किल हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
नेतन्याहू बोले- जब तक PM हूं फिलिस्तीन देश नहीं बनेगा:गाजा से सेना हटाने से भी इनकार, ट्रम्प का प्लान खारिज किया
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कहा कि जब तक मैं प्रधानमंत्री हूं, फिलिस्तीन देश नहीं बनेगा। उन्होंने गाजा से इजराइली सेना को हटाने से इनकार किया और कहा कि इजराइल हमास को दिखावटी तौर पर नहीं, बल्कि वास्तव में खत्म करना चाहता है। उन्होंने कहा, इजराइल ट्रम्प के बोर्ड ऑफ पीस के 15 पॉइंट-प्लान को खारिज करता है। इजराइली सेना तब तक वापस नहीं आएगी, जब तक हमास को निहत्था नहीं कर दिया जाता। नेतन्याहू ने कैबिनेट बैठक में उन दावों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि इजराइल ने ट्रम्प का गाजा प्लान मान लिया है। ट्रम्प ने दावा किया था- इजराइल समझौते से खुश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 30 जुलाई को दावा किया था कि गाजा में हमास और इजराइल के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। इसके तहत जैसे-जैसे हमास अपने हथियार छोड़ेगा, वैसे-वैसे इजराइली सेना गाजा से हटेगी। ट्रम्प ने नेतन्याहू से वॉशिंगटन में मुलाकात के बाद कहा था कि इजराइल इस समझौते से बहुत खुश है। हालांकि, ट्रम्प ने यह भी माना था कि योजना को लागू करना मुश्किल हो सकता है। नेतन्याहू ने प्रस्ताव क्यों ठुकराया? इजराइल में दो महीने बाद आम चुनाव होने हैं। हालिया सर्वे में भी नेतन्याहू की लिकुड पार्टी पीछे है। ऐसे में नेतन्याहू नहीं चाहते हैं कि उनके किसी भी फैसले से उनकी पार्टी को इस चुनाव में घाटा हो। इजराइल में बड़ी संख्या में लोग अब भी गाजा के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई के पक्ष में हैं। कई मंत्री भी गाजा से सेना हटाने के विरोध में हैं इजराइली सरकार के कई मंत्री गाजा में भी वेस्ट बैंक की तरह यहूदी बस्तियां बसाने की वकालत कर चुके हैं। नेतन्याहू के कट्टर दक्षिणपंथी नेताओं ने ट्रम्प के प्रस्ताव पर विरोध जताया है। वे गाजा से सेना हटाने के सख्त खिलाफ हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन ग्विर ने ट्रम्प के प्लान को बुरा बताते हुए कहा था, अगर हमास के लड़ाकों को निशाना बनाना बंद कर दिया गया, तो उन्हें अगला हमला करने का मौका मिल जाएगा। इसके बाद नेतन्याहू ने रविवार को पहली बार खुले तौर पर योजना को नामंजूर किया है। पीएम कार्यालय के मुताबिक, इजराइल ने ट्रम्प प्रशासन को अपनी चिंताओं के बारे में भी बता दिया है। नेतन्याहू बोले- अमेरिका से बातचीत जारी नेतन्याहू ने कहा कि इस मुद्दे पर अमेरिका से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से कुछ सुझाव दिए गए हैं, जिनमें से कुछ इजराइल को मंजूर हैं और कुछ नहीं। नेतन्याहू ने कहा कि हमास के पास अब भी इजराइल पर हमला करने की क्षमता है। उन्होंने कहा, हम इजराइल की सुरक्षा के लिए जरूरी काम कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर हम अपने सबसे अच्छे दोस्तों के सामने भी अपनी बात पर कायम रहना जानते हैं। ट्रम्प का बोर्ड ऑफ पीस युद्ध के बाद गाजा के लिए अपनी योजना आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हमास इस प्लान को मान चुका है, लेकिन इजराइली अधिकारियों का आरोप है कि आतंकी संगठन इस प्रक्रिया का इस्तेमाल इजराइल की दोबारा सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए कर रहा है। बोर्ड ऑफ पीस क्या है? ट्रम्प ने पहली बार सितंबर 2025 में गाजा युद्ध खत्म करने की योजना पेश करते हुए इस बोर्ड का प्रस्ताव रखा था। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका ने करीब 60 देशों को इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता भेजा था। इस बोर्ड की भूमिका सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर संघर्षों को सुलझाने का भी काम करेगा। बोर्ड ऑफ पीस चार्टर के मुताबिक, जो देश तीन साल से ज्यादा समय तक इस बोर्ड का सदस्य बनना चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर का योगदान देना होगा। गाजा में अब तक 75 हजार मौतें -------------------- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प का दावा- हमास-इजराइल में शांति समझौता: हमास हथियार छोड़ेगा, इजराइली सेना पीछे हटेगी; नई फिलिस्तीनी सरकार गाजा को कंट्रोल करेगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को दावा किया कि गाजा में हमास और इजराइल के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। हमास और दूसरे सभी हथियारबंद संगठनों ने हथियार छोड़ने पर सहमति जताई है। इसके बाद इजराइली सेना भी गाजा से पीछे हटेगी। पूरी खबर पढ़ें…
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