Responsive Scrollable Menu

बिहार: प्रशांत किशोर विधायक आवास को सार्वजनिक कार्यालय में बदलेंगे

बिहार: प्रशांत किशोर विधायक आवास को सार्वजनिक कार्यालय में बदलेंगे

Continue reading on the app

जरूरत की खबर- गेहूं आटे में स्टोन पाउडर की मिलावट:खाने से किडनी-लिवर डैमेज का रिस्क, एक्सपर्ट से जानें मिलावटी आटा कैसे पहचानें

हाल ही में दैनिक भास्कर की एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट से पता चला कि उत्तर प्रदेश की कई फैक्ट्रियों में गेहूं के आटे में सफेद पत्थर का चूरा (स्टोन पाउडर) मिलाया जा रहा है। रिपोर्टर ने बाकायदा ऑन कैमरा इस पूरे प्रोसेस को कैद किया। रिपोर्ट के मुताबिक हाथरस और फिरोजाबाद की फैक्ट्रियों में आटे में स्टोन पाउडर मिलाया जा रहा था। कुछ दिन पहले बुलंदशहर, अलीगढ़ और फिरोजाबाद में भी ब्रांडेड आटे में स्टोन पाउडर की मिलावट पकड़ी गई थी। इस रिपोर्ट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है कि ‘कहीं हम भी स्टोन पाउडर मिला आटा तो नहीं खा रहे हैं।’ ऐसा आटा खाने से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इससे लंबे समय में लिवर और किडनी डैमेज का रिस्क बढ़ता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में मिलावटी आटे के हेल्थ रिस्क पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- देवेन्द्र कुमार दुबे, फूड सेफ्टी ऑफिसर, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, दमोह डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- मिलावटखोर गेहूं के आटे में स्टोन पाउडर क्यों मिलाते हैं? जवाब- मिलावटखोर ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए गेहूं के आटे में स्टोन पाउडर मिलाते हैं। यह गेहूं की तुलना में काफी सस्ता होता है। इसे मिलाने से आटे की मात्रा और वजन बढ़ जाता है, जबकि लागत कम रहती है। इससे मिलावटखोरों को ज्यादा मुनाफा होता है। चंद पैसों के लिए वे लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं और उन्हें ‘स्लो पॉइजन’ दे रहे हैं। सवाल- आटे में जिस स्टोन पाउडर की मिलावट की जा रही है, क्या वो कोई खास तरह का पत्थर होता है? जवाब- हां, इसे सेलखड़ी या सोपस्टोन कहा जाता है। यह राजस्थान के कुछ खदानों से निकाला जाता है। इसका इस्तेमाल कॉस्मेटिक्स, प्लास्टिक, पेंट, कागज और मूर्तियां बनाने जैसे कामों में होता है। यह खाने के लिए नहीं है, लेकिन मिलावटखोर मुनाफे के लिए इसे आटे में मिलाते हैं। इसका पाउडर बेहद महीन होता है। इसे आटे में मिलाने पर मुंह में किरकिराहट महसूस नहीं होती। रोटी के स्वाद और रंग में भी फर्क नजर नहीं आता, जिससे मिलावट पकड़ना मुश्किल होता है। सवाल- गेहूं के आटे में स्टोन पाउडर के अलावा और किन चीजों की मिलावट पकड़ी गई है? जवाब- देश के अलग-अलग हिस्सों से अक्सर गेहूं के आटे में मिलावट के मामले सामने आते रहते हैं। इनमें कई चीजों की मिलावट देखने को मिलती है- सवाल- मिलावटी आटे के हेल्थ रिस्क क्या हैं? जवाब- स्टोन पाउडर मिला आटा खाने से पाचन तंत्र के साथ किडनी और लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लंबे समय तक इसे खाने से कई स्वास्थ्य समस्याओं का रिस्क बढ़ता है। सभी हेल्थ रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या सिर्फ देखकर मिलावटी आटे की पहचान कर सकते हैं? जवाब- नहीं, स्टोन पाउडर बहुत महीन और सफेद होते हैं। इन्हें आटे में मिलाने पर रंग, बनावट या रोटी के स्वाद में कोई खास फर्क नहीं दिखता। इसलिए मिलावट पकड़ना मुश्किल होता है। सवाल- आटे में स्टोन पाउडर की मिलावट को कैसे पहचानें? जवाब- कुछ आसान घरेलू तरीकों से इसका पता लगाया जा सकता है। शक होने पर ऑथराइज्ड फूड टेस्टिंग लैब से आटे की जांच करानी चाहिए। ग्राफिक में मिलावट जांचने के घरेलू तरीके देखिए- सवाल- पैकेज्ड आटा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- पैकेज्ड आटा खरीदते समय सिर्फ ब्रांड देखकर भरोसा न करें। पैकेट पर दी गई डिटेल्स, पैकेजिंग और क्वालिटी की जांच जरूर करें। सभी सावधानियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- खुला आटा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- खुला आटा खरीदते समय सिर्फ कीमत नहीं, क्वालिटी और साफ-सफाई पर भी ध्यान दें। साथ ही ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखें- सवाल- क्या FSSAI ने आटे को लेकर कोई मानक तय किए हैं? जवाब- हां, ‘भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण’ (FSSAI) ने गेहूं के आटे के लिए क्वालिटी और सुरक्षा संबंधी मानक तय किए हैं। नियमों के मुताबिक- सवाल- अगर आटे में मिलावट का शक हो तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत कुछ कदम उठाएं- सवाल- मिलावट की पुष्टि होने पर क्या कार्रवाई हो सकती है? जवाब- ऐसे केस में संबंधित निर्माता, सप्लायर या विक्रेता के खिलाफ ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006’ के तहत एक्शन लिया जाता है। मामले की गंभीरता के आधार पर ये कार्रवाइयां हो सकती हैं- …………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- तमिलनाडु में रंगीन पापड़ पर बैन: सिंथेटिक कलर खतरनाक, किडनी-लिवर डैमेज का रिस्क, खरीदते हुए ध्यान रखें ये 6 बातें हाल ही में तमिलनाडु सरकार ने रंगीन पापड़ों (फ्राइम्स/कचरी) की बिक्री पर रोक लगा दी है। राज्य के फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने जांच में पाया कि इनमें सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल हो रहा था, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। विभाग ने इसे खासकर बच्चों की सेहत के लिए खतरा बताया है। पूरी खबर पढ़िए…

Continue reading on the app

  Sports

Who is Hasan Mahmud: कौन हैं हसन महमूद? जिन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम के उड़ाए परखच्चे, भारत में भी रच चुके हैं इतिहास

Who is Hasan Mahmud: बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने घातक गेंदबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में महज 198 रनों पर ढेर कर दिया. हसन 6 विकेट चटकाकर ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर 5 विकेट हॉल लेने वाले पहले बांग्लादेशी बॉलर बने. भारत और पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन के बाद अब कंगारुओं के घर में उनका यह स्पेल यादगार बन गया. Thu, 13 Aug 2026 18:42:45 +0530

  Videos
See all

Bhaiyaji Kahin: Surya Maithil ने विपक्ष से ये क्या पूछ लिया? Parliament | Amit Shah | Rahul Gandhi #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-13T13:16:36+00:00

भूपेश बघेल के बयान पर गरमाई छत्तीसगढ़ की सियासत | Chhattisgarh | BJP | Congress #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-13T13:16:09+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers