सनी देओल बोले- 1947 के बंटवारे में परिवार टूटकर संभले:उसे हमने फिल्म में दिखाया; बंटवारे का सबसे ज्यादा असर पंजाब में हुआ था
बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल ने कहा कि उन्होंने 1947 के बंटवारे से जुड़ी कई कहानियां अपने बुजुर्गों से सुनी हैं। तब कई परिवार टूट गए थे। बाद में संभलने के लिए कैसे उन्होंने कश्मकश की, यही चीज हमने बंटवारा 1947 फिल्म में दिखाने की कोशिश की है। सनी देओल अपनी नई फिल्म के प्रमोशन के लिए बीते दिनों लखनऊ में थे। तभी सनी और उनके बेटे करण देओल ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इस दौरान सनी देओल ने फिल्म की कहानी, बंटवारे से जुड़ी यादों, फिल्म को लेकर अपनी उम्मीदों के बारे में खुलकर बताया। करण से भी फिल्म की शूटिंग और पिता के व्यवहार को लेकर बात की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल : बंटवारे पर पहले भी फिल्में बनी हैं। यह फिल्म उनसे कितना अलग होगी? सनी देओल : बहुत सारे ऐसे टॉपिक होते हैं, जिन पर बहुत काम हुआ होता है। इस फिल्म में जो बताने की कोशिश की गई है, शायद वह अब तक किसी ने कहा या बताया नहीं है। बंटवारे का सबसे ज्यादा असर पंजाब में हुआ था। वहां लोगों को यह नहीं पता था कि कल सुबह उठकर क्या होगा? बंटवारे में एक फैमिली कैसे टूटती है, संभलती है और इकट्ठा होती है, उसे हमारी फिल्म में दिखाया गया है। सवाल : करण, इस फिल्म में किरदार निभाना कितना चुनौतीपूर्ण रहा? करण : यह फिल्म मेरे लिए बिल्कुल अलग जोन की थी। बहुत हार्ड वर्क किया है। इसके लिए आदिशक्ति एक्टिंग वर्कशॉप गया। राज और आमिर सर के साथ काफी काम किया। करण के जवाब के बीच में सनी देओल बोले कि राज संतोषी ने इस कहानी को काफी सेलिब्रेट किया और सब हो गया। सवाल : इस फिल्म में आपका जुनून ‘गदर’ जैसा लगा। क्या आपको ‘गदर’ की याद आई? सनी : हमने यह कहानी साल 2010 में सुनी थी। उस समय से यह कहानी हमारे अंदर बस गई थी। आमिर ने भी इस कहानी को सुन रखा था। फिर हमने आमिर से कहा कि हम इसे बनाएंगे और फिल्म बन गई। सवाल : शूटिंग करते वक्त आपको क्या याद आया? उस दर्द को कितना महसूस किया? सनी : जिस घर में हमारा बचपन गुजरा है, वहां हमारे बुजुर्ग बैठकर बंटवारे की कहानियों पर बात करते थे। उसे सुनकर हम बड़े हुए। उनकी बातें सुनकर हमें बहुत दुख होता था कि ऐसा भी हुआ है। उस समय वो बातें हमारे अंदर बैठ गई थीं। जब यह कहानी सुनाई गई, तो हमने उससे खुद को बहुत जल्दी कनेक्ट कर लिया। फिर हमें तमाम पुरानी चीजें याद आ गईं। सवाल : सनीजी, आपने गदर की शूटिंग लखनऊ में की थी। शहर को कैसे याद करते हैं? जवाब : लखनऊ से जो एक्सपीरियंस मिलता है, उसे कभी नहीं भूल सकता। लोग बहुत प्यार देते हैं। मुझे हमेशा यहां स्पेशल फील होता है। जब भी आता हूं, तो यह सोचता हूं कि दोबारा लखनऊ कब आने को मिलेगा। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें काजल ने पवन सिंह से प्यार का इजहार किया, कहा-आपका प्यार मिलेगा, पावर स्टार बोले-उतना नहीं है लालू परिवार से अलग होने के बाद तेज प्रताप यादव का एक बार फिर दर्द छलका है। तेज प्रताप ने अपने जीवन की तुलना फिल्म 'बाहुबली फिल्म की कहानी से की है। उन्होंने कहा, मेरी जिंदगी में भी एक ‘कटप्पा’ था, जिसने मेर साथ गद्दारी की। अगर ऐसा नहीं हुआ होता तो कृष्ण और अर्जुन साथ रहते। यहां पढ़ें पूरी खबर
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