स्वतंत्रता दिवस से पहले इन 2 बैंकों ने महंगा किया लोन, MCLR में बढ़ोत्तरी, 12 अगस्त से नई ब्याज दरें लागू
पब्लिक सेक्टर के दो बड़े बैंकों ने एक ही दिन लोन के ब्याज दरों (Loan Rates) में बदलाव किया है। मार्जिनल कॉस्ट ऑफ़ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में वृद्धि का ऐलान किया है। बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने एमसीएलआर में 10 बीपीएस की बढ़ोत्तरी की है। केनरा बैंक ने 5 बीपीएस का इजाफा किया है। नए रेट 12 अगस्त 2026 से लागू हो चुके हैं। यह कदम बैंकों ने आरबीआई एमपीसी बैठक की फैसले के बाद उठाया है।
एमसीएलआर वे न्यूनतम दरें होती हैं, जिसके आधार पर बैंक टेन्योर लोन के ब्याज दरों को निर्धारित करते हैं। इसका असर विभिन्न प्रकार के ऋणों और ईएमआई पर पड़ेगा। इससे पहले एचडीएफसी बैंक ने 7 टेन्योर के लिए एमसीएलआर में पांच आधार अंकों की कटौती की थी। वर्तमान में दरें 8.05% से लेकर 8.65% के बीच हैं।
बैंक ऑफ बड़ौदा
बैंक ऑफ़ बड़ौदा की एमसीएलआर दरें 7.50% से लेकर 7.75% है। 1 महीने और ओवरनाइट टेन्योर के लिए कोई बदलाव न करने का फैसला लिया गया है। 1 महीने के लिए एमसीएलआर 7.95% और ओवरनाइट के लिए 7.50% पर बरकरार है। 3 महीने के लिए एमसीएलआर में 10 बीपीएस की वृद्धि की गई है, दरें 8.20% से बढ़कर 8.30% हो चुकी हैं। 6 महीने के लिए दरें 7.50% और 1 साल के लिए 7.75% तक पहुंच चुकी हैं।
केनरा बैंक
केनरा बैंक ने भई एमसीएलआर में 5 बीपीएस की कटौती की है। बदलाव के बाद दरें 7.95% से लेकर 9.10% के बीच है। ओवरनाइट टेन्योर में कोई बदलाव नहीं किया गया है, दरें 7.95% पर बरकरार है। 1 साल के लिए एमसीएलआर बढ़कर 8% से बढ़कर 8.05% हो चुका है। जबकि 3 महीने के लिए एमसीएलआर 8.25% से बढ़कर 8.30%, 6 महीने के लिए 8.65%, 1 साल के लिए 8.80%, 2 साल के लिए 9.05% और 3 साल के लिए 9.10% हो चुकी हैं।
एफडी के ब्याज दरों में बदलाव नहीं
केनरा बैंक और बैंक ऑफ़ बड़ौदा दोनों ही बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। बैंक ऑफ़ बड़ौदा वर्तमान में सामान्य नागरिकों को 7 दिन से लेकर 10 साल तक के एफडी पर 3.50% से लेकर 6.75% ब्याज ऑफर कर रहा है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों को 4% से लेकर 7.25% ब्याज मिल रहा है। जबकि सुपर सीनियर सिटीजन के लिए इंटरेस्ट रेट अधिकतम 7.35% है। केनरा बैंक ने 7 दिन से लेकर 10 साल तक के एफडी पर सामान्य नागरिकों को 3% से लेकर 6.60% ब्याज ऑफर कर रहा है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिकतम ब्याज दर 7.10% हैं
MP में ऊर्जा क्षेत्र को बड़ी सौगात, टोरेंट ग्रुप करेगा 43 हजार करोड़ का निवेश, CM डॉ. मोहन ने की चेयरमैन से मुलाकात
मध्य प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बिजली की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रदेश में बड़े स्तर पर निवेश की तैयारी हो रही है। इसी कड़ी में टोरेंट ग्रुप मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने जा रहा है। इस निवेश से प्रदेश में थर्मल पावर, विंड एनर्जी और पंप्ड स्टोरेज जैसी अलग-अलग परियोजनाओं पर काम होगा। इससे राज्य में 15 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इस सिलसिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अहमदाबाद में टोरेंट ग्रुप और टोरेंट पावर के चेयरमैन समीर मेहता से मुलाकात की। इस बैठक में प्रदेश में चल रही मौजूदा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और भविष्य में होने वाले निवेश की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने टोरेंट ग्रुप को राज्य की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने में साझीदार बनने का आमंत्रण दिया।
इस निवेश योजना के तहत सबसे बड़ी परियोजना अनूपपुर में तैयार हो रही है। टोरेंट पावर यहां 1600 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्थापित कर रहा है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 22 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे क्षेत्र में करीब 7 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। इस प्रोजेक्ट के लिए मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी के साथ जनवरी 2026 में पावर परचेज एग्रीमेंट भी हो चुका है। भूमि अधिग्रहण का काम पूरा कर लिया गया है और मुख्य निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी एलएंडटी तथा टाटा प्रोजेक्ट्स जैसी कंपनियों को दी गई है। फिलहाल परियोजना स्थल पर निर्माण से पहले की तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
ग्रीन एनर्जी पर भी सरकार का फोकस
ग्रीन एनर्जी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार का फोकस सिर्फ थर्मल पावर तक सीमित नहीं है। इसी रणनीति के तहत छिंदवाड़ा में 1500 मेगावाट का पातालकोट पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना में करीब 7500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे करीब 4 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इसके अलावा, रतलाम और उज्जैन जिलों में 250 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। इसमें करीब 2 हजार करोड़ रुपये का निवेश और 500 रोजगार प्रस्तावित हैं। मंदसौर में टोरेंट ग्रुप की 36 मेगावाट की विंड एनर्जी यूनिट पहले से ही चल रही है।
दूसरी थर्मल पावर परियोजना की भी तैयारी
ग्रुप की ओर से राज्य में एक और थर्मल पावर प्रोजेक्ट लगाने की तैयारी की जा रही है। 800 मेगावाट क्षमता की इस दूसरी अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना में करीब 11 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे लगभग 3500 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इस तरह टोरेंट ग्रुप का यह बड़ा निवेश थर्मल पावर, विंड एनर्जी और आधुनिक पंप्ड स्टोरेज के जरिए राज्य में बिजली उत्पादन के साथ-साथ बिजली स्टोरेज की क्षमता को भी बढ़ाएगा।
2036-37 तक बढ़ेगी बिजली की जरूरत
आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश में बिजली की मांग में बड़ी बढ़ोतरी होने का अनुमान है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के आकलन के अनुसार वर्ष 2036-37 तक प्रदेश को करीब 1900 मेगावाट अतिरिक्त ताप विद्युत क्षमता की जरूरत होगी। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार 2800 मेगावाट बिजली की खरीद के लिए डीबीएफओओ मॉडल पर जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टोरेंट पावर के चेयरमैन को इस टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि इस तरह के बड़े ऊर्जा निवेश से न केवल प्रदेश की बिजली जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि औद्योगिक विकास और स्थानीय रोजगार को भी नई दिशा मिलेगी।
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