अजमेर में कांग्रेस का चिंतन शिविर शुरू, अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी हो सकते हैं शामिल
कांग्रेस पार्टी ने अपनी संगठनात्मक मजबूती के लिए राजस्थान के अजमेर में एक दस दिवसीय चिंतन एवं प्रशिक्षण शिविर का आगाज किया है। आज से शुरू हुए इस महत्वपूर्ण शिविर में देशभर से कांग्रेस कमेटी के करीब 100 जिलाध्यक्ष शामिल हो रहे हैं। यह शिविर अगले दस दिनों तक जारी रहेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य पार्टी के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना है।
दरअसल कांग्रेस का यह चिंतन शिविर राजस्थान के अजमेर में चल रहा है। इसकी शुरुआत आज से हुई है और यह 1 जून तक जारी रहेगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के लगभग 100 जिलाध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं। शिविर के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी इन जिलाध्यक्षों से सीधा संवाद करेंगे और उन्हें विभिन्न राजनीतिक एवं संगठनात्मक मुद्दों पर प्रशिक्षित करेंगे। यह शिविर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
क्या है इसका मुख्य उद्देश्य?
वहीं अजमेर में आयोजित इस चिंतन शिविर का मुख्य उद्देश्य पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को और अधिक मजबूती प्रदान करना है। इसके साथ ही, बूथ स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता को बढ़ाने और आम जनता को उनके ज्वलंत मुद्दों से जोड़ने पर भी गहन चर्चा की जाएगी। आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी की नई रणनीति तैयार करने के संबंध में भी इस महत्वपूर्ण शिविर में विस्तृत विचार-विमर्श होगा। कांग्रेस नेताओं का यह मानना है कि ऐसे प्रशिक्षण शिविरों से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं में नया जोश आता है और वे जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने में अधिक प्रभावी ढंग से सक्षम होते हैं। इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस द्वारा इस चिंतन एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है।
ये बड़े नेता भी हो सकते हैं शामिल
दरअसल यह चिंतन एवं प्रशिक्षण शिविर शनिवार 23 मई से शुरू हुआ है और 1 जून तक चलेगा। इस पूरी अवधि के दौरान कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शिविर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। अलग-अलग सत्रों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, सीपी जोशी और भंवर जितेंद्र सिंह सहित कई अन्य प्रमुख नेता भाग लेंगे। ये सभी नेता जिलाध्यक्षों को वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और भविष्य की रणनीतियों पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। शिविर में विभिन्न सत्रों के माध्यम से पार्टी की विचारधारा, नीतियों और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा होगी।
कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाएंगे राहुल गांधी
वहीं शिविर के पहले दिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। ये सभी वरिष्ठ नेता अगले कुछ दिनों तक अजमेर में ही रुककर संगठनात्मक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे और आगे की रूपरेखा तय करेंगे। कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और उन्हें प्रेरित करने के उद्देश्य से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी इस चिंतन शिविर में शामिल हो सकते हैं। उनके संभावित आगमन से कार्यकर्ताओं का मनोबल निश्चित रूप से बढ़ने की संभावना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय नेतृत्व के आगमन की आवश्यक तैयारियां भी की जा रही हैं।
सीधी में शॉर्ट सर्किट से 3 बच्चों की मौत, सीएम डॉ. मोहन यादव ने जताया दुख, पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां ग्राम कसिहवा में शॉर्ट सर्किट से लगी आग ने तीन मासूम बच्चों की जान ले ली। यह दुखद हादसा शनिवार सुबह हुआ, जिसने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल संज्ञान लिया और इसे अत्यंत दुखद एवं हृदय विदारक बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुख की इस घड़ी में प्रदेश सरकार शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के लिए तत्काल राहत राशि की भी घोषणा की है।
सरकार की ओर से 6-6 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मृत बच्चों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 6-6 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जिला रेडक्रॉस सोसायटी, सीधी की ओर से भी परिजनों को 20-20 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता राशि दी गई है, ताकि उन्हें प्रारंभिक संकट से उबरने में मदद मिल सके। यह राशि घटना के तुरंत बाद उपलब्ध कराई गई।
सीधी जिले के ग्राम कसिहवा में हुआ यह दर्दनाक हादसा
यह दर्दनाक घटना सीधी जिले के ग्राम कसिहवा, जो ग्राम पंचायत बघवारी, तहसील गोपद बनास के अंतर्गत आता है, में शनिवार, 23 मई को सुबह लगभग 11:20 बजे घटित हुई। रामरतन साकेत के घर के पास बिजली के पोल से हुए शॉर्ट-सर्किट के कारण अचानक आग लग गई। इस भीषण आग में रामरतन की दो बेटियां, कुमारी घुम्मु उर्फ संध्या साकेत (लगभग 6 वर्ष) और कुमारी रिद्धि (लगभग 1.6 वर्ष), तथा एक बेटा नागेन्द्र (लगभग 3 वर्ष) की मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा घटना पर तत्काल संज्ञान लेने के बाद, उन्होंने पहले 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी, जिसे बाद में राज्य सरकार की ओर से 6-6 लाख रुपये प्रति मृतक कर दिया गया। इसके अलावा, मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा भी परिजनों को 4-4 लाख रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की गई है। जिला प्रशासन सीधी की ओर से भी त्वरित कदम उठाए गए हैं। परिजनों को 5-5 हजार रुपये के मान से कुल 15 हजार रुपये की अंत्येष्टि सहायता राशि प्रदान की गई है, ताकि अंतिम संस्कार की व्यवस्था में कोई बाधा न आए। साथ ही, जिला रेडक्रॉस सोसाइटी सीधी की ओर से पूर्व में ही दी गई 20-20 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि भी इसमें शामिल है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर दोहराया कि सरकार इस संकट की घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी घोषित सहायता राशियां शीघ्रता से उन तक पहुंचाई जाएं। इस घटना ने बिजली सुरक्षा और रखरखाव के महत्व को फिर से उजागर किया है, और प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
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