आपका पैसा- 25 हजार की सैलरी में कैसे बनें करोड़पति:फाइनेंशियल एक्सपर्ट से जानें बचत और निवेश के 9 नियम, न करें ये 13 गलतियां
भारत में ज्यादातर नौकरियों की शुरुआती सैलरी 20-25 हजार रुपए महीने होती है। अगर ये कहा जाए कि इस सैलरी में भी आप करोड़पति बन सकते हैं, तो शायद ये बात पढ़कर हैरानी हो, लेकिन ये मुमकिन है। कम सैलरी से कोई फर्क नहीं पड़ता है, फर्क इस बात से पड़ता है कि हम पैसे को कैसे मैनेज करते हैं। समय पर शुरुआत, सही प्लानिंग और डिसिप्लिन्ड निवेश से कम सैलरी में भी बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में जानेंगे कि 25,000 की सैलरी में करोड़पति कैसे बन सकते हैं। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- क्या 25,000 की सैलरी में 1 करोड़ का फंड बनाना संभव है? जवाब- हां, संभव है। इसके लिए अनुशासित निवेश और कंपाउंडिंग की ताकत का सही इस्तेमाल करना होगा। ये आसान तरीका अपनाएं- सवाल- सैलरी मिलते ही पहला कदम क्या उठाना चाहिए? जवाब- सैलरी आते ही सबसे पहले फ्यूचर प्लानिंग करें। इसका मतलब ये तय करना है कि इन पैसों को आप किस तरह और कहां खर्च करेंगे। इसे सही तरीके से मैनेज करने के लिए आप 50:30:20 का नियम फॉलो कर सकते हैं। इसे ग्राफिक से समझिए- सवाल- करोड़पति बनने के लिए हर महीने कितने रुपए निवेश करना जरूरी है? जवाब- ये पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी छोटी या बड़ी रकम से इन्वेस्टमेंट की शुरुआत करते हैं। म्यूचुअल फंड में लॉन्ग टर्म के लिए औसतन 12% का सालाना रिटर्न एक प्रैक्टिकल मानक है। अपनी सैलरी और बचत के हिसाब से निवेश करके आप करोड़पति बनने का सफर कितने साल में तय कर सकते हैं, ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर किसी की बचत अभी कम है, तो क्या फिर भी करोड़पति बनना संभव है? जवाब- हां, कम बचत से शुरुआत करने पर भी करोड़पति बनना संभव है। इसके लिए सबसे जरूरी है जल्दी शुरुआत, नियमित निवेश और धैर्य। सवाल- कम सैलरी में बचत और निवेश बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए? जवाब- इसका मूल मंत्र है, 'खर्च निकालने के बाद सेविंग न करें, बल्कि सेविंग निकालने के बाद खर्च करें।' सैलरी के अनुसार स्मार्ट निवेश प्लान समझिए- कम सैलरी बचत बढ़ाने के 9 टिप्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- आमतौर पर लोग करोड़पति बनने के सफर में क्या गलती करते हैं? जवाब- करोड़पति बनने के सफर में सबसे बड़ी बाधा कम सैलरी नहीं, बल्कि फाइनेंशियल डिसिप्लिन की कमी है। लोग अक्सर निवेश को 'बचत' समझ लेते हैं, जबकि यह 'वेल्थ क्रिएशन' है। सबसे कॉमन गलती देरी से शुरुआत करना है, जिससे कंपाउंडिंग का लाभ आधा हो जाता है। ग्राफिक में देखिए, क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए- सवाल- क्या निवेश शुरू करने से पहले कोई तैयारी जरूरी है? जवाब- हां, निवेश एक दौड़ की तरह है, जिसके लिए पहले वार्म-अप जरूरी है। बिना तैयारी के निवेश करने पर इमरजेंसी में आपको अपना घाटे में चल रहा पोर्टफोलियो भी बेचना पड़ सकता है। निवेश से पहले इन 4 बातों का ध्यान रखें- सवाल- कम उम्र में निवेश शुरू करने के क्या फायदे हैं? जवाब- निवेश की दुनिया में 'समय' सबसे बड़ा खिलाड़ी है। जितनी कम उम्र में शुरुआत करते हैं, जोखिम उतना ही कम और मुनाफा उतना ही जादुई होता है। इसके मुख्य फायदे ये हैं- कंपाउंडिंग की पावर: कम उम्र में निवेश करने पर पैसे बढ़ने के लिए लंबा समय मिलता है। यहां ब्याज पर मिलने वाला ब्याज (कंपाउंड इंटरेस्ट) छोटे अमाउंट को करोड़ों में बदल सकता है। जोखिम लेने की क्षमता: युवाओं के पास जिम्मेदारियां कम होती हैं, इसलिए वे इक्विटी या स्मॉल कैप जैसे हाई-रिटर्न वाले एसेट्स में निवेश कर सकते हैं। अनुशासित जीवन: जल्दी शुरुआत करने से फिजूलखर्ची पर लगाम लगती है और छोटी उम्र से ही फाइनेंशियल डिसिप्लिन और बचत की आदत बन जाती है। जल्दी रिटायरमेंट: जो लोग 20-22 की उम्र से निवेश शुरू करते हैं, वे अक्सर 45-50 की उम्र तक 'फाइनेंशियल फ्रीडम' हासिल कर लेते हैं। ……………… ये खबर भी पढ़िए आपका पैसा- रियल एस्टेट में निवेश सही या गलत: जानें 5 बड़े फायदे, कब हो सकता नुकसान, एक्सपर्ट से समझें, कैसे बनें स्मार्ट इन्वेस्टर ज्यादातर लोग मानते हैं कि प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करना सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद ऑप्शन है, लेकिन क्या यह हर किसी के लिए सही है? निवेश के बदलते दौर में यह सवाल और भी अहम हो जाता है। रियल एस्टेट निवेश का पॉपुलर ऑप्शन है। हालांकि, इसमें फायदे के साथ कई जोखिम भी होते हैं। इसलिए निवेश से पहले रियल-एस्टेट के बारे में विस्तार से समझना जरूरी है। आगे पढ़िए...
जरूरत की खबर- गर्मी में ओवरहीट हो सकते हैं गैजेट्स:ब्लास्ट का रिस्क, जानें डिवाइस को कैसे रखें कूल, फोन में ऑन करें ये सेटिंग
नौतपा में तापमान 45°C के आसपास पहुंच जाता है। इसका असर हमारे साथ–साथ हमारे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर भी पड़ता है। वो भी ओवरहीट हो सकते हैं। इस दौरान मोबाइल, लैपटॉप, ईयरबड्स या पावर बैंक जल्दी गर्म होते हैं। इससे बैटरी डैमेज, लो परफॉर्मेंस या अचानक डिवाइस बंद होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि- एक्सपर्ट: आशीष जायसवाल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियर, NTPC सवाल- फोन में हीट कैसे बनती है? जवाब- आपने एनर्जी का एक प्रिंसिपल पढ़ा या सुना होगा, E = mc2 इसका मतलब होता है कि ऊर्जा न बनाई जा सकती है, न खत्म होती है, ये सिर्फ बदल जाती है। हमारा फोन भी इसी प्रिसिंपल पर काम करता है। जब फोन यूज होता है तो बैटरी में स्टोर एनर्जी हीट में बदल जाती है। सवाल- नौतपा में मोबाइल/गैजेट्स ज्यादा गर्म क्यों होते हैं? जवाब- हीट का प्रिसिंपल होता है- ये ज्यादा से कम की ओर ट्रैवल करती है। नौतपा में बाहर का टेम्परेचर बहुत ज्यादा होता है। ऐसे में फोन गर्म होने पर ये हीट वातावरण में ट्रांसफर नहीं हो पाती है। इसलिए फोन ज्यादा गर्म होता है। सवाल- किन गैजेट्स में ओवरहीटिंग का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- कुछ गैजेट्स में बैटरी और प्रोसेसर का कॉम्बिनेशन होता है, इससे हीट ज्यादा जेनरेट होती है। अगर ये लगातार इस्तेमाल हों तो ओवरहीटिंग का रिस्क बढ़ जाता है। ऐसी सभी डिवाइस की लिस्ट ग्राफिक में देखिए- सवाल- ओवरहीटिंग से गैजेट्स को क्या नुकसान हो सकता है? जवाब- ये गैजेट की लाइफ कम कर सकती है। सभी नुकसान ग्राफिक में देखिए- सवाल- गैजेट्स को ओवरहीटिंग से कैसे बचाएं? जवाब- गर्मियों में गैजेट्स को ओवरहीटिंग से बचाने के लिए कुछ आसान उपाय किए जा सकते हैं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या हीटिंग कम करने के लिए फोन की सेटिंग में कोई बदलाव कर सकते हैं? जवाब- हां, फोन की सेटिंग्स में कुछ बदलाव करके हीट जनरेशन को काफी हद तक कम किया जा सकता हैं। जैसे- क्या न करें? सवाल- फोन के गर्म होने की सामान्य लिमिट क्या है? जवाब- फोन का हल्का गर्म होना सामान्य है। इसकी एक सेफ लिमिट होती है। पॉइंटर्स से समझते हैं- सवाल- कब समझें कि फोन ओवरहीट हो रहा है? जवाब- यह समझने के लिए कुछ स्पष्ट संकेत होते हैं, जैसे- तो यह साफ संकेत है कि डिवाइस सेफ टेम्परेचर से ऊपर जा चुका है और ओवरहीट हो रहा है। सवाल- लोग फोन चार्ज करते हुए कौन-सी कॉमन गलतियां करते हैं? जवाब- लोग फोन चार्ज करते हुए कुछ कॉमन गलतियां कर देते हैं। इस वजह से फोन डैमेज होने का रिस्क बढ़ जाता है। ग्राफिक में सभी गलतियां देखिए- सवाल- क्या तेज धूप में फोन इस्तेमाल करना खतरनाक है? जवाब- हां, सीधी धूप में फोन की बॉडी और स्क्रीन तेजी से गर्म हो जाती है। इससे इंटरनल टेम्परेचर सेफ लिमिट (लगभग 40–45°C) से ऊपर जा सकता है। इस वजह से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। जैसे- सवाल- अगर गर्मी में फोन ओवरहीट हो जाए तो उसे ठंडा कैसे करें? जवाब- अगर गर्मी में फोन ओवरहीट हो जाए, तो उसे तुरंत 'कूल डाउन' करने के लिए कुछ सही कदम उठाने जरूरी हैें जैसे- ध्यान रखें कि ……………………………………… ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- नेशनल हाईवे पर चलती कार में आग:गर्मियों में बढ़ता रिस्क, ओवरहीटिंग के 10 संकेत, कार को ठंडा रखने के 8 टिप्स 27 अप्रैल को बटाला-अमृतसर नेशनल हाईवे पर चलती कार आग का गोला बन गई। ऐसा ही एक हादसा जालौन (यूपी) के नेशनल हाईवे-27 पर भी हुआ, जहां कार में अचानक आग लग गई। दोनों हादसों की वजह भीषण गर्मी और शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। गनीमत ये रही कि दोनों हादसों में जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। पूरी खबर पढ़ें…
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