Gold Silver Price: सोना-चांदी की कीमतों में आया 22000 तक का उछाल, क्या नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही कीमतें?
Gold Silver Price: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है. भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं. इसका असर कीमती धातुओं पर भी दिखाई दे रहा है. घरेलू वायदा बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है.
इस महीने सोना करीब 12 हजार रुपये महंगा
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में अगस्त के दौरान लगातार तेजी देखने को मिल रही है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने सोना करीब 12 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हो चुका है.
बुधवार के कारोबार में भी सोने की कीमत में करीब 1,200 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसके बाद MCX पर सोना बढ़कर करीब 1,54,964 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया.
तेजी की रफ्तार को देखते हुए बाजार में अब यह चर्चा शुरू हो गई है कि सोना आने वाले समय में मौजूदा स्तरों से और ऊपर जा सकता है.
12 अगस्त को क्या रहा गोल्ड का रेट
12 अगस्त की बात करें तो 24 कैरेट 10 ग्राम गोल्ड का रेट 1,54,860 दर्ज किया गया है. जबकि 18 कैरेट में सोना खरीदते हैं तो 116149 रुपए है.
चांदी में 22 हजार रुपये की जोरदार तेजी
सोने के साथ-साथ चांदी ने भी निवेशकों को चौंकाया है. इस महीने MCX पर चांदी की कीमत में करीब 22,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी बताई जा रही है.
बुधवार को चांदी के भाव में लगभग 3,692 रुपये प्रति किलोग्राम की तेजी आई और कीमत करीब 2,39,351 रुपये प्रति किलो पहुंच गई.
चांदी में औद्योगिक मांग के साथ-साथ निवेश मांग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. ऐसे में वैश्विक अनिश्चितता के बीच इसमें तेजी को बाजार के लिए अहम संकेत माना जा रहा है.
क्या 1.60 लाख रुपये के पार जाएगा सोना?
सोने की आगे की दिशा को लेकर बाजार विशेषज्ञों के अलग-अलग अनुमान सामने आ रहे हैं. Axis Direct ने 2026 के लिए पहले MCX Gold का लक्ष्य 1.40 लाख से 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच रखा था. मौजूदा कीमत उस अनुमानित दायरे से काफी ऊपर निकल चुकी है.
तकनीकी संकेतों के आधार पर यदि तेजी मजबूत बनी रहती है तो सोने के 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर के पार जाने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है. हालांकि, यह केवल बाजार का अनुमान है और वास्तविक कीमत वैश्विक परिस्थितियों के साथ तेजी से बदल सकती है.
चांदी के लिए 3.20 लाख रुपये का अनुमान
चांदी को लेकर भी बाजार में काफी सकारात्मक अनुमान लगाए जा रहे हैं. मोतीलाल ओसवाल ने 2026 के अंत तक चांदी के लिए करीब 3.20 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का लक्ष्य बताया है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं को लेकर तेजी के अनुमान हैं. रिपोर्टों में सोने के करीब 4,509 डॉलर प्रति औंस और चांदी के 72 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंचने की संभावनाओं का उल्लेख किया गया है.
भू-राजनीतिक तनाव बना सबसे बड़ा ट्रिगर
सोने-चांदी में तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजहों में अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव और उससे पैदा हुई वैश्विक अनिश्चितता शामिल है. ऐसे माहौल में निवेशक अक्सर जोखिम वाली परिसंपत्तियों से पैसा निकालकर सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख करते हैं.
इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी नीति और डॉलर की कमजोरी ने भी कीमती धातुओं को सहारा दिया है. डॉलर कमजोर होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है.
निवेशकों को क्या समझना चाहिए?
सोने और चांदी में जारी तेजी आकर्षक जरूर नजर आ रही है, लेकिन ऊंचे स्तरों पर उतार-चढ़ाव का जोखिम भी बढ़ जाता है. भू-राजनीतिक घटनाओं, डॉलर की चाल, ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों में बदलाव का सीधा असर इनकी कीमतों पर पड़ सकता है.
इसलिए 1.60 लाख रुपये का सोना या 3.20 लाख रुपये की चांदी कोई तय भविष्यवाणी नहीं, बल्कि बाजार विशेषज्ञों के अनुमान हैं. निवेश का फैसला मौजूदा कीमत, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर ही लेना बेहतर होगा.
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डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी देने के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है. सोना-चांदी या किसी भी प्रकार के निवेश से जुड़ा फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें. बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है और कीमतों में उतार-चढ़ाव होता रहता है. इस लेख में दी गई जानकारी के आधार पर किए गए किसी भी निवेश के लिए News Nation या लेखक जिम्मेदार नहीं होंगे. निवेश करने से पहले अपने स्तर पर पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है.
झारखंड के 608 युवाओं की बदलेगी किस्मत, ट्रेनिंग के साथ मिलेगी मशीन और रोजगार का मौका
Jharkhand News: झारखंड के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), रांची ने बड़ी पहल की है. आयोग खादी विकास योजना और ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत 608 बेरोजगार युवाओं को अलग-अलग कामों का प्रशिक्षण देगा. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को अपना काम शुरू करने के लिए अनुदान पर मशीन, टूलकिट और जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे.
स्थानीय जरूरत के हिसाब से मिलेगा प्रशिक्षण
इस योजना के तहत युवाओं को ऐसे कामों की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिनकी स्थानीय स्तर पर मांग है और जिनमें कम लागत में रोजगार शुरू किया जा सकता है. प्रशिक्षण में मधुमक्खी पालन, इमली प्रसंस्करण, पॉपकॉर्न बनाने, कुंभकारी, पेपर प्लेट और दोना निर्माण जैसे काम शामिल हैं. इसके अलावा सबाई घास से रस्सी बनाने, एसी और मोबाइल रिपेयरिंग, सिलाई तथा लेदर से जूते-चप्पल बनाने और उनकी मरम्मत का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. इसका उद्देश्य युवाओं को उनके आसपास उपलब्ध संसाधनों और बाजार की मांग के अनुसार रोजगार के अवसर देना है.
अनुदान पर मिलेंगे मशीन और उपकरण
प्रशिक्षण पूरा करने वाले लाभुकों को काम शुरू करने के लिए जरूरी मशीन और उपकरण अनुदान पर दिए जाएंगे. सामान्य वर्ग के लाभुकों को उपकरण की कुल लागत का केवल 20 प्रतिशत हिस्सा देना होगा. वहीं, एससी-एसटी वर्ग के लाभुकों के लिए यह अंशदान 10 प्रतिशत रखा गया है. बीपीएल परिवारों से आने वाले लाभुकों को उपकरण के लिए किसी भी तरह का अंशदान नहीं देना होगा. योजना में एससी-एसटी वर्ग के आवेदकों को प्राथमिकता भी दी जाएगी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को ज्यादा अवसर मिल सकें.
प्रशिक्षण के साथ बाजार भी मिलेगा
केवीआईसी केवल प्रशिक्षण और उपकरण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा. प्रशिक्षण के बाद युवाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री के लिए भी व्यवस्था की जाएगी. इसके लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों में नए खादी संस्थान स्थापित किए जाएंगे. इन संस्थानों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर तैयार सामान को बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश होगी. आयोग का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि अपना कारोबार शुरू कर दूसरों को भी रोजगार देने वाला बनाना है. योजना के संचालन के लिए केवीआईसी ने एनजीओ, सहकारी समितियों, ट्रस्ट और अर्द्धसरकारी संस्थाओं से आवेदन भी आमंत्रित किए हैं. इसके जरिए अधिक से अधिक युवाओं तक प्रशिक्षण और स्वरोजगार की सुविधा पहुंचाने की तैयारी है.
प्रशिक्षणार्थियों की संख्या इस प्रकार होगी
| क्र. सं. | गतिविधि | संख्या |
|---|---|---|
| 1 | मधुमक्खी पालन | 60 |
| 2 | इमली प्रसंस्करण | 100 |
| 3 | पॉपकॉर्न निर्माण | 40 |
| 4 | कुंभकारी | 140 |
| 5 | पेपर प्लेट एवं दोना निर्माण | 40 |
| 6 | सबाई घास से रस्सी निर्माण | 40 |
| 7 | एसी मरम्मत | 20 |
| 8 | मोबाइल मरम्मत | 20 |
| 9 | सिलाई | 20 |
| 10 | लेदर जूता-चप्पल निर्माण | 20 |
| 11 | लेदर जूता-चप्पल मरम्मत (एसटी वर्ग) | 28 |
| कुल | 528 |
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