कैंसर जैसी बीमारी रातों-रात नहीं होती, ये हमारी आदतों, तनाव और जीवनशैली से जुड़े खराब फैसलों का नतीजा : जोंटी रोड्स
मुंबई, 12 अगस्त (आईएएनएस)। साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स ने बताया कि कैंसर जैसी बीमारी रातों-रात नहीं होती है, बल्कि यह खराब अदातों, तनाव और लाइफस्टाइल से जुड़े गलत फैसलों का नतीजा होती है। उन्होंने लोगों को अच्छी जीवनशैली अपनाने की सलाह दी।
करियर के दौरान अपनी शानदार फील्डिंग के लिए मशहूर रहे जोंटी रोड्स एसएसओ कैंसर अस्पताल के ब्रांड एम्बेसडर हैं। उन्होंने हॉस्पिटल द्वारा आयोजित किए गए एक कार्यक्रम में कैंसर को लेकर बात करते हुए कहा, जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बारे में यही दिलचस्प बात है, और यहां हम खास तौर पर कैंसर की बात कर रहे हैं। आप जानते हैं कि ये बीमारियां हमेशा रातों-रात नहीं होतीं, ये उन आदतों, शरीर पर पड़ने वाले तनाव और जीवनशैली से जुड़े हमारे फैसलों का नतीजा होती हैं, जिन्हें हम अपनाते हैं।
साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर ने आगे कहा, हॉकी और क्रिकेट खिलाड़ी होने के नाते मैं भाग्यशाली रहा कि फिटनेस हमेशा ही मेरी जीवनशैली का हिस्सा रहा। मैं ऐसा नहीं कह रहा हूं कि फिट लोगों को कैंसर नहीं होता है, लेकिन मैं हमेशा ही उन विकल्पों के बारे में जागरूक था, जिन्हें मैं अपनाता था। मैंने और मेरी पत्नी ने अपने बच्चों को भी हमेशा ही मुश्किल विकल्पों को चुनना सिखाया है, क्योंकि इन सही विकल्पों को चुनने से उनको भविष्य में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जोंटी रोड्स ने कहा, मैं साल के पांच महीने अपने परिवार के साथ भारत में रहता हूं, इसलिए भारत के मामले में मैं सिर्फ एक पर्यटक नहीं हूं। जब आप किसी देश में रहते हैं, तो आपको अपने आस-पास हो रही चीजों के बारे में अच्छी तरह पता चल जाता है। मेरे परिवार में किसी को कैंसर नहीं हुआ है, लेकिन मैं जानता हूं कि आजकल हमारे में से बहुत से लोग जिस तरह की जीवनशैली अपना रहे हैं, उसमें कैंसर बहुत आम हो गया है। इसी कारण मुझे लगता है कि इस नजरिए से, मुझे जो जानकारी है, वह इसलिए नहीं है कि मैं खुद इससे प्रभावित हुआ हूं, बल्कि इसका मकसद लोगों को यह समझाना है कि कैंसर के बारे में इस तरह की जागरूकता से लोगों के पास कई विकल्प मौजूद हैं।
रोड्स ने कहा कि कैंसर का इलाज संभव है और लोगों को इससे डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत में कैंसर का इलाज करने के लिए कई शानदार डॉक्टर मौजूद हैं, लेकिन एसएसओ कैंसर हॉस्पिटल खासतौर पर इसी बीमारी का इलाज करने के लिए तैयार किया गया है और इसी कारण वह इस अस्पताल से जुड़े हैं।
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79 या 80? इस 15 अगस्त आजादी के कितने साल हो रहे हैं पूरे? दूर करें अपनी सारी उलझन
79th or 80th Independence Day: हर साल 15 अगस्त आते ही पूरे देश में देशभक्ति का माहौल बन जाता है. स्कूलों, कॉलेजों, सरकारी दफ्तरों से लेकर गलियों तक में तिरंगा फहराया जाता है. इस बार यानी 15 अगस्त 2026 को भी देश बड़े ही धूमधाम से अपनी आजादी का जश्न मनाने की तैयारी कर रहा है. लेकिन इस राष्ट्रीय पर्व के करीब आते ही एक बड़ा सवाल हर किसी के दिमाग में घूमता है. लोग अक्सर पूछते हैं कि इस साल भारत अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है या 80वां? अगर आपके मन में भी यह उलझन है तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. इस आसान से गणित को समझकर आप भी सही जवाब जान सकते हैं.
आजादी के साल और समारोह की संख्या का फर्क
इस उलझन का असली कारण आजादी के साल और मनाए जाने वाले समारोहों की संख्या के बीच का अंतर है. जब हम आजादी के सालों की बात करते हैं तो हम 1947 से लेकर अब तक के समय को घटाकर देखते हैं. भारत को 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश हुकूमत से आजादी मिली थी. इस हिसाब से अगर हम गणित लगाएं तो 2026 में से 1947 घटाने पर 79 आता है. इसका मतलब यह हुआ कि 15 अगस्त 2026 को भारत अपनी आजादी के 79 साल पूरे कर लेगा. यानी देश को आजाद हुए पूरे 79 साल बीत चुके होंगे.
दूसरी तरफ, अगर हम यह गिनें कि भारत कितनी बार स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना चुका है, तो कहानी थोड़ी बदल जाती है. जिस दिन भारत आजाद हुआ था, यानी 15 अगस्त 1947, उसी दिन देश का पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था. चूंकि पहला जश्न 1947 में ही मन गया था, इसलिए 1948 में दूसरा जश्न मनाया गया. इस गिनती को अगर हम 2026 तक लेकर आएं तो यह भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह बन जाता है.
सालगिरह और तारीख की गिनती को ऐसे समझें
इस पूरे गणित को समझना बहुत ही आसान है. इसे आप अपने जन्मदिन के उदाहरण से समझ सकते हैं. जब किसी बच्चे का जन्म होता है, तो वह उसका पहला जन्मदिन नहीं बल्कि जन्म का दिन होता है. एक साल पूरा होने पर पहला जन्मदिन मनाया जाता है. लेकिन स्वतंत्रता दिवस के मामले में परंपरा थोड़ी अलग है. जिस दिन देश आजाद हुआ, उसी दिन को पहला स्वतंत्रता दिवस मान लिया गया.
1947 को पहला स्वतंत्रता दिवस माना गया. इसके बाद 1948 को दूसरा और 1949 को तीसरा स्वतंत्रता दिवस कहा गया. इसी तरह आगे बढ़ते हुए साल 2025 में भारत ने अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया था. अब जब 15 अगस्त 2026 की तारीख आएगी, तो यह देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस कहलाएगा. यही वजह है कि जब लोग कहते हैं कि यह 80वां स्वतंत्रता दिवस है, तो वे समारोहों की कुल संख्या की बात कर रहे होते हैं.
क्या सही है: 79वां या 80वां?
अक्सर लोग इस बात को लेकर बहस करने लगते हैं कि 79 कहना सही है या 80 कहना. सच तो यह है कि दोनों ही बातें बिल्कुल सही हैं, बस यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप क्या पूछ रहे हैं. अगर आपसे कोई पूछे कि भारत को आजाद हुए कितने साल हो गए हैं, तो आपका सही जवाब होगा 79 साल. भारत 2026 में अपनी आजादी की 79वीं वर्षगांठ मना रहा है.
वहीं अगर आपसे यह पूछा जाए कि भारत कौन सा स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, तो आपका जवाब होना चाहिए 80वां स्वतंत्रता दिवस. इसलिए किसी भी तरह का भ्रम मन में रखने की जरूरत नहीं है. 79 साल आजादी के पूरे हो रहे हैं और 80वीं बार देश इस खास दिन का जश्न मनाने जा रहा है.
लाल किले पर होगा भव्य आयोजन
15 अगस्त का दिन हर भारतीय के लिए बेहद खास और गर्व का दिन होता है. यह दिन उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने का दिन है जिन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था. इस दिन पूरे देश में झंडा फहराने की रस्म निभाई जाती है और कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.
देश का सबसे मुख्य और बड़ा आयोजन देश की राजधानी नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर होता है. यहां देश के प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं. तिरंगे को सलामी दी जाती है और राष्ट्रगान की गूंज से पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग जाता है. इसके बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हैं. वे देश की उपलब्धियों का बखान करते हैं और भविष्य के सपनों और योजनाओं को जनता के सामने रखते हैं. देश के हर हिस्से में लोग इस दिन को गर्व और खुशी के साथ मनाते हैं.
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