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खेल शुरु! अचानक NSA डोभाल के साथ अमेरिकी राजदूत की सीक्रेट मीटिंग

भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ दिनों में बैठकों का सिलसिला तेज हो गया। इसी कड़ी में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर ने 11 अगस्त को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की। वहीं इस बैठक के बाद सर्जियो गौर ने इससे सार्थक मुलाकात बताया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच करीबी साझेदारी वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए जरूरी है। उनके मुताबिक दोनों देशों के कई लक्ष्य एक जैसे हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है। लेकिन इस मुलाकात की असली अहमियत सिर्फ एक बयान में नहीं बल्कि उस समय में है जब यह बैठक हुई क्योंकि अमेरिकी राजदूत की एनएसए डोभाल के साथ बातचीत से एक दिन पहले उनकी विदेश सचिव विक्रम मिश्री से भी मुलाकात हुई थी। 

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इसके अलावा अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बातचीत के ठीक बाद गौर की डोभाल के साथ यह बैठक हुई। यानी पिछले कुछ दिनों में भारत अमेरिका के शीर्ष स्तर पर संपर्क लगातार बना हुआ है। वहीं विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि अमेरिकी राजदूत और एनएससी डोभाल के बीच दो बैठकें हुई। हालांकि बातचीत के खास मुद्दों को सार्वजनिक नहीं किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दोनों बैठकों में भारत अमेरिका की व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और दूसरे रणनीतिक क्षेत्रों में प्रगति हो रही है और दोनों पक्ष साझेदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सर्जियो गौर की भूमिका अभी इस बैठक को खास बनाती है। वो सिर्फ भारत में अमेरिका के राजदूत नहीं बल्कि दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के विशेष दूत की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसका मतलब ये हुआ कि भारत के साथ-साथ कई और क्षेत्र में अमेरिकी नीति में उनकी भूमिका काफी बड़ी है। 

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आपको बता दें भारत और अमेरिका के रिश्ते इस समय सिर्फ सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं है। व्यापार भी दोनों देशों के एजेंडे में एक बड़ा मुद्दा रहा है। पिछले साल अमेरिका ने भारत पर 50% का टैरिफ लगाया था। जिससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ा। बाद में बातचीत के दौरान टैरिफ को 18% तक लाने पर सहमति बनी। लेकिन व्यापार समझौते को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। भारत की कोशिश है कि अगर कोई व्यापार समझौता होता है तो उसमें टैरिफ को लेकर लंबे समय की स्पष्टता और स्थिरता हो ताकि भविष्य में किसी नए अमेरिकी फैसले से अचानक भारतीय उत्पादों पर शुल्क ना बढ़ जाए और यही वजह है कि एनएसए डोभाल और गौर की लगातार बैठकों को सिर्फ एक सामान्य कूटनीतिक मुलाकात मानना आसान नहीं होगा क्योंकि कई चीजें पिछले कुछ वक्त में देखने को मिली हैं। एक तो ट्रेड को लेकर खींचतान है। उसके अलावा रूसी तेल को लेकर रूसी तेल को लेकर अमेरिका लगातार भारत पर दबाव बना रहा है। 

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ऐसे में ये बैठकें अपने आप में बहुत अहमियत रखती हैं। हालांकि भारत के साथ अमेरिका का जो तनाव है उसे अगर किनारे कर भी दिया जाए तो वैश्विक सुरक्षा का बदलता माहौल, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, ऊर्जा सुरक्षा की चिंता और दक्षिण एशिया में बदलते समीकरण भी अपने आप में बहुत से सवाल खड़े कर रहे हैं। ऐसे समय में भारत और अमेरिका के बीच उच्च स्तर पर लगातार बातचीत यह संकेत देती है कि दोनों देश अपने रणनीतिक हितों को लेकर संपर्क बढ़ा रहे हैं। भारत अपनी विदेश नीति में रणनीतिक स्वायता बनाए रखते हुए अमेरिका के साथ सुरक्षा तकनीक, ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहा है और अमेरिका के लिए भारत सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं बल्कि हिंद प्रशांत और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा साझेदार बन चुका है। यानी एनएसए डोवाल और अमेरिकी राजदूत की लगातार दो दिन की मुलाकात भले ही बंद कमरे में हुई हो लेकिन संदेश काफी साफ है। 

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Airtel यूजर्स को झटका! बंद हुए चार प्रीपेड प्लान, 299 रुपये वाला रीचार्ज भी हुआ गायब

Airtel ने 299 रुपये समेत चार लोकप्रिय प्रीपेड रिचार्ज प्लान को अपने पोर्टफोलियो से हटा दिया है। 299 रुपये वाले प्लान की जगह अब 349 रुपये वाला विकल्प यूजर्स के लिए अहम हो गया है।

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  Sports

Hardik Pandya की कप्तानी शर्त पर GT ने मोड़ा मुंह, IPL ट्रेड अटका!

मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने गुजरात टाइटंस में वापसी के लिए बातचीत की थी, लेकिन उन्हें मना कर दिया गया क्योंकि उन्होंने वापसी के लिए कप्तान बनाए जाने की शर्त रखी थी। 'द इंडियन एक्सप्रेस' के मुताबिक सूत्रों के कहा कि गुजरात टाइटंस उन्हें वापस लाने के लिए तैयार थी। पांड्या ने 2022 में टीम के पहले ही सीज़न में कप्तान के तौर पर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का खिताब जीता था और 2024 में मुंबई इंडियंस में वापस चले गए थे। उन्होंने मौजूदा कप्तान शुभमन गिल से भी इस बारे में बात की थी, लेकिन पांड्या की कप्तानी वाली शर्त डील में रुकावट बन गई।
 

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एक सूत्र ने कहा कि फ्रेंचाइजी उनकी वापसी के लिए तैयार थी। उन्होंने इस बारे में मौजूदा कप्तान शुभमन गिल से भी बात की थी और वह भी इस बात पर सहमत थे कि फ्रेंचाइजी उन्हें वापस ट्रेड कर सकती है। लेकिन जब कप्तानी की शर्त रखी गई, तो सभी ने इसके लिए मना कर दिया। पांड्या की कप्तानी में गुजरात टाइटंस ने 2022 में IPL का खिताब जीता था। GT ने फ़्रैंचाइज़ी के अपने पहले ही सीज़न में ट्रॉफी जीती। अगले साल टीम दूसरे स्थान पर रही। इसके बाद 2024 में पांड्या मुंबई इंडियंस में चले गए।

तब से शुभमन गिल ने खुद को एक भरोसेमंद कप्तान के तौर पर स्थापित किया है। वे अभी भारत के लिए क्रिकेट के दो अलग-अलग फ़ॉर्मेट में कप्तानी कर रहे हैं। इसमें अभी चल रही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप भी शामिल है। वह 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में भी भारत की कप्तानी करेंगे। इसे देखते हुए, गुजरात शायद कप्तानी में स्थिरता बनाए रखना चाहता है। वे गिल की बढ़ती कप्तानी के दौर में कोई बदलाव नहीं करना चाहते।
 

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यह वैसी ही स्थिति है जैसी पहले मुंबई इंडियंस ने खुद पांड्या के साथ देखी थी। 2023 में उन्हें विवादित तरीके से दोबारा कप्तानी सौंपी गई थी। क्रिकबज़ के अनुसार, मुंबई इंडियंस दूसरी जगहों पर भी ट्रेड के ऑप्शन तलाश रही है। कोलकाता नाइट राइडर्स और चेन्नई सुपर किंग्स इसमें दिलचस्पी दिखा रही हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लखनऊ सुपर जायंट्स और राजस्थान रॉयल्स के नाम भी चर्चा में हैं। कई बातचीत के बावजूद, अभी तक कोई पक्की ट्रेड डील नहीं हो पाई है। मुंबई इंडियंस ने भी आधिकारिक तौर पर पांड्या के ट्रेड के लिए उपलब्ध होने की पुष्टि नहीं की है। क्रिकबज़ के सूत्रों का कहना है कि हो सकता है कि उनका ट्रेड न हो।
 
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Wed, 12 Aug 2026 18:31:51 +0530

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