सामने दुश्मन है या अपना ही राफेल-तेजस, फ्रेंडली फायर का खतरा कैसे टलता है S-400?
S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम का आईएफएफ (IFF) तकनीक आधुनिक युद्धक्षेत्र में फ्रेंडली फायर यानी अपने ही विमानों पर गलती से होने वाले हमलों को रोकने वाला सुरक्षा कवच है. यह सिस्टम आसमान में अज्ञात लड़ाकू विमानों को एन्क्रिप्टेड रेडियो कोड भेजकर सेकंड्स में मित्र या दुश्मन की सटीक पहचान करता है. भारतीय वायुसेना के एकीकृत नेटवर्क (IACCS) के साथ मिलकर यह तकनीक भारत की हवाई सुरक्षा को अभेद्य और अचूक बनाती है.
Quad Meeting: भारत की मेजबानी में 26 मई को जुटेंगे क्वाड देशों के विदेश मंत्री, दिल्ली बैठक के एजेंडे में क्या है खास?
Quad Meeting: वैश्विक मोर्चे पर भारत की कूटनीतिक धमक एक बार फिर देखने को मिलने वाली है। देश की राजधानी नई दिल्ली आगामी 26 मई (मंगलवार) को 'क्वाड' (Quadrilateral Security Dialogue) समूह के विदेश मंत्रियों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में दुनिया के मौजूदा हालातों, विशेष रूप से पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के संकट और हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific) की सुरक्षा को लेकर गहन चर्चा होगी। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कई मोर्चों पर भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है।
दिल्ली जुटेंगे दुनिया के दिग्गज नेता
भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भारत आ रहे हैं।
इस बेहद खास रणनीतिक बातचीत की अगुवाई भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर करेंगे। अपनी भारत यात्रा के दौरान ये सभी विदेशी नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी शिष्टाचार मुलाकात करेंगे। इसके अलावा एस जयशंकर के साथ इन नेताओं की अलग से द्विपक्षीय बातचीत भी होगी।
क्या होगा इस बार की बैठक का एजेंडे?
विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि इस चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के विजन को आगे बढ़ाना है। यह बैठक पिछले साल 1 जुलाई 2025 को वॉशिंगटन डीसी में हुई बातचीत की अगली कड़ी के रूप में देखी जा रही है।
MEA ने कहा, "क्वाड के चारों देश मिलकर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने, पुरानी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों सहित आपसी चिंता के वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे।"
चीन की आक्रामकता और यूक्रेन युद्ध पर नजर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बैठक में दुनिया के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों पर बात होगी। यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के अलावा, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता और दखलअंदाजी पर भी चारों देश मिलकर रणनीति तैयार करेंगे।
पिछले कुछ सालों में क्वाड ने बुनियादी ढांचे के विकास, कनेक्टिविटी और समुद्री सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। साल 2024 में अमेरिका के विल्मिंगटन में हुए क्वाड शिखर सम्मेलन में भी समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए बड़े ऐलान किए गए थे।
अगले क्वाड शिखर सम्मेलन का बनेगा रोडमैप
नई दिल्ली में होने वाली यह बैठक इसलिए भी खास है क्योंकि इसी साल भारत में ही 'क्वाड शिखर सम्मेलन' (Quad Summit) का भी आयोजन होना है। विदेश मंत्रियों की यह मुलाकात उस बड़े सम्मेलन के लिए एक ठोस एजेंडा और रोडमैप तैयार करने का काम करेगी।
भारत वर्तमान में इस समूह की अध्यक्षता कर रहा है, जिसके चलते वह क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चल रही रणनीतिक वार्ताओं को और गति देने की कोशिश में जुटा है।
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