कराची प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन हो रहा है। यह प्रदर्शन इजराइल के खिलाफ हो रहा है। क्योंकि पाकिस्तानी नागरिक इजराइल के हिरासत में चला गया है। वो इजराइल जिसे पाकिस्तान मान्यता ही नहीं देता। वो इजराइल जिसके लिए कहा ये जाता है कि पाकिस्तान के पासपोर्ट पर आप वहां ट्रैवल नहीं कर सकते हैं क्योंकि वो उसे मान्यता ही नहीं देता है। उसके बावजूद भी इजराइल ने एक पाकिस्तानी नागरिक को उठा लिया है। दरअसल हुआ यह कि गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाने की लगातार मुहिम चलाई जा रही है। इसी मुहिम में एक पाकिस्तानी शख्स जिसका नाम बताया जा रहा है साद अधी और दूसरे लोग जो हैं वह गिरफ्तार किए गए। बताया जाता है कि ग्लोबल स्मूद फ्लोटिला नामक यह जो अभियान है वह गाजा के लिए चिकित्सकीय सामग्री खाद्य पदार्थ दूसरे जरूरी राहत सामग्री लेकर जा रहा था। साद एदी पाकिस्तान के एक प्रसिद्ध एदी परिवार के सदस्य हैं जो देश के सबसे बड़े कल्याणकारी संगठन का संचालन करते हैं। उनके पिता फैसल अधी जिनका बयान हमने सुनवाया कि इजराइली वनों ने उन्हें साइपरस के निकट अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में फ्लोटिला की कुछ नाकाओं को रोक लिया और उन्होंने कहा कि यह स्थान इजराइल से लगभग 500 किमी दूर है।
अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में किसी विदेशी नागरिक को गिरफ्तार करने का विरोध किया जा रहा है और फैसल अधी ने सरकार पाकिस्तानी सरकार से अपने बेटे और तमाम कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहाई करने के लिए कूटनीतिक दबाव बनाने की अपील की है। दरअसल इजराइल जो है वो इस तरह की मुहिम को जो लोग गाजा जाना चाहते हैं उस पे वो समुद्री ब्लॉकेट बिठाए हुए हैं। और यही वजह है कि जो लोग गाजा इस तरह के राहत सामग्री लेकर जाना चाहते हैं बिना इजराइल की मंजूरी के जो इजराइल कहता है कि हमारी मंजूरी के बिना आप नहीं जा सकते उन पर इस तरह की वो कार्रवाई करता है और आपको बता दें कि ये जो विवाद है वो सिर्फ पाकिस्तान से जुड़ा हुआ नहीं है। भले ही पाकिस्तानी शख्स जो है वो इजराइल की गिरफ्त में आ गया है। लेकिन इसमें कई देशों के मानव अधिकार कार्यकर्ता हैं। इजरायली नागरिक भी हैं जिसको लेकर विवाद हुआ है। इजराइल के अंदर भी सरकार की एकमत राय नहीं है। जो वीडियोस जारी हुए उसमें जिस तरह का सलूक किया जा रहा है वहां के जो राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री हैं वो इन्हें आतंकी समर्थक बता रहे थे। जब वीडियो सामने आया तो लोग भड़क गए। कई देशों ने आपत्ति जताई।
पाकिस्तान में प्रदर्शन हुआ तो इटली की पीएम जॉर्जिया मैलिनी ने इजराइल से माफी तक की मांग की है। वहीं इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्या ने भी अपने मंत्री के व्यवहार पर सवाल खड़े किए हैं। और तो और इजराइली सरकार में जो मंत्री हैं वो भी आपस में उलझ गए हैं इस पूरे मामले को लेकर कि आखिर आप इस तरह से क्यों इजराइल के मिशन को बर्बाद कर रहे हैं इस तरह के अग्रेसिव कैंपेनिंग के जरिए। इन्हीं लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जिसकी तस्वीरें भी सामने हमने आपको दिखाई हैं और लगातार इस पर जो तनातनी का माहौल है वह अंतरराष्ट्रीय स्तर से लेकर उनके देश की राजनीति में भी दिखाई पड़ रहा है। इजराइल के पीएम जामिनू ने इस मामले में तत्काल जो गिरफ्तार लोग हैं उनमें से ज्यादातर लोगों की रिहाई उनको डिपोर्ट करने की बात कही है। ऐसे में आने वाले दिनों में भले ही ये टेंशन किसी और रुख ले ले लेकिन बहुत दिलचस्प है कि एक पाकिस्तानी नागरिक जिसे इजराइल जाने की मनाही होती है वो वैध वीजा पर तो नहीं जाता है लेकिन इजराइल उसे गिरफ्तार करके जरूर अपने देश के अंदर ले आता है जिसके बाद पाकिस्तान के अंदर प्रदर्शन हो रहे होते हैं। हालांकि सबसे बड़ी बात यह है कि पाकिस्तान गाजा पीस प्लान का हिस्सा है जो अमेरिका चला रहा है और अपने ही देश में वो कई मामलों में घिरा हुआ।
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