ब्रिक्स देशों ने सीबीडीसी और फास्ट पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने पर की चर्चा: आरबीआई गवर्नर
नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि ब्रिक्स (बीआरआईसीएस) देशों के बीच फास्ट पेमेंट सिस्टम और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) को आपस में जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा चल रही है, जिसका उद्देश्य सीमा-पार भुगतान को तेज, सस्ता और अधिक कुशल बनाना है। यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब भारत सितंबर 2026 में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की तैयारी कर रहा है।
ब्रिक्स समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य सदस्य देश शामिल हैं। मुंबई में आयोजित एफआईबीएसी सम्मेलन को संबोधित करते हुए संजय मल्होत्रा ने कहा कि सीमा-पार भुगतान ब्रिक्स देशों की साझा प्राथमिकताओं में शामिल है, क्योंकि इस क्षेत्र में लागत कम करने और भुगतान प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने कहा कि खुदरा भुगतान को तेज और किफायती बनाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। आरबीआई गवर्नर के अनुसार, फिलहाल कई विकल्प चर्चा के स्तर पर हैं, जिनमें सीबीडीसी का उपयोग और विभिन्न देशों के फास्ट पेमेंट सिस्टम के बीच कनेक्टिविटी स्थापित करना शामिल है।
मल्होत्रा ने कहा, सीमा-पार भुगतान ऐसा क्षेत्र है जिसमें हम सभी, विशेषकर ब्रिक्स देश, गहरी रुचि रखते हैं। हमें लगता है कि यहां ट्रांजैक्शन लागत कम करने की व्यापक संभावना है। विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, लेकिन अभी यह प्रक्रिया चर्चा के चरण में है।
उन्होंने यह भी बताया कि आरबीआई भारतीय रुपए के अंतरराष्ट्रीयकरण और व्यापार एवं भुगतान में स्थानीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयास जारी रखे हुए है। इस दिशा में भारत पहले से कई देशों के साथ स्थानीय मुद्रा-आधारित व्यापार व्यवस्थाएं लागू कर चुका है।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारत ने इंडोनेशिया, मालदीव, मॉरीशस और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ द्विपक्षीय स्थानीय मुद्रा व्यवस्था स्थापित की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे लेनदेन की मात्रा बढ़ाने के लिए और प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि डॉलर पर निर्भरता कम हो और व्यापार लागत में कमी आए।
अपने संबोधन में संजय मल्होत्रा ने भारतीय बैंकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को केवल जोखिम के रूप में नहीं, बल्कि एक अवसर के रूप में देखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में भारतीय बैंक निष्क्रिय नहीं रह सकते।
उन्होंने कहा, भारतीय बैंक केवल किनारे बैठकर बदलाव का इंतजार नहीं कर सकते। उन्हें एआई को अपनाना होगा और इसके बेहतर उपयोग के लिए मजबूत नीतियां बनानी होंगी। उन्होंने बैंकों को सलाह दी कि वे अपने सभी एआई मॉडल्स की सूची तैयार करें और एआई गवर्नेंस से संबंधित बोर्ड-स्वीकृत नीतियां लागू करें।
वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए आरबीआई गवर्नर ने स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अन्य भू-राजनीतिक घटनाक्रम निकट अवधि में भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार और नीति निर्माताओं द्वारा उठाए गए कदम लंबे समय में भारतीय अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा और उर्वरक आपूर्ति स्रोतों का विविधीकरण, ऊर्जा खपत की तीव्रता में कमी, एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा और मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) जैसे कदम भारत की आर्थिक मजबूती को बढ़ाने में मदद करेंगे।
मल्होत्रा ने विश्वास जताया कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर स्थिति में है। उनके अनुसार, बैंकों के पास मजबूत पूंजी आधार, कम गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) और स्वस्थ लाभप्रदता है, जिससे वे वैश्विक अनिश्चितताओं का प्रभावी ढंग से सामना कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मजबूत बैंकिंग प्रणाली, डिजिटल भुगतान ढांचे का विस्तार और स्थानीय मुद्रा-आधारित व्यापार व्यवस्था भारत को वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाने में मदद करेगी। ब्रिक्स देशों के बीच भुगतान प्रणालियों और सीबीडीसी को जोड़ने की दिशा में चल रही चर्चा भी इसी व्यापक आर्थिक रणनीति का हिस्सा है।
--आईएएनएस
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Awarapan 2 की एडवांस बुकिंग में जलवा, अब तक बिकी 37 हजार से ज्यादा टिकटें
इमरान हाशमी करीब 19 साल बाद आवारापन 2 के जरिए शिवम पंडित के किरदार में बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रहे हैं। फिल्म की रिलीज में अब कुछ ही दिन बाकी हैं और इससे पहले ही इसकी एडवांस बुकिंग को लेकर अच्छा रिस्पॉन्स देखने को मिल रहा है। टिकटों की बिक्री को देखते हुए माना जा रहा है कि इमरान हाशमी की इस फिल्म को लेकर फैंस के बीच काफी क्रेज है।
37 हजार से ज्यादा टिकटों की बिक्री
साल 2007 में रिलीज हुई आवारापन भले ही बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं कर पाई थी, लेकिन अपने गानों और टीवी पर लगातार दिखाए जाने के बाद फिल्म की अलग पहचान बन गई। समय के साथ यह फिल्म कल्ट मूवी के तौर पर पसंद की जाने लगी। अब इसी वजह से आवारापन 2 को लेकर भी फैंस के बीच काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म की अब तक 37,183 टिकटें बिक चुकी हैं। इसमें सभी भाषाओं में होने वाली स्क्रीनिंग की टिकटें शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: भारतीय फैंस की याद आती है... Atif Aslam ने किया खुलासा, भारत में लगे बैन पर भी की बात
1.3 करोड़ के करीब पहुंची एडवांस बुकिंग
एडवांस बुकिंग के ग्रॉस कलेक्शन की बात करें तो आवारापन 2 अब तक करीब 1.3 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करने की ओर है। फिल्म की रिलीज में अभी दो दिन बाकी हैं, ऐसे में टिकटों की बिक्री में और तेजी आने की उम्मीद है। अगर बुकिंग इसी रफ्तार से जारी रही तो रिलीज से पहले फिल्म की एडवांस बुकिंग 50 हजार टिकटों के आंकड़े को पार कर सकती है। ऐसे में फिल्म की ओपनिंग को लेकर भी उम्मीदें बढ़ गई हैं। इसे भी पढ़ें: Ramayana के VFX पर मचा था भयंकर बवाल, Ranbir Kapoor ने अब आलोचकों को दिया करारा जवाब
14 अगस्त को रिलीज होगी फिल्म
इमरान हाशमी स्टारर आवारापन 2 को लेकर फैंस लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म 14 अगस्त 2026, शुक्रवार को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर आवारापन 2 का मुकाबला सनी देओल की फिल्म बंटवारा 1947 से होगा। अब देखना होगा कि इमरान हाशमी की लंबे समय बाद वापसी बॉक्स ऑफिस पर कितना असर डालती है।
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