Abhishek Banerjee: कलकत्ता हाईकोर्ट से अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत; अमित शाह पर टिप्पणी मामले में पुलिस की कार्रवाई पर रोक
Abhishek Banerjee: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। गुरुवार को हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल पुलिस को आदेश दिया है कि वह चुनावी रैलियों के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ दिए गए कथित बयानों को लेकर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कोई भी दंडात्मक या कठोर कार्रवाई (Coercive Action) न करे।
हालांकि, इस राहत के साथ ही कोर्ट रूम के भीतर जज ने बंगाल की राजनीतिक स्थिति को लेकर बेहद तल्ख और तीखी टिप्पणियां की हैं।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने अभिषेक बनर्जी की तरफ से रैलियों में दिए गए बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया। कोर्ट ने पूछा कि आखिर उनके द्वारा ऐसे "गैर-जिम्मेदाराना बयान" क्यों दिए गए? जज ने तीखे लहजे में सवाल किया, "अगर तृणमूल कांग्रेस (TMC) यह चुनाव जीत जाती, तो क्या होता? इस राज्य का चुनाव के बाद होने वाली हिंसा (Post-Poll Violence) का एक बहुत ही काला इतिहास रहा है।"
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य यहीं नहीं रुके, उन्होंने टीएमसी में अभिषेक बनर्जी के कद को लेकर भी सवाल उठाए। जज ने पूछा कि क्या सार्वजनिक सभा में उनके द्वारा की गई टिप्पणियां तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव जैसे गरिमामय पद से मेल खाती हैं? हालांकि, कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अभिषेक बनर्जी को 31 जुलाई तक के लिए पुलिसिया कार्रवाई से सुरक्षा दे दी है और इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की है।
वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) राजदीप मजूमदार ने अभिषेक बनर्जी की याचिका का विरोध किया। उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया कि इस मामले की जांच कानून की उचित प्रक्रिया के तहत ही की जाएगी और किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।
पूछताछ के लिए देना होगा 48 घंटे पहले नोटिस
अदालत ने अभिषेक बनर्जी को राहत देने के साथ ही जांच एजेंसी (साइबर क्राइम पुलिस) के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण गाइडलाइन भी जारी की है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि यदि पुलिस इस मामले में पूछताछ के लिए टीएमसी सांसद को समन जारी करना चाहती है, तो उन्हें कम से कम 48 घंटे पहले (48 Hours in Advance) लिखित नोटिस देना होगा। कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को भी निर्देश दिया है कि वे जांच में पूरा सहयोग करें और जांच अधिकारी द्वारा भेजे गए नोटिस का पालन करें।
इसके साथ ही कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के विदेश जाने पर भी पाबंदी लगा दी है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, वे अदालत की अनुमति (Leave of the Court) लिए बिना देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकते हैं। अगर उन्हें किसी भी कारण से विदेश यात्रा करनी है, तो उन्हें पहले कोर्ट से कानूनी मंजूरी लेनी होगी।
जानिए क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के प्रचार के दौरान 27 अप्रैल को हुई एक जनसभा से जुड़ा है। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने एक प्रतिद्वंद्वी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ बेहद भड़काऊ और आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसका कनेक्शन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी जोड़ा गया था। इस मामले को रद्द कराने के लिए ही सांसद ने हाईकोर्ट का रुख किया था।
चुनाव नतीजों के ठीक एक दिन बाद, 5 मई को सामाजिक कार्यकर्ता राजीब सरकार ने उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले बागुईआटी थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि बनर्जी के बयान भड़काऊ थे और उनसे सार्वजनिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने का गंभीर खतरा था। इसी शिकायत के आधार पर 15 मई को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में औपचारिक रूप से एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी, जिसकी जांच अब कोर्ट के आदेशानुसार जारी रहेगी।
Taxi Drivers: दिल्ली एनसीआर में टैक्सी ड्राइवरों ने आज से शुरू की हड़ताल, ईंधन की कीमतों की वजह से आक्रोश
Taxi Drivers: दिल्ली और पूरे NCR इलाके में आज 21 मई से ऑटो, टैक्सी और ऐप आधारित कैब ड्राइवरों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई है। यह हड़ताल 21 से 23 मई तक चलेगी। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और दिल्ली चालक शक्ति यूनियन ने इस हड़ताल का आह्वान किया है। इन तीन दिनों में टैक्सी और ऑटो से रोजाना सफर करने वाले लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
ड्राइवरों का कहना है कि ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतें,वही पुराना किराया और ऐप कंपनियों के कारण हो रहे नुकसान उनकी कमर तोड़ रहे हैं। कैब ड्राइवरों के अनुसार, CNG और पेट्रोल-डीजल की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि गरीब आदमी का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि पूरी रात गाड़ी चलाने के बाद भी हाथ कुछ नहीं लगता।
ड्राइवरों की कमाई बहुत कम
ड्राइवरों की स्थिति काफी खराब है। उन्होंने बताया कि गाड़ी की किस्त, CNG और तेल का खर्च निकालने के बाद 12 घंटे काम करने पर भी सिर्फ 500-600 रुपये ही बच पाते हैं। कई बार तो 500 रुपये बचाना भी बहुत मुश्किल हो जाता है। उनका कहना है कि मेहनत के हिसाब से कमाई बहुत कम हो गई है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
ईंधन कीमतों में हालिया बढ़ोतरी
हाल ही में ईंधन की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। 19 मई को पेट्रोल 86 पैसे और डीजल 83 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल-डीजल में 3 रुपये और CNG में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। सरकार ने उत्पाद शुल्क घटाकर और तेल कंपनियों को कुछ राहत देकर कीमतों में बढ़ोतरी को 4.4 प्रतिशत तक सीमित रखा है।
तेल कंपनियों को भी नुकसान
वहीं दूसरी तरफ ऐसा बताया जा रहा है कि उत्पाद शुल्क कम करने से सरकार को 30,000 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है। तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीजल पर 24,500 करोड़ रुपये और LPG की कीमतें स्थिर रखने पर 40,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
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