गुड़-चना खाने के फायदे: शरीर को मिलेगी एनर्जी, पाचन से लेकर इम्युनिटी तक में दिखेगा असर
Jaggery Chana Benefits: गुड़ और चना भारतीय घरों में खाए जाने वाले ऐसे पारंपरिक खाद्य पदार्थ हैं, जो स्वाद के साथ पोषण भी देते हैं। गुड़ जहां प्राकृतिक मिठास और कुछ खनिजों का स्रोत है, वहीं चने में प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। दोनों को साथ खाने से एक ऐसा स्नैक तैयार हो जाता है, जिसे कम मेहनत में डाइट में शामिल किया जा सकता है।
अगर आपको दिन के बीच में बार-बार कुछ मीठा या नमकीन खाने का मन करता है, तो गुड़-चना बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि, इसे सीमित मात्रा में खाना जरूरी है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या है।
गुड़-चना खाने के 6 संभावित फायदे
शरीर को मिलती है तुरंत एनर्जी
गुड़ में कार्बोहाइड्रेट और प्राकृतिक शर्करा होती है, जबकि चना प्रोटीन और जटिल कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है। ऐसे में गुड़-चना खाने से शरीर को ऊर्जा मिल सकती है। दिनभर काम करने या शारीरिक गतिविधि के दौरान इसे छोटे स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है। हालांकि, ज्यादा मात्रा में गुड़ खाने से अतिरिक्त कैलोरी भी बढ़ सकती है।
पाचन के लिए फायदेमंद
चना फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है। भोजन में पर्याप्त फाइबर शामिल करने से पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है और कब्ज की समस्या से राहत मिल सकती है। गुड़ को भी पारंपरिक रूप से भोजन के बाद खाया जाता रहा है, लेकिन इसे पाचन संबंधी समस्याओं का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद
चना में मौजूद प्रोटीन और फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं। ऐसे में गुड़-चना खाने के बाद बार-बार स्नैकिंग की इच्छा कम हो सकती है। वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए यह एक उपयोगी स्नैक हो सकता है, बशर्ते गुड़ की मात्रा कम रखी जाए और कुल कैलोरी का ध्यान रखा जाए।
आयरन पाने का एक विकल्प
गुड़ में कुछ मात्रा में आयरन पाया जाता है, जबकि चने में भी आयरन सहित कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसलिए गुड़-चना संतुलित डाइट का हिस्सा बनकर शरीर को आयरन की आपूर्ति में योगदान दे सकता है। हालांकि, एनीमिया या आयरन की कमी होने पर केवल गुड़-चना पर निर्भर रहना सही नहीं है।
मांसपेशियों के लिए प्रोटीन
चना पौधे आधारित प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। प्रोटीन शरीर में मांसपेशियों, ऊतकों और कोशिकाओं के निर्माण और रखरखाव के लिए जरूरी होता है। इसलिए रोजमर्रा की डाइट में चना शामिल करना उपयोगी हो सकता है। गुड़ के साथ चना खाने से यह एक स्वादिष्ट और आसानी से उपलब्ध स्नैक बन जाता है।
इम्युनिटी के लिए पोषण
गुड़ और चने में मौजूद विभिन्न पोषक तत्व शरीर की सामान्य पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे सकते हैं। चने में प्रोटीन, फोलेट और अन्य माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मिलते हैं। अच्छी इम्युनिटी के लिए सिर्फ किसी एक खाद्य पदार्थ पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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1. ग्रीन टी रिंस
ग्रीन टी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स की वजह से इसे स्कैल्प केयर में भी जगह मिली है। ठंडी की गई ग्रीन टी को हेयर रिंस के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह सिर की त्वचा को फ्रेश महसूस कराने में मदद कर सकती है। किसी भी नए प्रयोग की तरह पहले पैच टेस्ट करना बेहतर रहेगा।
2. राइस वॉटर
चावल से तैयार पानी को बालों में चमक और सॉफ्टनेस के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसे शैंपू के बाद रिंस की तरह लगाया जा सकता है। इससे बालों में स्मूदनेस महसूस हो सकती है। हालांकि, संवेदनशील स्कैल्प वालों को इसे लगाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए।
3. आंवला वॉटर
आंवला हेयर केयर का पारंपरिक हिस्सा रहा है। इसमें मौजूद पोषक तत्वों की वजह से इसे बालों की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आंवले से तैयार पानी को रिंस के रूप में अपनाया जा सकता है। इससे बालों को फ्रेश रखने और नियमित केयर में मदद मिल सकती है।
4.रोजमेरी वॉटर
रोजमेरी वॉटर इन दिनों हेयर केयर में खूब इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे स्कैल्प पर लगाने से बालों की सामान्य देखभाल में मदद मिल सकती है। पहली बार इस्तेमाल करने पर थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर जरूर देखें। किसी तरह की जलन या लालिमा होने पर इसे लगाने से बचें।
5. मेथी वॉटर
मेथी के दानों को पानी में भिगोकर तैयार किया गया मिश्रण बालों पर लगाया जा सकता है। यह रूखेपन को कम करने और बालों को मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है। इसे तैयार करने के लिए मेथी को कुछ घंटे भिगोकर पानी छान लें। तैयार मिश्रण को बालों पर लगाने के बाद अच्छी तरह धो लें।
6. प्याज का पानी
प्याज का पानी घरेलू हेयर केयर में काफी समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे कुछ लोग बालों की ग्रोथ और देखभाल के लिए आजमाते हैं। इसकी तेज गंध या किसी प्रतिक्रिया से बचने के लिए इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।
7. एलोवेरा रिंस
एलोवेरा अपने मॉइस्चराइजिंग गुणों के लिए जाना जाता है। इसका इस्तेमाल ड्राई स्कैल्प और बेजान बालों की सामान्य देखभाल के लिए किया जा सकता है। एलोवेरा जेल को पानी के साथ मिलाकर हल्का रिंस तैयार किया जा सकता है।
8. बनाना ऑयल रिंस
केला और तेल का मिश्रण ड्राई हेयर के लिए घरेलू देखभाल का एक विकल्प हो सकता है। इससे बालों को नमी और सॉफ्टनेस देने में मदद मिल सकती है। इसे बालों की लंबाई पर लगाया जा सकता है। मिश्रण को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है, ताकि बालों में चिपचिपापन न रहे।
इस्तेमाल से पहले इन बातों का ध्यान रखें
- किसी भी नए मिश्रण को लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।
- खुजली, जलन, लालिमा या सूजन दिखाई दे तो इस्तेमाल तुरंत रोक दें।
- लगातार हेयर फॉल या स्कैल्प की परेशानी होने पर विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
(Disclaimer): यह जानकारी सामान्य हेयर केयर के लिए है। घरेलू रिंस किसी बीमारी या गंभीर हेयर फॉल का इलाज नहीं हैं। समस्या बनी रहने पर योग्य त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
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