PM Modi Italy Visit: पीएम मोदी के सामने हिंदी में बात करने लगी मेलोनी, पूरी दुनिया में शुरू हो गई चर्चा
PM Modi Italy Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इटली के दौरे पर हैं. इस दौरान, इतालवी प्रधानमंत्री ने हिंदी में बात करके दुनिया भर का ध्यान आकर्षित कर लिया. उन्होंने हिंदी में ज्वाइंट प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है. इसके अलावा, उन्होंने भारत और इटली के संबंधों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में मेहनत और प्रतिबद्धता को अहम बताया.
26 साल में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री द्विपक्षीय रिश्तों के लिए इटली पहुंचा
पीएम मोदी की इटली यात्रा को मेलोनी ने खास बताया और कहा कि ये द्विपक्षीय रिश्तों के लिए ऐतिहासिक मोड़ है. मेलोनी ने कहा कि वर्तमान वक्त दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों के सबसे हाईलेवल पर है. मेलोनी ने कहा कि साल 2000 के बाद पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री द्विपक्षीय रिश्तों के लिए इटली आए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2023 में पीएम मोदी की इटली यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की शुरुआत की थी. इसके बाद साल 2024 में ब्राजील जी20 शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं ने 2025-2029 के लिए संयुक्त कार्ययोजन पर साइन किए थे.
Thank you for the gift pic.twitter.com/7ePxbJwPbA
— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) May 20, 2026
द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य 20 अरब यूरो
इतालवी प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत और इटली ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 14 अरब यूरो से बढ़ाकर 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते से इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी. भारत और इटली ने रक्षा, ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल क्षमता और इटली की औद्योगिक ताकत मिलकर रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा कर सकती है.
साल 2027, इटली-इंडिया ईयर ऑफ कल्चर एंड टूरिज्म के रूप में होगा सेलिब्रेट
मेलोनी ने ‘InnovIT India’ पहल और नई दिल्ली में बनने वाले टैलेंट सेंटर का भी जिक्र किया, जो स्टार्टअप्स, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करेगा. इटालियन प्रधानमंत्री ने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर को वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन के लिए बहुत अहम माना है. साल 2027 को इटली-इंडिया ईयर ऑफ कल्चर एंड टूरिज्म के रूप में बनाने की भी घोषणा की गई है.
PM Narendra Modi tweets, "The talks with Prime Minister Meloni were excellent. Her commitment to furthering the India-Italy friendship is commendable. Bilateral ties between our nations have advanced significantly in sectors like trade, space, technology and more. In order to… pic.twitter.com/Tv19NzYoT3
— ANI (@ANI) May 20, 2026
पीएम मोदी ने मेलोनी को टॉफी का पैकेट दिया
पीएम मोदी मंगलवार पांच देशों की यात्रा के आखिरी पड़ाव पर रोम पहुंचे थे. उन्होंने नॉर्वे, स्वीडन, नीदरलैंड और यूएई का भी दौरान किया था. पीएम मोदी ने इटली दौरे के दौरान, इतालवी प्रधानमंत्री से मुलाकात की और मेलोनी को मेलोडी टॉफी का एक पूरा पैकेट भी दिया.
La visita del Primo Ministro dell’India, @narendramodi, sancisce l'apice di un percorso che in questi anni abbiamo costruito con costanza e determinazione.
— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) May 20, 2026
Oggi a Roma eleviamo il nostro rapporto a partenariato strategico speciale, cioè il più alto mai raggiunto nelle relazioni… pic.twitter.com/3C64Jxhaoc
Gujarat: भरूच में बुलेट ट्रेन के लिए 130 मीटर लंबा स्टील पुल बनकर हुआ तैयार, सामने आई तस्वीर
Gujarat: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अंतर्गत गुजरात के भरूच जिले में भारतीय रेलवे के माल ढुलाई गलियारे पर बने 130 मीटर लंबे स्टील पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया है. यह पुल डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के ऊपर बनाया गया है और आधुनिक इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण माना जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि योजनाबद्ध 330 मीटर लंबे स्टील पुल के ढांचे में से 230 मीटर का निर्माण हो चुका है. बुधवार (20 मई) को जारी एक बयान के अनुसार, यह पुल ट्रालसी गांव के पास बनाया जा रहा है और पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के सूरत और वडोदरा खंडों के बीच डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (डीएफसीसीआईएल) की पटरी को पार करता है.
अधिकारियों ने दी ये जानकारी
परियोजना अधिकारियों ने बताया कि यह पुल तीन स्पैन वाला स्टील ढांचा है, जिसमें 100+130 मीटर का एक निरंतर स्पैन और 100 मीटर का एक साधारण रूप से समर्थित स्पैन शामिल है. 130 मीटर लंबे निरंतर स्पैन के प्रक्षेपण का कार्य 16 मई को पूरा हो गया. नया प्रक्षेपणित स्पैन लगभग 18 मीटर ऊंचा और 15.5 मीटर चौड़ा है, जिसका वजन लगभग 2,900 मीट्रिक टन है. अधिकारियों ने बताया कि लगभग 1,500 मीट्रिक टन वजनी 100 मीटर लंबा साधारण रूप से समर्थित स्पैन मार्च में ही निर्माण स्थल पर स्थापित कर दिया गया था. शेष 100 मीटर का निरंतर भाग, जिसका वजन लगभग 1,600 मीट्रिक टन है, भी मौजूदा स्थान पर ही स्थापित किया जाएगा. तीनों खंड पूरे होने के बाद, पुल की पूरी संरचना का वजन लगभग 6,100 मीट्रिक टन होगा.
पुल से जुड़ी खास बातें
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, स्टील पुल के पुर्जे उमरगम स्थित कार्बन फैक्ट्री कार्यशाला में निर्मित किए गए थे और इन्हें 100 वर्षों के परिचालन जीवनकाल के लिए डिजाइन किया गया है. 130 मीटर के भाग को जमीन से लगभग 14 मीटर की ऊंचाई पर एक अस्थायी तिपाई पर इकट्ठा किया गया था, जिसके बाद इसे दो अर्ध-स्वचालित जैक द्वारा समर्थित एक स्वचालित प्रक्षेपण प्रणाली का उपयोग करके आगे बढ़ाया गया. प्रत्येक जैक में मैक-अलॉय बार के माध्यम से 250 टन तक धकेलने की क्षमता थी. अधिकारियों ने बताया कि इस भाग के निर्माण में लगभग 1,21,373 टॉर-शियर टाइप हाई स्ट्रेंथ (टीटीएचएस) बोल्ट, धातु के बियरिंग और सी5 सिस्टम सुरक्षात्मक पेंटिंग का उपयोग किया गया था.
(स्त्रोत:- आईएएनएस)
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