भारतीय क्रिकेट टीम के चयन को लेकर इस समय काफी चर्चा चल रही है और खासकर ऋषभ पंत को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट और एकदिवसीय श्रृंखला के लिए टीम घोषित होने के बाद मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने साफ कर दिया है कि टीम प्रबंधन अभी भी ऋषभ पंत को भारतीय टेस्ट टीम का अहम खिलाड़ी मानता है। हालांकि उन्हें टेस्ट उपकप्तानी से हटाकर केएल राहुल को यह जिम्मेदारी दी गई है और एकदिवसीय टीम में उनकी जगह ईशान किशन को मौका मिला है।
बता दें कि 28 वर्षीय ऋषभ पंत लंबे समय से भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में मैच जिताने वाली पारियां खेलते रहे हैं। लेकिन हाल के समय में उनकी कप्तानी और सीमित ओवरों के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। आईपीएल 2026 में भी उनकी टीम लखनऊ सबसे नीचे रही, जिसके बाद उनके नेतृत्व को लेकर चर्चा और तेज हो गई थी।
अजीत अगरकर ने वर्चुअल प्रेस वार्ता में कहा कि ऋषभ पंत भारतीय टेस्ट टीम के सबसे महत्वपूर्ण बल्लेबाजों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि टीम चाहती है कि पंत वही शानदार टेस्ट बल्लेबाज बनें, जिसके लिए उन्हें जाना जाता है। अगरकर ने यह भी कहा कि इंग्लैंड दौरे पर चोटिल होने से पहले पंत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था और टेस्ट टीम में उनकी जगह को लेकर कोई चिंता नहीं है।
गौरतलब है कि एकदिवसीय टीम में इस बार ईशान किशन को मौका दिया गया है। ईशान ने हाल ही में टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहते हुए शानदार प्रदर्शन किया था। इसके अलावा आईपीएल 2026 में भी उन्होंने हैदराबाद के लिए आक्रामक बल्लेबाजी से काफी प्रभावित किया है। इसी वजह से चयनकर्ताओं ने फिलहाल एकदिवसीय प्रारूप में ईशान किशन पर भरोसा जताया है।
अगरकर ने केएल राहुल को टेस्ट उपकप्तान बनाए जाने पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राहुल पहले भी भारत की टेस्ट कप्तानी कर चुके हैं और उनके पास अनुभव है। चयन समिति को लगा कि अगर किसी कारण शुभमन गिल उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो राहुल टीम को संभालने के लिए सबसे सही विकल्प होंगे।
इस दौरान रविंद्र जडेजा और अक्षर पटेल को लेकर भी बड़ा बयान सामने आया। मौजूद जानकारी के अनुसार रविंद्र जडेजा को सिर्फ इस टेस्ट मुकाबले के लिए आराम दिया गया है। चयनकर्ताओं ने साफ किया कि जडेजा अब भी भारतीय टेस्ट टीम के प्रमुख स्पिनर हैं। वहीं अक्षर पटेल को एकदिवसीय टीम से बाहर रखकर नए खिलाड़ियों को मौका देने की कोशिश की जा रही है।
युवा खिलाड़ी हर्ष दुबे को टेस्ट और एकदिवसीय दोनों टीमों में जगह मिली है। अगरकर ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में होने वाले अगले विश्व कप को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ता नए विकल्पों को आजमाना चाहते हैं।
मोहम्मद शमी को लेकर भी काफी सवाल हुए। अगरकर ने बताया कि फिलहाल शमी का शरीर सिर्फ छोटे प्रारूप के लिए तैयार माना जा रहा है, इसलिए चयन बैठक में उनके नाम पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई। हालांकि जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज औकिब नबी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वह चयन के काफी करीब थे। औकिब ने रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए 60 विकेट लिए थे और जम्मू-कश्मीर को पहली बार खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी।
अगरकर ने जसप्रीत बुमराह की फिटनेस पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बुमराह धीरे-धीरे अपना कार्यभार बढ़ा रहे हैं और उम्मीद है कि इंग्लैंड दौरे तक वह पूरी तरह फिट होकर वापसी करेंगे।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने आईपीएल के दौरान खिलाड़ियों की फिटनेस निगरानी पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि आईपीएल में खिलाड़ियों की देखभाल फ्रेंचाइजी करती हैं, लेकिन बीसीसीआई की चिकित्सा टीम भी लगातार खिलाड़ियों की स्थिति पर नजर रखती है। हालांकि आईपीएल के दौरान बोर्ड सीधे ज्यादा हस्तक्षेप नहीं करता है।
क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में भारतीय टीम में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि चयनकर्ता अब भविष्य की टीम तैयार करने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
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आईपीएल 2026 में इस समय अगर किसी युवा खिलाड़ी की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वह नाम वैभव सूर्यवंशी का है। सिर्फ 15 साल की उम्र में राजस्थान की ओर से खेल रहे इस बल्लेबाज ने मंगलवार को जयपुर में लखनऊ के खिलाफ ऐसी पारी खेली, जिसने पूरे क्रिकेट जगत को एक बार फिर चौंका दिया। वैभव ने महज 38 गेंदों में 93 रन ठोक दिए और कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं।
बता दें कि राजस्थान को इस मुकाबले में 221 रन का बड़ा लक्ष्य मिला था। लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाकर मैच का रुख बदल दिया। हालांकि वह शतक से सिर्फ 7 रन दूर रह गए, लेकिन उनकी पारी ने राजस्थान की जीत लगभग तय कर दी थी। आखिर में ध्रुव जुरेल ने नाबाद 53 रन बनाकर टीम को 19.1 ओवर में जीत दिला दी। इस जीत के साथ राजस्थान अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गई है।
गौरतलब है कि वैभव सूर्यवंशी अब आईपीएल इतिहास में सबसे कम उम्र में एक सीजन में 500 रन पूरे करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऋषभ पंत के नाम था, जिन्होंने 20 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी। वैभव ने इस सीजन में अब तक 574 रन बना लिए हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार वैभव का स्ट्राइक रेट भी इस सीजन में इतिहास रच रहा है। उनका स्ट्राइक रेट 236.3 का है, जो आईपीएल इतिहास में 500 से ज्यादा रन बनाने वाले किसी भी बल्लेबाज का सबसे तेज स्ट्राइक रेट माना जा रहा है। उन्होंने इस मामले में आंद्रे रसेल, अभिषेक शर्मा, निकोलस पूरन, ट्रेविस हेड और क्रिस गेल जैसे बड़े बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है।
वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन में छक्कों की बारिश भी कर दी है। वह आईपीएल के एक सीजन में 50 से ज्यादा छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। उनके नाम अब तक 53 छक्के दर्ज हो चुके हैं। इस सूची में उनसे आगे सिर्फ क्रिस गेल हैं, जिन्होंने 2012 में 59 छक्के लगाए थे।
लखनऊ के खिलाफ इस मुकाबले में वैभव ने 10 छक्के जड़े। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास के सिर्फ तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं, जिन्होंने एक पारी में दो बार 10 या उससे ज्यादा छक्के लगाए हैं। उनसे पहले यह कारनामा सिर्फ क्रिस गेल और अभिषेक शर्मा ने किया था।
मैच की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ सुपर जायंट्स ने 20 ओवर में 220 रन बनाए थे। मिशेल मार्श ने 96 रन और जोश इंग्लिस ने 60 रन की शानदार पारी खेली थी। एक समय ऐसा लग रहा था कि यह स्कोर जीत के लिए काफी होगा।
लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत में थोड़ा समय लिया। उन्होंने पहली 12 गेंदों में सिर्फ 11 रन बनाए थे। इसके बाद उन्होंने अचानक रफ्तार पकड़ ली। आकाश सिंह के एक ओवर में 26 रन और मयंक यादव के एक ओवर में 29 रन बटोरकर उन्होंने मैच पूरी तरह राजस्थान की तरफ मोड़ दिया।
उन्होंने सिर्फ 23 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। जब मोहसिन खान ने उन्हें 93 रन पर आउट किया, तब तक मैच लगभग राजस्थान की मुट्ठी में आ चुका था। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन में अपनी बल्लेबाजी से यह साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है।
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