'IIT से होकर भी यहीं हो?'40 हजार की नौकरी के इंटरव्यू में ताने ने तोड़ दिया था, आज अमेरिका में करोड़ों की कमाई
अमेरिका में काम कर रहे एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर और IIT BHU के पूर्व छात्र आकाश सम्पूर्णानंद पांडेय ने हाल ही अपने करियर की यात्रा का एक किस्सा शेयर किया है। ये बात उस वक्त की है जब वो स्ट्रगल कर रहे थे।
Imran Khan Death Rumour: इमरान खान की मौत का दावा या अफवाह? पाकिस्तानी पत्रकार के खुलासे से जेल से लेकर सड़क तक हड़कंप
पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो जारी कर सनसनीखेज दावा किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सेना के तीन उच्च पदस्थ सूत्रों ने उनसे बातचीत में यह आशंका व्यक्त की है कि रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद पूर्व पीएम इमरान खान अब जीवित नहीं हैं।
पत्रकार ने हालांकि तुरंत यह स्पष्टीकरण भी दिया कि न तो उन्होंने और न ही उनके सूत्रों ने खुद इमरान खान को मृत देखा है। यह दावा केवल सैन्य अधिकारियों की आशंकाओं पर आधारित है, लेकिन इसके बावजूद इस खबर ने पूरे पाकिस्तान में हड़कंप मचा दिया है।
Senior Pakistani journalist Wajahat S. Khan claims three senior army officers fear former PM Imran Khan may be dead in prison - YouTube video post pic.twitter.com/tbfxcxzGv8
— NextMinute News (@nextminutenews7) August 12, 2026
मुलाकात पर लंबे समय से पाबंदी, परिजनों और वकीलों का बढ़ा शक
इमरान खान की सेहत को लेकर अफवाहों को हवा मिलने का सबसे बड़ा कारण जेल प्रशासन का रवैया बना हुआ है। इमरान की बहनों और पीटीआई के शीर्ष नेताओं का आरोप है कि उन्हें पिछले कई हफ़्तों से अदियाला जेल में पूर्व प्रधानमंत्री से मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। अदालत के स्पष्ट आदेशों के बावजूद बार-बार मुलाकात टालने से परिवार और समर्थकों के मन में इमरान खान की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा हो गई हैं।
पीटीआई का उग्र आंदोलन का ऐलान, लाखों समर्थकों को तैयार रहने का संदेश
पत्रकार के दावे और जेल में सस्पेंस के बाद पीटीआई नेतृत्व ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी नेताओं ने सरकार और जेल प्रशासन से तत्काल इमरान खान का वीडियो संदेश जारी करने या उनके वकीलों-परिजनों को सीधी मुलाकात कराने की मांग की है। पीटीआई की ओर से चेतावनी जारी की गई है कि यदि इमरान खान की सलामती का पुख्ता सबूत नहीं दिया गया, तो लाखों कार्यकर्ता रावलपिंडी और इस्लामाबाद का घेराव करेंगे और इसके लिए प्रशासन सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा।
सरकार और जेल प्रशासन पर गहराया संकट, पहले भी उड़ चुकी हैं अफवाहें
यह पहली बार नहीं है जब इमरान खान की हिरासत में मौत या गंभीर बीमारी की खबरें वायरल हुई हैं। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर फर्जी दस्तावेज और अफवाहें उड़ी थीं, जिस पर अदियाला जेल प्रशासन को सफाई देनी पड़ी थी। हालांकि, इस बार पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व और शहबाज शरीफ सरकार पर विपक्षी दलों का भारी दबाव है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार ने जल्द ही इस मामले में पारदर्शिता नहीं दिखाई, तो स्थिति हाथ से निकल सकती है।
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