बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद पूर्व BJP सांसद प्रज्वल रेवन्ना के सेल में छापेमारी के दौरान एक मोबाइल फोन मिलने के बाद उनके खिलाफ़ एक नई FIR दर्ज की गई है। रेवन्ना रेप केस में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं। इसी जेल में बंद प्रताप राय नाम के एक विचाराधीन कैदी का नाम भी इस मामले में शामिल किया गया है। जेल अधिकारियों के अनुसार, सोमवार दोपहर सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने हाई-प्रोफाइल कैदियों की तलाशी के तहत एक रेड की। रेवन्ना की सेल से फ़ोन के अलावा पेन ड्राइव और चार्जर जैसी चीज़ें भी बरामद हुईं। तलाशी अभियान करीब चार से पांच घंटे तक चला। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान कोई और प्रतिबंधित सामान नहीं मिला। सामान मिलने के बाद, जेल के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट को सस्पेंड कर दिया गया है। बेंगलुरु सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
रेवन्ना को अगस्त 2025 में दोषी ठहराया गया था और बार-बार यौन उत्पीड़न, वॉयरिज़्म (दूसरों को छिपकर नग्न अवस्था में देखना) और सबूत मिटाने का दोषी पाए जाने के बाद उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी। रेवन्ना के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के मामले 2024 के आम चुनावों से पहले तब सामने आए थे, जब हासन से लोकसभा उम्मीदवार रहे उनके कथित अश्लील वीडियो वायरल हुए थे। रेवन्ना ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि वीडियो मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ किए गए) थे। 28 अप्रैल और 10 जून 2024 के बीच, उनके खिलाफ़ चार FIR दर्ज की गईं, साथ ही बेंगलुरु के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशनों में दो मामले भी दर्ज किए गए। उनके पिता, एचडी रेवन्ना के खिलाफ़ भी एक अलग मामला दर्ज किया गया।
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पूर्व सांसद और रेप के दोषी प्रज्वल रेवन्ना के पास बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में उनकी बैरक के अंदर एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन मिला। इसके बाद जेल अधिकारियों के खिलाफ जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस महानिदेशक (जेल और सुधार सेवाएं) आलोक कुमार ने बुधवार को बताया कि सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने मंगलवार को हाई-सिक्योरिटी जेल में पांच घंटे तक छापेमारी की थी। इस दौरान हाई-प्रोफाइल कैदियों और अन्य कैदियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह फोन जब्त किया गया।
प्रज्वल रेवन्ना के पास मोबाइल फोन मिलने पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कैदी कौन है। उसने अपराध किया है, वह जेल में है, बस यही मायने रखता है। वह हाई-प्रोफाइल हो या लो-प्रोफाइल, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। सबसे पहले, यह मेरे विभाग के अधिकारियों के लिए एक संदेश है कि हम ऐसी चीजें बर्दाश्त नहीं करेंगे। दूसरी बात, कैदियों के लिए भी संदेश बहुत साफ है - चाहे वे हाई-प्रोफाइल हों या लो-प्रोफाइल - कि आप भ्रष्ट तरीकों से विभाग को प्रभावित नहीं कर सकते... कल हमने जेलों और कुछ खास सेल में अचानक छापेमारी करने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि कुछ हाई-प्रोफाइल कैदियों और अन्य कैदियों के पास अधिकारियों को मोबाइल फोन, नोटबुक और ऐसी चीजें मिलीं जिनकी जेल में इजाजत नहीं है। ऐसा लगता है कि हमारे लोग कैदियों के साथ मिले हुए हैं। और हां, हमने सख्त चेतावनी जारी की है। हम जेलों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का ऑडिट भी कर रहे हैं। जो कोई भी इन कैदियों को डिवाइस या जरूरत से ज्यादा चीजें उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में हुई ज़ब्ती के बाद, ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में DIG (साउथ) की सिफ़ारिश पर असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट इराना रंगापुर को सस्पेंड कर दिया गया है। बेंगलुरु सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कुमार ने कहा, "इस घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।" कुमार ने बताया, "11 अगस्त 2026 को CCB ने हाई सिक्योरिटी जेल में कई हाई-प्रोफाइल और अन्य कैदियों की 4-5 घंटे तक तलाशी ली, लेकिन इस दौरान कोई और प्रतिबंधित सामान नहीं मिला।"
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