इंग्लैंड में फिर हारने पहुंची पाकिस्तान टीम! भारतीय फैंस इस चैनल पर देख सकेंगे ENG VS PAK टेस्ट सीरीज के मुकाबले
ENG VS PAK Live Streaming: पाकिस्तान क्रिकेट टीम इस वक्त इंग्लैंड दौरे पर है. दोनों टीमों के बीच 3 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाने वाली है, जिसका पहला मुकाबला लीड्स में खेला जाएगा. ये सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है. ऐसे में दोनों ही टीमें बेस्ट प्रदर्शन करके अंक हासिल करना चाहेंगी. इस बात में कोई शक नहीं है कि इस सीरीज में मेजबानों को फेवरेट माना जा रहा है, क्योंकि पिछली बार पाकिस्तान ने इंग्लैंड में 1996 में टेस्ट सीरीज जीती थी. हालांकि, पाकिस्तान पुराने रिकॉर्डस को भुलाकर बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी. ऐसे में पाकिस्तान-इंग्लैंड के बीच कांटे की टक्कर वाला मैच देखने को मिलेगा. तो आइए जान लेते हैं कि भारतीय फैंस किस चैनल पर इस मुकाबले को देख सकेंगे.
ENG VS PAK: कितने बजे शुरू होगा इंग्लैंड-पाकिस्तान पहला टेस्ट मैच?
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेली जाने वाली 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला लीड्स में खेला जाएगा. ये मैच लोकल टाइमजोन के हिसाब से सुबह 11 बजे शुरू होगा, जबकि भारतीय समयानुसार ये मुकाबला दोपहर 3.30 बजे से शुरू होगा, जिसमें टॉस के लिए दोनों कप्तान 3 बजे मैदान पर उतरेंगे.
ENG VS PAK: लाइव कहां देख सकते हैं इंग्लैंड-पाकिस्तान टेस्ट?
19 अगस्त से इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच पहला टेस्ट मैच शुरू होगा. इस मैच पर भारतीय फैंस की भी नजरें होंगी. ऐसे में भारतीय फैंस अगर इस मैच को टीवी पर देखना चाहते हैं, तो उन्हें सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर जाना होगा. वहीं, इसकी लाइव स्ट्रीमिंग सोनीलिव पर आएगी. मगर, इसके लिए आपके पास इस ऐप का सब्सक्रिप्शन होना जरूरी है.
WTC अंक तालिका में किस स्थान पर हैं इंग्लैंड और पाकिस्तान?
आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 की अंक तालिका में इंग्लैंड की टीम सातवें स्थान पर है. इंग्लैंड ने 13 मैच खेले हैं, जिसमें 4 मैच जीते हैं, 8 में हार का सामना किया है और एक मैच ड्रॉ हुआ है. वहीं, पाकिस्तान का भी अंक तालिका में बुरा हाल है. पाकिस्तान ने 6 मैच खेले हैं, जिसमें 2 मैच जीते, 4 मैच हारे.
इंग्लैंड में कैसा रहा है पाकिस्तान का प्रदर्शन?
इंग्लैंड क्रिकेट टीम और पाकिस्तान क्रिकेट टीम के बीच इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच अब तक कुल 92 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिसमें इंग्लैंड ने 30 मैच जीते हैं, तो पाकिस्तान ने 23 मैच अपने नाम किए हैं. वहीं, 39 मुकाबले ड्रॉ पर खत्म हुए हैं. आपको बता दें, पाकिस्तान ने इंग्लैंड में आखिरी बार टेस्ट सीरीज 1996 में जीती थी, उसके बाद से उसे वहां हार का सामना करना पड़ा है. ऐसे में अब बाबर आजम एंड कंपनी अपने रिकॉर्ड्स को बेहतर करने और इंग्लैंड के खिलाफ बेस्ट प्रदर्शन करके जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी.
| साल | सीरीज का नतीजा | पाकिस्तान की जीत |
|---|---|---|
| 1987 | पाकिस्तान ने सीरीज जीती | 1-0 |
| 1992 | पाकिस्तान ने सीरीज जीती | 2-1 |
| 1996 | पाकिस्तान ने सीरीज जीती | 2-0 |
ऐसी हैं दोनों टीमें
इंग्लैंड टीम: जो रूट (कप्तान), जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, शोएब बशीर, हैरी ब्रुक, ब्रायडन कार्स, सैम कुक, जॉर्डन कॉक्स, बेन डकेट, मैथ्यू फिशर, एमिलियो गे, डैन लॉरेंस, ऑली पोप, ऑली रॉबिन्सन, जेमी स्मिथ, जोश टंग
पाकिस्तान टीम: बाबर आजम (कप्तान), आमिर जमाल, अब्दुल्ला शफीक, अली उस्मान, अजान ओवैस, इमाम-उल-हक, खुर्रम शहजाद, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद अली, मोहम्मद रिजवान, मुहम्मद ओवैस जफर, मुहम्मद गाजी घोरी, साजिद खान, सलमान अली आगा, सऊद शकील, शान मसूद, उबेद शाह
इंग्लैंड-पाकिस्तान टेस्ट सीरीज का शेड्यूल
| मैच | तारीख | मुकाबला | मैदान | शहर |
|---|---|---|---|---|
| पहला टेस्ट | 19-23 अगस्त 2026 | इंग्लैंड ???????? vs पाकिस्तान ???????? | Headingley | लीड्स |
| दूसरा टेस्ट | 27-31 अगस्त 2026 | इंग्लैंड ???????? vs पाकिस्तान ???????? | Lord's | लंदन |
| तीसरा टेस्ट | 9-13 सितंबर 2026 | इंग्लैंड ???????? vs पाकिस्तान ???????? | Edgbaston | बर्मिंघम |
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पिछले एक दशक में टाटा संस का नेतृत्व करना एक बड़ा सम्मान और एक गहरी जिम्मेदारी रही है: एन चंद्रशेखरन
नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। टाटा ग्रुप के साथ चार दशक पूरे कर चुके एन चंद्रशेखरन ने बुधवार को समूह के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल को एक बड़ा सम्मान और एक गहरी जिम्मेदारी बताया। टाटा संस के चेयरमैन के रूप में उन्होंने अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है। उनका वर्तमान कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होगा और उन्होंने कंपनी के बोर्ड को सूचित कर दिया है कि वह इसके बाद चेयरमैन पद के लिए अपना नाम नहीं देंगे। यह फैसला टाटा संस की 18 अगस्त को होने वाली वार्षिक आम बैठक (एजीएम) से पहले सामने आया है।
चंद्रशेखरन ने टाटा समूह में अपने 40 वर्षों के सफर को याद करते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठित संस्थान का हिस्सा बनना और इसके विकास में योगदान देना उनके लिए सम्मान की बात रही है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक तक टाटा संस का नेतृत्व करना उनके जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारियों और उपलब्धियों में शामिल रहा है।
अपने बयान में उन्होंने कहा, मैंने टाटा समूह में अपने पेशेवर जीवन के 40 वर्ष पूरे किए हैं। इस प्रतिष्ठित संस्थान के विकास में योगदान देने का अवसर मेरे लिए अत्यंत संतोषजनक रहा है। पिछले एक दशक से टाटा संस का नेतृत्व करना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान और एक गहरी जिम्मेदारी रही है।
उन्होंने बताया कि उनका वर्तमान कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त हो रहा है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से मेरे अगले कार्यकाल को पांच वर्षों के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया था। इस प्रस्ताव की सिफारिश टाटा संस की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी और बोर्ड ने भी की थी। इसके बाद 24 फरवरी 2026 को इस प्रस्ताव को टाटा संस बोर्ड के समक्ष रखा गया था।
चंद्रशेखरन ने आगे कहा, हालांकि यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका क्योंकि बोर्ड के एक सदस्य ने इसका समर्थन नहीं किया। सर्वसम्मति का समर्थन नहीं मिलने के कारण मैंने निर्णय को स्थगित करने का विकल्प चुना।
उन्होंने कहा कि उस बोर्ड बैठक को अब छह महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। टाटा संस एक बहुत बड़ा संस्थान है और समूह की कई रणनीतिक परियोजनाएं इस समय महत्वपूर्ण चरण में हैं। फरवरी 2027 के बाद समूह का नेतृत्व करने के लिए नए नेता की स्पष्टता होना आवश्यक है। यह केवल संगठन के लिए ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों, निवेशकों, साझेदारों और अन्य हितधारकों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
अपने इस्तीफे के फैसले के बारे में उन्होंने कहा, इन परिस्थितियों में मैंने आज पहले टाटा संस बोर्ड को सूचित कर दिया है कि 20 फरवरी 2027 को मेरा कार्यकाल समाप्त होने के बाद मैं दोबारा नियुक्ति के लिए अपना नाम प्रस्तुत नहीं करूंगा। मैंने बोर्ड से अनुरोध किया है कि वह जल्द से जल्द उत्तराधिकार पर निर्णय ले, ताकि नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके।
बयान के अंत में उन्होंने सभी हितधारकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, मैं सभी हितधारकों के समर्थन के लिए आभारी हूं। सादर, चंद्रा।
गौरतलब है कि एन. चंद्रशेखरन 1987 में टाटा समूह से जुड़े थे। वर्ष 2009 में उन्हें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बनाया गया, जहां उन्होंने कंपनी को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इसके बाद 2017 में उन्हें टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया था।
पिछले एक वर्ष के दौरान टाटा समूह को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। एयर इंडिया से जुड़े नियामकीय मामलों, टीसीएस पर मूल्य निर्धारण के दबाव और जगुआर लैंड रोवर पर हुए साइबर हमले जैसी घटनाओं ने समूह को प्रभावित किया। इसके अलावा टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच मतभेद पहले भी सामने आ चुके हैं। वर्ष 2016 में तत्कालीन चेयरमैन साइरस मिस्त्री को हटाए जाने के दौरान भी दोनों संस्थाएं सुर्खियों में रही थीं।
अब चंद्रशेखरन के इस फैसले के बाद टाटा समूह के अगले नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। निवेशकों, कर्मचारियों और उद्योग जगत की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि टाटा संस का अगला चेयरमैन कौन होगा और वह समूह को किस दिशा में आगे ले जाएगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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