फिजिकल हेल्थ- हीट एडेमा क्या है:गर्मियों में बढ़ते केस, डॉक्टर से जानें इसके लक्षण, किसे ज्यादा रिस्क, बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
गर्मियों में कई बार हाथ-पैर में सूजन हो जाती है। ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, यह ‘हीट एडेमा’ का संकेत हो सकता है। दरअसल गर्मी बढ़ने पर शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए कई बदलाव करता है, जिनका असर ब्लड वेसल्स और फ्लूइड बैलेंस पर पड़ता है। नतीजा ये होता है कि पैरों, टखनों या हाथों में हल्की सूजन हो जाती है। यह स्थिति आमतौर पर खतरनाक नहीं होती, लेकिन ये बार-बार होना किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज हीट एडेमा की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- हीट एडेमा क्या है? जवाब- हीट एडेमा एक मेडिकल कंडीशन है। इसमें कुछ बॉडी ऑर्गन्स (खासकर पैरों, टखनों और हाथों) में हल्की सूजन हो जाती है। इसमें आमतौर पर दर्द नहीं होता, सिर्फ हैवीनेस या स्किन में खिंचाव महसूस होता है। यह कंडीशन आमतौर पर खतरनाक नहीं होती। सवाल- हीट एडेमा क्यों होता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- हीट एडेमा के सभी संभावित कारण ग्राफिक में देखिए- सवाल- हीट एडेमा के क्या संकेत हैं? जवाब- हीट एडेमा के कारण हाथ-पैर और टखनों में सूजन दिखाई देती है। सभी संकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- हीट एडेमा शरीर के किन हिस्सों को ज्यादा प्रभावित करता है? जवाब- यह आमतौर पर शरीर के उन हिस्सों को ज्यादा प्रभावित करता है, जहां आसानी से फ्लूइड जमा हो सकता है। सबसे ज्यादा प्रभावित हिस्से- सवाल- किन लोगों में हीट एडेमा का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- जो लोग गर्म और उमस भरे माहौल में रहते हैं, उन्हें हीट एडेमा का रिस्क ज्यादा होता है। किन्हें ज्यादा रिस्क होता है, ग्राफिक में पूरी लिस्ट देखिए- सवाल- क्या हीट एडेमा अपने आप ठीक भी हो जाता है? जवाब- हां, हीट एडेमा आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है। सवाल- क्या बार-बार हीट एडेमा होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है? जवाब- हां, अगर यह कंडीशन बार-बार बन रही है तो यह शरीर की किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। सवाल- किन कंडीशंस में तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए? जवाब- हीट एडेमा नॉर्मली हल्का होता है, लेकिन कुछ कंडीशंस में तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है- सवाल- हीट एडेमा और डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) में क्या फर्क है? जवाब- हीट एडेमा और डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT) दोनों में सूजन दिख सकती है, लेकिन इनके कारण, लक्षण और गंभीरता अलग होते हैं- 1. कारण हीट एडेमा: गर्मी में ब्लड वेसल्स फैलने से फ्लूइड जमा होता है। DVT: नसों के अंदर ब्लड क्लॉट बन जाते हैं। 2. सूजन का पैटर्न हीट एडेमा: आमतौर पर दोनों पैरों/टखनों में समान सूजन। DVT: अक्सर एक ही पैर में सूजन। 3. दर्द हीट एडेमा: आमतौर पर दर्द नहीं या बहुत हल्का। DVT: दर्द, जकड़न या दबाव जैसा एहसास। 4. स्किन के लक्षण हीट एडेमा: सामान्य रंग की स्किन। DVT: रेडनेस, गर्माहट और सेंसिटिविटी। 5. गंभीरता हीट एडेमा: आमतौर पर हल्का और अस्थायी। DVT: गंभीर कंडीशन में क्लॉट टूटकर फेफड़ों तक जा सकता है। सवाल- हीट एडेमा से बचाव के लिए लाइफस्टाइल और डाइट में क्या बदलाव करने चाहिए? जवाब- इसके लिए रोजमर्रा की आदतों में छोटे बदलाव काफी असरदार होते हैं। इसे ग्राफिक में देखिए- लाइफस्टाइल में करें ये बदलाव डाइट में करें ये बदलाव ……………… ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- पल्मोनरी एम्बॉलिज्म से प्रतीक यादव की मौत: जानें क्या है ये बीमारी, किसे रिस्क ज्यादा, बचाव के लिए जरूरी सावधानियां हाल ही में 38 साल की उम्र में प्रतीक यादव का निधन हो गया। वह दिवंगत नेता और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे थे। डॉक्टर्स ने उनकी मौत की वजह ‘पल्मोनरी एम्बॉलिज्म’ बताई है। इस कंडीशन में फेफड़ों की नसें ब्लॉक हो जाती हैं और हार्ट फेल हो जाता है। आगे पढ़िए...
पीएम मोदी इंडिया-नॉर्डिक समिट में शामिल होंगे:नॉर्वे में 4 देशों के प्रधानमंत्रियों से मिलेंगे; ग्रीन एनर्जी और स्पेस सेक्टर पर चर्चा होगी
पीएम मोदी आज नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में होने वाले तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह समिट भारत और उत्तरी यूरोपीय देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। समिट में पीएम मोदी नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के प्रधानमंत्रियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, नई तकनीक, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। इस दौरे में ग्रीन एनर्जी, ब्लू इकॉनमी, ग्रीन शिपिंग और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी पर खास फोकस रहेगा। भारत और नॉर्डिक देश स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़े प्रोजेक्ट्स में सहयोग बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। स्पेस सेक्टर भी इस दौरे का अहम हिस्सा रहेगा। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो और नॉर्वे की स्पेस एजेंसी के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। आर्कटिक रिसर्च और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी साझेदारी मजबूत करने की योजना है। मोदी बोले- भारत नॉर्वे दोनों डिप्लोमेसी में भरोसा रखते हैं मोदी ने कल नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में कहा कि दुनिया की बड़ी समस्याओं का हल युद्ध से नहीं, बल्कि बातचीत और शांति से निकल सकता है। नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे दोनों बातचीत और कूटनीति में भरोसा रखते हैं। यूक्रेन युद्ध हो या पश्चिम एशिया का संकट भारत हमेशा शांति की कोशिशों का समर्थन करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जरूरी है। उन्होंने आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत पर भी जोर दिया। नॉर्वे ने पीएम मोदी को अपने सबसे बड़े सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से भी सम्मानित किया गया। पीएम मोदी ने बिजनेस समिट में हिस्सा लिया पीएम मोदी ने सोमवार को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने नॉर्वे की बड़ी कंपनियों और रिसर्च संस्थानों के प्रमुखों से मुलाकात की। समिट में ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, शिपिंग, हेल्थ टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, शिक्षा और रिसर्च जैसे कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इसमें शामिल बड़ी कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू करीब 200 अरब डॉलर थी। पीएम मोदी ने कहा कि भारत निवेश और इनोवेशन के लिए बड़ा और भरोसेमंद बाजार बन रहा है। उन्होंने भारत में निवेश के अवसरों को भी सामने रखा। 2030 तक व्यापार दोगुना करने पर चर्चा हुई बैठक में दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ तक बढ़ाने का फैसला किया। इसके तहत ग्रीन एनर्जी, क्लीन टेक्नोलॉजी, समुद्री अर्थव्यवस्था, ग्रीन शिपिंग और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। दोनों देशों ने 2030 तक आपसी व्यापार दोगुना करने का टारगेट रखा है। साथ ही भारत में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख नौकरियां पैदा करने के टारगेट पर भी चर्चा हुई। पीएम मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे ने स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, मछली पालन, समुद्री सुरक्षा और डिजिटल तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
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