दावा- इमरान खान का तख्तापलट अमेरिकी साजिश थी:पाकिस्तानी सेना ने साथ दिया; अमेरिका ने कहा था- इमरान हटे तो सब माफ हो जाएगा
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार गिरने को लेकर नया दावा सामने आया है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट ड्रॉप साइट न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान की कुर्सी सिर्फ अविश्वास प्रस्ताव से नहीं गई थी। इसके पीछे अमेरिकी साजिश और पाक सेना की भूमिका थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने 24 फरवरी 2022 को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। ठीक उसी दिन रूस ने यूक्रेन पर हमला शुरू किया था। अमेरिका इस यात्रा से नाराज था। वह चाहता था कि पाकिस्तान यूक्रेन युद्ध पर रूस की खुलकर आलोचना करे, लेकिन इमरान सरकार ने तटस्थ रुख अपनाया। इसके बाद 7 मार्च 2022 को वॉशिंगटन में पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत असद मजीद खान और अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री डोनाल्ड लू के बीच बातचीत हुई। लू ने मजीद से कहा कि अगर इमरान अविश्वास प्रस्ताव में हट जाते हैं तो अमेरिका ‘सब माफ’ कर देगा। इसके 33 दिन बाद यानी 9 अप्रैल 2022 को इमरान सरकार गिर गई। वॉशिंगटन में लंच टेबल पर दिया गया था इमरान को हटाने का दबाव वॉशिंगटन के एक होटल में लू ने मजीद को लंच टेबल पर इमरान को हटाने का दबाव दिया था। लू ने यूक्रेन युद्ध पर पाक रुख पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पाक रूस की आलोचना नहीं कर रहा है और अमेरिका-यूरोप को यह स्वीकार नहीं है। लू ने कहा, इमरान की रूस यात्रा से अमेरिका नाराज है। बात अविश्वास प्रस्ताव तक पहुंची। लू ने संकेत दिया कि इमरान सत्ता में रहे तो पाक अकेला पड़ जाएगा। मजीद ने पत्र में लिखा कि यह संदेश वाइट हाउस की मंजूरी के बिना संभव नहीं था। इमरान के हटने के बाद पाकिस्तान की राजनीति कैसे बदली अप्रैल 2022: इमरान के हटने के अगले दिन शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री बने। नवंबर 2022: सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा रिटायर हुए। उनकी जगह आसिम मुनीर नए आर्मी चीफ बने। इमरान ने आरोप लगाया था कि यह नियुक्ति नवाज शरीफ से सलाह के बाद हुई। 9 मई 2023: भ्रष्टाचार मामले में इस्लामाबाद हाईकोर्ट परिसर से इमरान गिरफ्तार हुए। इसके बाद पाकिस्तान में हिंसा भड़क गई। अक्टूबर 2023: नवाज शरीफ पाकिस्तान लौटे। उनके खिलाफ कई मामलों में राहत मिली। 2024 चुनाव: दिसंबर 2023 में PTI का चुनाव चिन्ह बैट छीन लिया गया। उम्मीदवारों को निर्दलीय चुनाव लड़ना पड़ा। PTI समर्थित उम्मीदवारों ने सबसे ज्यादा सीटें जीतीं। इसके बावजूद PML-N और PPP ने गठबंधन सरकार बना ली। 2025 में मुनीर की ताकत और बढ़ी: रिपोर्ट के मुताबिक, संवैधानिक बदलावों के बाद आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज बनाया गया। इससे सेना, रक्षा ढांचे और पाकिस्तान की परमाणु कमान पर उनकी पकड़ मजबूत हुई। इमरान के बाद अमेरिका-पाक रिश्तों में नजदीकी इमरान के सत्ता से जाने के बाद पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्तों में गर्माहट आई। दोनों देशों के रिश्ते रणनीतिक और कारोबारी समझौतों तक पहुंच गए। पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता किया, जिसका इमरान सरकार ने विरोध किया था। पाकिस्तान में क्रिप्टो काउंसिल बनी। ट्रम्प परिवार की कंपनी LF के साथ 36 अरब डॉलर की रेमिटेंस पाइपलाइन से जुड़ा समझौता हुआ। 500 मिलियन डॉलर के दुर्लभ खनिज समझौते भी हुए। गाजा फोर्स के लिए सैनिक भेजने की पेशकश भी की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ की खुलकर तारीफ की। इमरान ने पहले ही विदेशी साजिश का आरोप लगाया था इमरान खान ने सरकार गिरने के समय भी विदेशी साजिश का आरोप लगाया था। मार्च 2022 में एक रैली में उन्होंने एक कागज लहराते हुए दावा किया था कि उनकी सरकार गिराने की साजिश रची गई है। बाद में यही मामला साइफर केस बना। अब इस रिपोर्ट के बाद इमरान की पार्टी PTI ने कहा है कि साइफर वास्तविक था। पार्टी महासचिव सलमान अकरम राजा ने कहा, “अब साबित हो गया कि साइफर सच था।” इमरान खान पर अब तक 188 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वह अगस्त 2023 से जेल में हैं। अल-कादिर ट्रस्ट केस में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई गई है। साइफर केस में जनवरी 2024 में इमरान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को 10-10 साल की सजा सुनाई गई थी। बाद में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने यह सजा रद्द कर दी थी।
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