टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एजीएम से पहले दिया इस्तीफा, पुनर्नियुक्ति के लिए नहीं करेंगे आवेदन
नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। टाटा समूह में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन की शुरुआत हो गई है। एनडीटीवी प्रॉफिट के सूत्रों के हवाले से आई एक रिपोर्ट के अनुसार, टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि वह अपने मौजूदा कार्यकाल के अंत तक, यानी फरवरी 2027 तक चेयरमैन की जिम्मेदारी निभाते रहेंगे, लेकिन पुनर्नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं करेंगे।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पिछले कई महीनों से उनके कार्यकाल के विस्तार को लेकर टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच मतभेदों की खबरें सामने आ रही थीं।
टाटा संस देश के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक है और टीसीएस, टाटा मोटर्स, एयर इंडिया समेत 30 से अधिक प्रमुख कंपनियों को नियंत्रित करता है। वहीं, टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस में लगभग 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसके चलते समूह के रणनीतिक फैसलों में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
अपने बयान में एन. चंद्रशेखरन ने कहा, मैंने टाटा ग्रुप में अपने प्रोफेशनल जीवन के 40 साल पूरे कर लिए हैं। मैं इस प्रतिष्ठित संस्थान में योगदान देने के बेहद संतोषजनक अवसर के लिए आभारी हूं। पिछले एक दशक से टाटा संस का नेतृत्व करना मेरे लिए बहुत सम्मान और बड़ी ज़िम्मेदारी की बात रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चंद्रशेखरन के पुनर्नियुक्ति प्रस्ताव को लेकर टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और उनके बीच मतभेद उभरकर सामने आए थे। बताया जा रहा है कि समूह के भविष्य के गवर्नेंस ढांचे, टाटा संस की संभावित लिस्टिंग और बोर्ड में प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दों पर दोनों पक्षों के विचार अलग-अलग थे। इसी कारण कार्यकाल विस्तार पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी।
गौरतलब है कि एन. चंद्रशेखरन ने वर्ष 1987 में टाटा समूह के साथ अपना करियर शुरू किया था। वर्ष 2009 में वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बने और उनके नेतृत्व में कंपनी ने वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय विस्तार किया। इसके बाद 2017 में उन्हें टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया था।
पिछले कुछ वर्षों के दौरान टाटा समूह ने कई बड़े कारोबारी और परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना किया है। एयर इंडिया से जुड़े नियामकीय मुद्दे, टीसीएस पर मूल्य निर्धारण का दबाव और जगुआर लैंड रोवर पर हुए साइबर हमले जैसी घटनाएं समूह के लिए चुनौती बनी रहीं। इसके बावजूद समूह ने विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और विस्तार की रणनीति को आगे बढ़ाया।
टाटा समूह के इतिहास में टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच मतभेद पहली बार सामने नहीं आए हैं। इससे पहले वर्ष 2016 में तत्कालीन चेयरमैन साइरस मिस्त्री को पद से हटाने को लेकर भी दोनों संस्थाओं के संबंध चर्चा में रहे थे। अब चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद समूह की अगली नेतृत्व व्यवस्था पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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'भाजपा जानबूझकर झारखंड का माहौल खराब कर रही,' सपा नेता रामगोपाल यादव ने साधा निशाना
SP MP Ram Gopal Yadav: समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, एयर इंडिया फ्लाइट में सुरक्षा संबंधी घटना, उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और एफसीआरए बिल समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा से जुड़ा मामला अब केवल राष्ट्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ चुका है और यह मुद्दा आगे भी बना रहेगा.
सपा सांसद राम गोपाल यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि झारखंड में छात्रों की 95-98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं, लेकिन भाजपा हड़ताल खत्म नहीं होने दे रही है. भाजपा जानबूझकर झारखंड का माहौल खराब कर रही है. सपा सांसद राम गोपाल यादव ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के लिए विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने भी बड़ी संख्या में दान दिया था. इस मामले में असली दोषियों तक जांच पहुंचनी चाहिए. अभी केवल 7-8 छोटे लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि जब तक कथित तौर पर असली दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.
वीडियो । संसद मानसून सत्र: समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने कहा, "राम मंदिर में दान की कथित चोरी का मुद्दा अब केवल राष्ट्रीय मुद्दा नहीं रह गया है। विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने भी बड़ी संख्या में दान दिया था। यह मुद्दा करोड़ों लोगों की आस्था से भी जुड़ा हुआ है। यह… pic.twitter.com/Ub6whhxsC4
— पीटीआई न्यूज_भाषा (@PTINews_Bhasha) August 12, 2026
फुकेत-दिल्ली उड़ान मामले को बताया गंभीर
एयर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान में गंभीर एयर टर्बुलेंस के कारण यात्रियों के घायल होने की घटना पर भी यादव ने इसे गंभीर मामला बताया. वहीं, पायलट के कथित डोप टेस्ट से जुड़े मामले पर उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर सुरक्षा चिंता है. उन्होंने दावा किया कि पायलट गांजे के नशे में था और उस समय अपनी सीट पर नहीं था. यादव ने कहा कि यह भगवान की कृपा थी कि सभी 137 यात्री और आठ क्रू सदस्य सुरक्षित बच गए.
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जबरन वसूली पर क्या बोले यादव?
जबरन वसूली के मुद्दे पर यादव ने कहा कि यह निश्चित रूप से गंभीर समस्या है, लेकिन उत्तर प्रदेश में सरकार जैसा कोई सिस्टम नहीं दिखाई देता. उन्होंने राज्य सरकार पर ही गुंडागर्दी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को पैर में गोली मारकर जीवनभर के लिए अपंग किया जा रहा है. अतीक अहमद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही कोई उन्हें अच्छा व्यक्ति न माने, लेकिन जिस तरह उनकी हत्या हुई, उस पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
एफसीआरए बिल पर घेरा
एफसीआरए बिल पर यादव ने कहा कि इसे लाने की कोई जरूरत नहीं थी. उनका दावा है कि झारखंड, गुजरात के डांग क्षेत्र और देश के अन्य आदिवासी इलाकों में मिशनरियों और एनजीओ ने शिक्षा व अन्य सुविधाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम किया है. उन्होंने कहा कि ऐसे संगठनों पर रोक लगाने से गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा और अन्य सुविधाएं प्रभावित हो सकती हैं.
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