करियर खत्म! क्या इन 3 बल्लेबाजों की टीम इंडिया में फिर कभी हो पाएगी वापसी, 2 ने तो भारत को बनाया वर्ल्ड चैंपियन
Indian Cricketer : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और चयनकर्ता इंडियन क्रिकेट के भविष्य की ओर देख रहे हैं. टीम इंडिया में पिछले कुछ समय से नए और युवा खिलाड़ियों को मौका दिया जा रहा है, जिससे कि इंडियन क्रिकेट टीम का भविष्य बेहतर हो सके. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कई खिलाड़ी लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं, जिसकी बदौलत उन्हें इंडियन क्रिकेट टीम में खेलने का मौका मिलता है. ऐसे कई उदाहरण हाल ही के समय में हमारे सामने हैं.
इनमें से सबसे बड़ा उदाहरण वैभव सूर्यवंशी हैं. 15 साल के इस बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज ने आईपीएल में दुनिया भर के तमाम दिग्गज गेंदबाजों के सामने अपने आप को साबित किया. उन्होंने आईपीएल में खूब चौक-छक्के ठोक रनों का अंबार लगाया. इसके बाद उन्हें इंडियन क्रिकेट टीम में मौका मिला. उनके अलावा यश ठाकुर, अशोक शर्मा, यश दुबे, गुरनूर बराड़, प्रिंस यादव जैसे खिलाड़ियों को मौका मिला. इन सभी खिलाड़ियों का भारत का भविष्य माना जा रहा है.
ऐसे में जहां भारतीय क्रिकेट भविष्य को मजबूत करने की ओर बढ़ रहा है. वहीं टीम के कुछ ऐसे खिलाड़ी पीछे छूट गए हैं, जो पास्ट में टीम के लिए अहम योगदान दे चुके हैं. इन खिलाड़ियों ने टीम को विश्व विजेता भी बनाया है और अंतरराष्ट्रीय पटल में देश का नाम रौशन किया है. अब इन खिलाड़ियों के करियर खत्म होने की नौबत आ गई है. इनको टीम इंडिया से बाहर कर दिया गया है. क्या अब इनकी फिर कभी वापसी हो पाएगी या फिर यहीं इन खिलाड़ियों के करियर का अंत होगा. तो आज हम आपको ऐसे 3 खिलाड़ियों के बारे में बताने वाले हैं.
Big early wicket! ????
— BCCI (@BCCI) July 11, 2026
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1 - सूर्यकुमार यादव
सूर्यकुमार यादव को टीम इंडिया से 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीताने के बाद बाहर कर दिया गया था. उन्होंने टीम इंडिया की कप्तानी की और रोहित शर्मा की कप्तानी में शानदार खेल बतौर बल्लेबाज दिखाया. सूर्या को बाहर करते हुए कहा गया कि, उनकी बढ़ती उम्र और उनका बतौर बल्लेबाज लगातार निराशाजन प्रदर्शन उनके बाहर होने की वजह रहा है. भारत भविष्य की और देख रहा है, ऐसे में सूर्या का बाहर कर श्रेयस अय्यर को टीम का कप्तान बनाया गया. अब टीम इंडिया में वैभव और अभिषेक जैसे विस्फोटक बल्लेबाज मौजूद हैं. वहीं नए और युवा खिलाड़ी भी टीम का दरवाजा खटखटा रहे हैं. ऐसे में क्या सूर्या की फिर से टीम में वापसी होगी या फिर उनका करियर खत्म हो चुका है.
2 - संजू सैमसन
भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन को इंग्लैंड दौरे के बाद बाहर कर दिया गया. उनको जिम्बाब्वे टूर में शामिल नहीं किया गया. संजू को बाहर करने की कारण भी उनकी बढ़ती उम्र और प्रदर्शन में निरंतरता की कमी बताई. संजू एक मैच में अच्छा करते तो 3 से 4 मुकाबलों में फ्लॉप हो जाते थे. ऐसा बोलकर उनको टीम से किनारे कर दिया गया लेकिन संजू भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई. अब संजू की वापसी होगी या फिर उनके करियर का अंत हो जाएगा. ये
3 - रुतुराज गायकवाड़
भारत को एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल दिलाने वाले कप्तान रुतुराज गायकवाड़ का भी टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर लगभग खत्म हो चुका है. एक समय पर उन्हें टी20 टीम में मौका मिला और उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया फिर उन्हें बाहर कर दिया गया. अब उनके टी20 टीम में वापसी का कोई रास्ता नहीं दिखा रहा बल्कि उनका टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर अभी खत्म होने वाला है.
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उत्तराखंड में अब कोचिंग का खर्च नहीं बनेगा बाधा, युवाओं के लिए शुरू होगी ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’
Uttarakhand News: उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को आसान बनाने की दिशा में सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है. ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ के जरिए राज्य के विद्यार्थियों को घर बैठे प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी. योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे. इसका सबसे बड़ा फायदा उन छात्रों को मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते.
योजना के तहत युवाओं को ऑनलाइन माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई, मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी. यानी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को बड़े शहरों या कोचिंग संस्थानों का रुख करने की जरूरत कम होगी. वे अपने घर से ही विशेषज्ञ शिक्षकों और बेहतर अध्ययन सामग्री का लाभ उठा सकेंगे.
सरकार की इस पहल से खासतौर पर दूरदराज के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को फायदा मिल सकता है. पहाड़ी क्षेत्रों के कई छात्रों के लिए बड़े शहरों में जाकर कोचिंग करना आर्थिक और भौगोलिक दोनों लिहाज से चुनौतीपूर्ण होता है. ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा इस दूरी को कम करने में मदद करेगी.
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कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं होंगी कवर
‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का दायरा केवल एक-दो परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगा. इसके तहत यूपीएससी और पीसीएस जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं, रक्षा क्षेत्र की सीडीएस, बैंकिंग, रेलवे और एसएससी समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी. इसके अलावा उच्च शिक्षा और विभिन्न संस्थानों में प्रवेश व पात्रता से जुड़ी परीक्षाओं को भी योजना में शामिल किया गया है. इनमें कैट, मैट, गेट, नेट और एसएसआईआर नेट जैसी परीक्षाएं शामिल हैं.इससे अलग-अलग करियर विकल्प चुनने वाले छात्रों को एक ही मंच पर तैयारी का अवसर मिल सकेगा.
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सबसे ज्यादा फायदा
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कोचिंग की फीस अक्सर छात्रों और उनके परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है. खासकर ऐसे परिवार, जिनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है, उनके लिए महंगी कोचिंग लेना आसान नहीं होता. ऐसे में सरकार की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग योजना शिक्षा और प्रतियोगी तैयारी के बीच आर्थिक बाधा को कम करने में मदद कर सकती है.
इस पहल का उद्देश्य सिर्फ कोचिंग उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि छात्रों को बेहतर दिशा और जरूरी अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना भी है। इससे विद्यार्थियों को अपनी तैयारी को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ राज्य के विश्वविद्यालयों और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे छात्रों को मिलेगा. यानी कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे युवा अपनी नियमित पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर सकेंगे. सरकार की कोशिश है कि युवाओं को पढ़ाई के दौरान ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं. इससे उन्हें करियर के अलग-अलग विकल्पों के लिए तैयार होने में मदद मिल सकती है.
गैरसैंण में हुई चर्चा के बाद अब अमल की तैयारी
‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ को लेकर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में हुए विधानसभा सत्र के दौरान कैबिनेट बैठक में चर्चा की गई थी. अब सरकार इस योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इसके शुभारंभ करेंगे. कुल मिलाकर, यह योजना उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को ज्यादा सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है. खासकर उन छात्रों के लिए, जिनके पास प्रतिभा और मेहनत तो है, लेकिन महंगी कोचिंग तक पहुंच नहीं है. घर बैठे मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग मिलने से ऐसे युवाओं को अपनी तैयारी मजबूत करने और बेहतर करियर अवसर हासिल करने का मौका मिलेगा.
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