Mumbai के Vile Parle की शांता भवन इमारत में आग से 2 की मौत, 6 लोग झुलसे
मुंबई के विले पार्ले इलाके में 12 मंजिला एक आवासीय इमारत में आग लगने से एक बच्चे और एक महिला की मौत हो गई तथा छह अन्य लोग घायल हो गए। नगर निकाय अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार रात करीब 10 बजे शांता भवन इमारत की 11वीं मंजिल पर स्थित दो फ्लैट में आग लगी।
उन्होंने बताया कि आग दोनों फ्लैट में करीब 4,000 वर्ग फुट क्षेत्र में बिजली के तारों और उपकरणों, एसी यूनिट तथा अन्य घरेलू सामान में फैल गई। अग्निशमन विभाग के दो कर्मचारियों समेत आठ लोग घायल हो गए जिन्हें दो अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। एक अधिकारी ने बताया कि अबीर (ढाई वर्ष) और अंकिता (23) को नानावटी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उन्होंने बताया कि चार अन्य घायलों में से दो को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और दो अन्य की हालत स्थिर बताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, घायल अग्निशमनकर्मियों मनोज सोनवणे (30) और शिवम द्विवेदी (29) को कूपर अस्पताल ले जाया गया। उपचार के बाद दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचे अग्निशमनकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद देर रात करीब एक बजे आग पर काबू पा लिया। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
Rahul Gandhi ने PM Modi पर लगाया देश के हित बेचने का आरोप, Adani केस का दिया हवाला
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका की एक अदालत द्वारा उद्योगपति गौतम अदाणी के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले को खारिज किए जाने का हवाला देते हुए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि भारत के हितों को बेच दिया गया है। गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस मामले में जितना दिखाई दे रहा है, यह उससे कहीं अधिक है। कमजोर प्रधानमंत्री भारत के हितों को बेचने के लिए मजबूर हुए हैं।
भारत इसकी भारी कीमत चुका रहा है।’’ अमेरिका की एक अदालत ने अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के खिलाफ प्रतिभूति धोखाधड़ी से जुड़े आपराधिक मामले को स्थायी रूप से खारिज कर दिया है। इसके साथ ही यह मुकदमा बिना सुनवाई के समाप्त हो गया। न्यूयॉर्क के ‘यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट फॉर द ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट’ ने न्याय विभाग के नियम 48(ए) के तहत दायर याचिका स्वीकार करते हुए आरोपपत्र में शामिल दूसरे, तीसरे और चौथे आरोपों को खारिज कर दिया।
इसका अर्थ है कि इन आरोपों को दोबारा दाखिल नहीं किया जा सकता। इन आरोपों में प्रतिभूति धोखाधड़ी की साजिश, वायर धोखाधड़ी की साजिश और प्रतिभूति धोखाधड़ी के आरोप शामिल थे। अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए गौतम अदाणी ने मंगलवार को कहा था, ‘‘सत्य की जीत हुई।’’उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान जताया और कार्यवाही के दौरान (अदाणी) समूह के साथ खड़े रहने वालों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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