Sawan Shivratri: UP के शिव मंदिरों में उमड़ी भारी भीड़, सुरक्षा व्यवस्था सख्त
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को श्रावण महीने में शिवरात्रि के मौके पर राज्य के लोगों को बधाई दी। श्रावण शिवरात्रि पर प्रदेश भर के प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। इसे देखते हुए पुलिस और ज़िला प्रशासन ने बागपत के पुरा महादेव मंदिर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और गाजियाबाद के दूधेश्वर नाथ मंदिर जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों पर सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देवाधिदेव महादेव की आराधना को समर्पित पावन श्रावण शिवरात्रि की समस्त शिवभक्तों व प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा से प्रत्येक नागरिक का जीवन सुख, शांति, समृद्धि, आरोग्य और यश से आलोकित हो तथा सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों, यही प्रार्थना है। हर हर महादेव।’’ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी सभी को श्रावण मास की शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। बागपत में श्रावण शिवरात्रि और तीन दिन तक चलने वाले महाशिवरात्रि मेले के लिए पुरा महादेव मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ आने की उम्मीद थी।
इसे देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात के इंतजाम बढ़ा दिए और मंदिर परिसर व कांवड़ यात्रा के रास्तों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। बागपत के पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने मंदिर परिसर में इंतजामों का निरीक्षण किया और सुरक्षा, भीड़-प्रबंधन व पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया और आवश्यक दिशानिर्देश दिये। मेले के मैदान, पार्किंग क्षेत्रों और कांवड़ यात्रा के रास्तों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की निगरानी के लिए मौके पर मौजूद हैं।
वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त जुटे। सोमवार देर रात से ही गेट नंबर एक, चार, चार बी और अन्य रास्तों पर कांवड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर प्रशासन ने बताया कि मंगलवार को जलाभिषेक के लिए आने वाले ज़्यादातर कांवड़िये प्रयागराज के संगम से जल लेकर आए थे।
भारी भीड़ को देखते हुए मैदागिन से मंदिर और गिरजाघर क्रॉसिंग से मंदिर तक के रास्तों को ‘वाहन निषिद्ध क्षेत्र’ घोषित कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सिविल पुलिस, अर्धसैनिक बल और सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के ज़रिए भक्तों की आवाजाही पर नजर रखी गई। गाजियाबाद में जिला प्रशासन के अनुसार, हजारों श्रद्धालुओं ने सुबह से ही प्राचीन दूधेश्वर नाथ मंदिर में हरिद्वार से लाया गया गंगाजल चढ़ाया और पूजा-अर्चना की।
मंदिर में लंबी कतारें लग गईं और मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार मांदड़ ने भी मंदिर में दर्शन किए, भगवान शिव का जलाभिषेक किया और राज्य व जिले की खुशहाली, शांति और भलाई के लिए प्रार्थना की।
ED ने Ramgopal Agarwal को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के सिलसिले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को मंगलवार को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने अग्रवाल को रायपुर की एक विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया, जिसने उन्हें सात दिनों के लिए संघीय एजेंसी की हिरासत में भेज दिया।
अधिकारियों के अनुसार, ईडी ने अदालत को बताया कि पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष अग्रवाल का 72 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय से संबंध है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि अग्रवाल चार समन जारी किए जाने के बावजूद उसके समक्ष पेश नहीं हुए और हालिया पूछताछ के दौरान वह टालमटोल वाला रवैया अपना रहे थे। वहीं, कांग्रेस ने पहले भी कहा है कि इस मामले की जांच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ओर से राजनीतिक बदले की भावना से की जा रही कार्रवाई है और ईडी के आरोप झूठे हैं।
छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लयू) ने अग्रवाल को कुछ ‘‘घोटाले’’ से संबंधित मामलों की जांच के सिलसिले में जुलाई में गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, यह कथित शराब घोटाला 2019 से 2022 के बीच उस वक्त हुआ था जब छत्तीसगढ़ में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। एजेंसी ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनीतिक हस्तियों के एक ‘‘आपराधिक’’ सिंडिकेट ने छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग को ‘‘पूरी तरह से अपने नियंत्रण’’ में ले लिया था, जिससे राज्य को 2,883 करोड़ रुपये के राजस्व का ‘‘भारी नुकसान’’ हुआ।
एजेंसी ने दावा किया है कि अवैध शराब की बिक्री से मिले कथित कमीशन को ‘‘राज्य के शीर्ष नेताओं के निर्देशानुसार’’ बांटा गया था। एजेंसी अब तक सात आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है और 85 लोगों को आरोपी बनाया है जिनमें भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास, पूर्व संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और मुख्यमंत्री कार्यालय पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया शामिल हैं।
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