Responsive Scrollable Menu

Parenting Mistakes: बच्चों के जिद्दी स्वभाव के पीछे हैं पेरेंट्स की ये 4 गलतियां, Future पर पड़ता है गहरा असर

हर माता-पिता की यह चाहत होती है कि वह अपने बच्चे को अच्छी से अच्छी परवरिश दें। लेकिन कई बार वह बच्चे को लाड़-प्यार में इतना सिर पर चढ़ा लेते हैं कि वह माता-पिता की बात को हल्के में लेते हैं। वहीं इसके अलावा की गई छोटी-छोटी बातें गलतियां बच्चे के व्यवहार को गुस्सैल और जिद्दी बना देते हैं। बच्चों की हर बेतुकी मांग को पूरा करना, दूसरों से तुलना करना, बात-बात पर चिल्लाना जैसी चीजें शामिल हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 4 ऐसी गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बच्चे के स्वभाव को बिगाड़ सकती हैं।

अनुशासन की कमी

जब पेरेंट्स बच्चों को न तो सही नियम सिखाते हैं और न ही रोक-टोक करते हैं। वहीं हद से ज्यादा लाड-प्यार देते हैं, तो बच्चे समझ नहीं पाते हैं कि क्या सही है और क्या गलत। वहीं दूसरी ओर बच्चे की हर बात में कमी निकाली जाए या फिर उन पर दबाव बनाया जाए, तो उनको ऐसा लगता है कि कोई उनकी बात को सुन नहीं रहा है। ऐसे में माहौल में अपनी बात को मनवाने के लिए और खुद को बचाने के लिए बच्चे गुस्सैल और जिद्दी बनते हैं।

इसे भी पढ़ें: Health Tips: Diabetes ही नहीं Heart और Kidney डिजीज का संकेत है Nocturia, रात में बार-बार पेशाब आने को न करें इग्नोर


लड़ाई-झगड़े का माहौल

घर का तनावपूर्ण माहौल बच्चे के भावनात्मक और मानसिक विकास को रोकता है। जब बच्चों को सही दिशा और प्यार की जगह सिर्फ डांट और गुस्सा मिलता है। तो उनका सेल्फ-कॉन्फिडेंस डगमगा जाता है। वह अपनी फीलिंग्स को सही तरीके से व्यक्त नहीं कर पाते हैं। फिर यह आदत धीरे-धीरे उनके स्वभाव का हिस्सा बन जाती है। वह छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ने लगते हैं।

बचपन के बर्ताव का बड़े होने पर भी दिखता है असर

बचपन की आदतें उम्र के साथ खत्म नहीं होती हैं बल्कि बड़े होने पर वह व्यक्ति के स्वभाव का हिस्सा बन जाती है। ऐसे माहौल में पले-बढ़े बच्चे बड़े होकर अपनी छोटी-छोटी परेशानियों या फिर तनान को झेल नहीं पाते हैं। वह हर बात पर अपना बचाव करने लगते हैं और दूसरों के साथ दिल से जुड़ने में उनको समस्या आती है। बचपन का गुस्सा बड़े होने पर अविश्वास करने या फिर दूरी बनाने की आदत में बदल जाता है।

भविष्य के लिए बेहतर है अनुशासन

पेरेंट्स जिस तरह से बच्चे को संस्कार और अनुशासन सिखाते  हैं, वह उनके भविष्य को आकार देता है। बच्चों से गुस्से की जगह बातचीत के जरिए अपनी समस्याओं को हल करना सिखाना जरूरी होता है। इसके लिए माता-पिता को खुद भी शांत रहना होगा। आपका अच्छा व्यवहार बच्चों के सामने सही मिशाल पेश करेगा। जब घर में समझदारी, प्यार और सही नियम होंगे, तो बच्चे भी आगे चलकर समझदार और मानसिक रूप से मजबूत बन जाएंगे।

Continue reading on the app

Natural Detox Drink: ब्लोटिंग और एसिडिटी खत्म करेगा धनिये का पानी, एक्सपर्ट्स ने बताए इसके चौंकाने वाले फायदे

आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी फिट रहने के लिए किसी के पास समय नहीं है। वैसे भी खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण भी हेल्थ समस्याएं दिनों-दिन बढ़ने लगी हैं। ऐसे में अपनी सेहत का ध्यान रखने के लिए रसोई में मौजूद इस चीज का जरुर इस्तेमाल करें। 
रसोई में मौजूद कई बीज, मसाले, हर्ब्स और पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर हैं और इन्हें सही तरीके से डाइट में इस्तेमाल करने से आपकी कई सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी। इन्हीं में से एक धनिये के बीज हैं। आइए आपको बताते हैं इसे डाइट में कैसे शामिल करें।

धनिए के बीजों में पाए जाते हैं कई सारे न्यूट्रिएंट्स
धनिया के बीजों में विटामिन-सी, विटामिन-बी और विटामिन-के पाया जाता है। इसमें आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम की भरपूर मात्रा होती है। 

किन चीजों में फायदेमंद है धनिये के बीज?

डाइजेशन को सुधारना 
धनिए के बीज पाचन क्रिया को सुधारने में मदद करते हैं। ये गैस , ब्लोटिंग और अपच को दूर करते हैं और हाजमे को दुरुस्त करता है। वैसे ये डाइजेस्टिव एंजाइम्स के सीक्रेशन को भी तेज करते हैं। इसकी तासीर ठंडी होती है। ये एसिडिटी दूर करने में मदद करती हैं।

लिवर के फायदेमंद
धनिया के बीज लिवर फंक्शन को सुधारते हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी और डिटॉक्सिफाइंग गुण होते हैं। वैसे ये लिवर हेल्थ को बेहतर बनाने और शरीर को डिटॉक्स करता है।

यूटीआई में राहत मिलती है
धनिया का बीज यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन में भी राहत पहुंचाते हैं। ये वॉटर रिटेंशन को कम करके यूरिन प्रोडक्शन का बढ़ाता है, जिससे पेशाब में जलन कम हो जाती है और शरीर को गर्मी को शांत करते हैं।

धनिया के बीज डाइट में कैसे इस्तेमाल करें?
- 1-2 टीस्पून धनिए के बीजों को रातभर भिगो दें।

- इसको सुबह हल्का गुनगुना कर लें और छानकर पिएं।

- इसे हल्का कूटकर दाल, सूप और सब्जी में डालें। 

Continue reading on the app

  Sports

BCCI की पहल, Afghanistan क्रिकेट को मिला सहारा, Delhi में भारत के खिलाफ होंगे T20I मैच

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अफ़गानिस्तान के खिलाफ़ होने वाली तीन मैचों की T20I सीरीज़ की पुष्टि कर दी है। यह सीरीज़ 13 सितंबर को शुरू होगी और दूसरा व तीसरा मैच क्रमशः 15 और 17 सितंबर को खेला जाएगा। दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम इस सीरीज़ के तीनों मैचों की मेज़बानी करेगा। BCCI के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने इस बात की पुष्टि करते हुए अफ़गानिस्तान का समर्थन किया है, जो इस सीरीज़ में मेज़बान टीम के तौर पर खेलेगा। उन्होंने BCCI और अफ़गानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच संबंधों पर बात की और कहा कि आने वाली सीरीज़ इन रिश्तों को और मज़बूत करेगी।
 

इसे भी पढ़ें: Shaheen Afridi vs Babar Azam: पाकिस्तान की कप्तानी पर छिड़ी जंग, अफरीदी बोले- 'फिलहाल मैं ही कप्तान हूं'


मन्हास ने कहा कि BCCI अफ़गानिस्तान में क्रिकेट के विकास में मदद करने और वहाँ के खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर खेलने के मौके देने के लिए प्रतिबद्ध है। द्विपक्षीय क्रिकेट इसका एक अहम हिस्सा है, क्योंकि इससे टीमों को मज़बूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ़ नियमित रूप से खेलने और कीमती अनुभव हासिल करने का मौका मिलता है। हम इस सीरीज़ के लिए अफ़गानिस्तान क्रिकेट बोर्ड का भारत में स्वागत करते हैं और इसे सफल बनाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हैं। हमारा मानना ​​है कि साथ मिलकर और भी बहुत कुछ किया जा सकता है और हम दोनों क्रिकेट खेलने वाले देशों के बीच संबंधों को मज़बूत करते हुए अफ़गानिस्तान क्रिकेट का समर्थन करना जारी रखेंगे।

IPL के बाद कप्तानी संभालने के बाद से, श्रेयस अय्यर अपनी काबिलियत के मुताबिक प्रदर्शन करने में संघर्ष करते दिखे हैं। उनकी कप्तानी में भारत को आयरलैंड के हाथों 2-0 से शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा, और इसके बाद इंग्लैंड से भी सीरीज़ हारनी पड़ी। आखिरकार, ज़िम्बाब्वे के खिलाफ़ मुंबई में जन्मे इस खिलाड़ी ने भारत के T20I कप्तान के तौर पर अपनी पहली सीरीज़ जीती। हालांकि, अफ़गानिस्तान एक बहुत बड़ी चुनौती है, खासकर उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में। अगर पिच से गेंदबाज़ों को थोड़ी भी मदद मिलती है, तो उनका स्पिन अटैक भारतीय टीम के लिए खतरा बन सकता है।
 

इसे भी पढ़ें: Afghanistan का जलवा! World Cup 2027 में सीधे क्वालीफाई, Rashid Khan का शानदार खेल


BCCI की औपचारिक पुष्टि के बाद, भारत के प्रस्तावित बांग्लादेश दौरे की संभावना बहुत कम हो गई है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने छह मैचों की व्हाइट-बॉल सीरीज़ के लिए 1 से 13 सितंबर का समय तय किया था, लेकिन ये तारीखें अफ़गानिस्तान सीरीज़ से टकरा रही हैं; इस दौरान कम से कम एक T20I मैच भी खेला जाना है। BCB के प्रस्तावित शेड्यूल में तीन हफ़्ते से भी कम समय बचा है, इसलिए अब बांग्लादेश दौरे की संभावना बहुत कम लग रही है, जब तक कि संबंधित सरकारों की ओर से कोई अप्रत्याशित दखल न हो।
 
For more updates and in-depth coverage on cricket, visit Cricket News in Hindi at Prabhasakshi.
Wed, 12 Aug 2026 12:26:57 +0530

  Videos
See all

Ram Nath Kovind Autobiography पर PM Narendra Modi ने कही बड़ी बात #ytshorts #viral #trending #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-12T07:10:52+00:00

Weather Update: 48 घंटे के लिए बारिश का अलर्ट? | Monsoon Alert | IMD | Top News | Breaking News | #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-12T07:15:08+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers