बलूचिस्तान में मानवाधिकार का उल्लंघन, नागरिक की हत्या और छात्र के अपहरण का आरोप
क्वेटा, 14 मई (आईएएनएस)। बलूचिस्तान भर में नागरिकों के खिलाफ हिंसा लगातार जारी है। एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन ने गुरुवार को एक नागरिक की कथित गैर-न्यायिक हत्या और दूसरे व्यक्ति के जबरन गायब किए जाने की जानकारी दी है, जिसके लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को जिम्मेदार बताया गया।
बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग पांक ने बताया कि जान मोहम्मद का गोलियों से छलनी शव बुधवार को केच जिले के बानोक-ए-चदाई इलाके में पड़ा मिला। जान मोहम्मद को करीब चार महीने पहले जबरन गायब कर दिया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, जैन मोहम्मद को 24 जनवरी को केच के टुम्प इलाके में उसके घर से उठाया गया था और उसे कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित डेथ स्क्वॉड ने अगवा किया था।
इसी दिन एक अलग घटना में पांक ने बताया कि 18 साल के एक छात्र शहाब बलूच को वाशुक जिले में उसके घर से पाकिस्तान के फ्रंटियर कॉर्प्स ने जबरन उठा लिया।
बुधवार को मानवाधिकार कार्यकर्ता और बलूच यकजेहती कमेटी की प्रमुख आयोजक महरंग बलूच ने हाल के दिनों में बढ़ती जबरन गुमशुदगियों, गैर-न्यायिक हत्याओं और बलूचिस्तान में फर्जी प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर गंभीर चिंता जताई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए अपने बयान में महरंग ने कहा, “शांतिपूर्ण राजनीतिक अभिव्यक्ति और मानवाधिकारों की आवाज उठाने की जगह दिन-ब-दिन कम होती जा रही है, जबकि न्याय की मांग करने वालों को डर और धमकी देकर लगातार चुप कराया जा रहा है।”
बलूच कार्यकर्ता ने कहा कि बलूच यकजेहती कमेटी के सदस्यों के परिवारों को परेशान करने, शांतिपूर्ण कार्यकर्ताओं को गायब करने और खुलेआम लोगों की हत्या करने जैसी नई रणनीतियां दिखाती हैं कि बलूचिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति कितनी खराब हो चुकी है।
उन्होंने कहा, “शांतिपूर्ण आंदोलन को अपराध बनाया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार लोग बिना किसी जवाबदेही के काम कर रहे हैं। राज्य खुद ऐसी कहानियां बना रहा है, ताकि विरोध की आवाज को दबाया जा सके।”
उन्होंने कहा, “हम साफ करना चाहते हैं कि बलूच यकजेहती कमेटी हमेशा शांतिपूर्ण थी, है और आगे भी रहेगी। हम बलूचिस्तान में अत्याचार, जबरन गायब किए जाने और मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।”
महरंग ने सभी मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से अपील की कि वे बलूचिस्तान की स्थिति पर गंभीर ध्यान दें और पाकिस्तान को वहां शांतिपूर्ण कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने और चल रहे मानवाधिकार संकट के लिए जवाबदेह ठहराएं।
--आईएएनएस
एवाई/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
असम के मुख्यमंत्री ने बिजली परियोजनाओं की समीक्षा की, मजबूत ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर जोर दिया
गुवाहाटी, 14 मई (आईएएनएस)। अधिकारियों ने बताया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को बिजली क्षेत्र की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इन परियोजनाओं में असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, असम पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड और असम इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कॉर्पोरेशन लिमिटेड शामिल हैं।
समीक्षा बैठक का मुख्य फोकस असम के बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और राज्य की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बिना किसी रुकावट के बिजली सप्लाई सुनिश्चित करना था।
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने मौजूदा पीक बिजली की मांग के हालात का जायज़ा लिया और पूरे राज्य में बिजली की सप्लाई के मौजूदा इंतजामों की समीक्षा की।
उन्होंने तीन बिजली कंपनियों के अधिकारियों को थर्मल, सोलर और हाइड्रोइलेक्ट्रिक बिजली उत्पादन के साथ-साथ ट्रांसमिशन और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से जुड़े चल रहे प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को असम भर में चल रहे अलग-अलग प्रोजेक्ट्स की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी। इसमें उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ट्रांसमिशन सिस्टम को आधुनिक बनाने और ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन में होने वाले नुकसान को कम करने के उपाय भी शामिल थे।
अधिकारियों के मुताबिक, बिजली की सबसे ज्यादा खपत वाले समय में बिजली की उपलब्धता बढ़ाने पर खास जोर दिया गया, खासकर तेजी से बढ़ रहे शहरी इलाकों और इंडस्ट्रियल जोन्स में।
मुख्यमंत्री ने राज्य के ऊर्जा नेटवर्क को मज़बूत करने में होने वाली देरी से बचने के लिए प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने की ज़रूरत पर भी जोर दिया।
यह समीक्षा ऐसे समय में हुई है जब असम में शहरीकरण, औद्योगिक विस्तार और घरों में बिजली की बढ़ती मांग की वजह से बिजली की खपत में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
सरकार अपनी व्यापक रणनीति के तहत, एक टिकाऊ और भरोसेमंद बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी के उत्पादन को बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है।
सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने और संसाधनों का सही इस्तेमाल करने के लिए आपस में बेहतर तालमेल बनाए रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि चल रहे कामों की नियमित निगरानी की जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि तय समय-सीमा के भीतर सभी लक्ष्य पूरे हो जाएं।
असम सरकार ने हाल के सालों में, शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में बिजली कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए कई पहल की हैं।
अधिकारियों ने बताया कि असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, असम पावर जेनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड और असम इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कॉर्पोरेशन लिमिटेड के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स से आने वाले सालों में राज्य की उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन क्षमताओं में काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
एससीएच
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