Responsive Scrollable Menu

Bhadli Navami 2026: भडल्या नवमी पर बिना मुहूर्त देखे किए जाते हैं शुभ काम, गुरु अस्त होने के बाद भी होंगे विवाह

सनातन धर्म में भडल्या नवमी का विशेष महत्व है। इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है। आसान शब्दों मंं कहें तो भडल्या नवमी पर बिना किसी ज्योतिषीय सलाह के सभी प्रकार के शुभ कार्य कर सकते हैं। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 22 जुलाई 2026 को सुबह 5:16 बजे से आरंभ होगी और इसका समापन अगले दिन यानी 23 जुलाई 2026 की सुबह 7:03 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार 22 जुलाई को भडल्या नवमी मनाई जाएगी।  यह दिन अक्षय तृतीया की तरह शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। भडल्या नवमी स्वंयसिद्ध तिथि है। इस तिथि पर सभी प्रकार के शुभ कार्य कर सकते हैं। साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। 
 
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि भडल्या नवमी 22 जुलाई को है। यह इस सीजन का आखिरी विवाह मुहूर्त है। हालांकि इस समय गुरु अस्त चल रहे हैं, इसलिए मांगलिक कार्यों पर रोक लगी हुई है, फिर भी भडल्या नवमी को अबूझ मुहूर्त माने जाने से इस दिन काफी संख्या में विवाह होंगे। इसके 2 दिन बाद 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ चार महीने के लिए सभी मांगलिक कार्य थम जाएंगे, जो एक नवंबर को देवों के जागने के साथ शुरू होंगे।

अद्ये कस्यापि मूढत्वे शुभकर्म न दोषकृत्। द्वयो मूढत्व मे प्रोक्तं दोषदं गुरुशुक्रयो:।।

ज्योतिष विद्वानों और शास्त्र के अनुसार अबूझ मुहूर्त में किसी प्रकार का पंचांग या मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती है और इसमें गुरु या शुक्र तारा अस्त भी नहीं देखा जाता है।

इसे भी पढ़ें: Lord Vishnu Mantras: गुरुवार को Lord Vishnu की पूजा से दूर होगा Guru Dosha, इन Powerful Mantras के जाप से बरसेगी श्रीहरि की विशेष कृपा

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि 22 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल नवमी है। इसे भडल्या नवमी कहते हैं। इस दिन आषाढ़ गुप्त नवरात्रि भी खत्म हो रही है। इसके बाद 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी है, इस तिथि से चार महीनों के लिए श्रीहरि विश्राम करते हैं, इसलिए शुभ कामों के लिए मुहूर्त नहीं रहते हैं। देवशयनी एकादशी से पहले आने वाली भडल्या नवमी को अबुझ मुहूर्त माना जाता है यानी इस दिन विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश या नए काम की शुरुआत जैसे शुभ काम बिना मुहूर्त देखे किया जा सकते हैं। अभी आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि चल रही है, इस नवरात्रि की अंतिम भड़ली नवमी रहती है। इस नवमी पर गणेश जी, शिव जी और देवी दुर्गा की विशेष पूजा करनी चाहिए। जरूरतमंद लोगों को धन, अनाज, छाता, जूते-चप्पल, कपड़े का दान करना चाहिए।

भडल्या नवमी तिथि

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि पंचांग के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 22 जुलाई 2026 को सुबह 5:16 बजे से आरंभ होगी और इसका समापन अगले दिन यानी 23 जुलाई 2026 की सुबह 7:03 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार 22 जुलाई को मनाई जाएगी।

15 जुलाई को गुरु कर्क राशि में अस्त 

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि देवशयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत होती है। इसके बाद भगवान विष्णु के योग निद्रा में होने की वजह से अगले 4 महीने तक कोई भी मांगलिक काम नहीं किया जा सकता है। ऐसे में चातुर्मास शुरू होने से पहले शुभ काम करने का अंतिम दिन भडल्या नवमी तिथि को होता है। 15 जुलाई को गुरु कर्क राशि में अस्त हो गए है। और 10 अगस्त को गुरु उदय होंगे।

15 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 तक खरमास

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि इस वर्ष नवंबर में केवल सात दिन और दिसंबर में सिर्फ पांच दिन विवाह मुहूर्त है। 15 दिसंबर 2026 से 14 जनवरी 2027 तक खरमास होने से विवाह नहीं हो सकेंगे। विवाह मुहूर्त 15 दिसंबर से चार फरवरी तक भी नहीं होंगे। शुक्र ग्रह के उदित होने के बाद पांच फरवरी से शुरुआत होगी।

अबूझ या स्वयंसिद्ध मुहूर्त

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि भडल्या नवमी अबूझ या स्वयंसिद्ध मुहूर्त के रूप में मानी गई है। यानी इस दिन शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त के विचार की जरूरत नहीं होती। 

महत्व

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि भडल्या नवमी तिथि स्वयंसिद्ध मुहूर्त है। इस तिथि पर शुभ कार्य करने के लिए ज्योतिष गणना की आवश्यकता नहीं पड़ती है। किसी भी समय जातक अपनी सुविधा के अनुसार शुभ कार्य कर सकते हैं। साथ ही शुभ कार्य का श्रीगणेश कर सकते हैं। इस तिथि पर शुभ कार्य करने से अक्षय तृतीया के समतुल्य फल प्राप्त होता है।

- डा. अनीष व्यास
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक

Continue reading on the app

5 लाख गैलेक्सी, 50 हजार सितारे एक ही तस्वीर में कैद, दुनिया के सबसे बड़े कैमरे ने दिखाया ब्रह्मांड का अद्भुत नजारा

अंतर‍िक्ष या ब्रह्मांड का अध्‍ययन कर रहे खगोलव‍िज्ञान‍ियों ने बड़ी उपलब्‍ध‍ि हास‍िल की है. च‍िली की वेरा सी रुबिन ऑब्जर्वेटरी ने ब्रह्मांड की सबसे साफ तस्वीर जारी की है. इसमें 5 लाख गैलेक्सी और 50 हजार तारे दिख रहे हैं. यह दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल कैमरे से ली गई है.

Continue reading on the app

  Sports

Aus vs Ban: स्टीव स्मिथ ने छिड़का बांग्लादेश के जख्मों पर नमक, कह दिया कड़वा सच

Australia vs Bangladesh, 1st Test: ऑस्ट्रेलिया के डार्विन में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में स्टीव स्मिथ ने शानदार अर्धशतकीय पारी खेली लेकिन इस खिलाड़ी को किस्मत का साथ भी मिला. Thu, 13 Aug 2026 15:47:10 +0530

  Videos
See all

Sukhbir Singh Badal Attacked: सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला| Nanded | Maharashtra | SAD| Breaking #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-13T10:44:19+00:00

Iran America War: होर्मुज का खेल पलटा! मुज्तबा की चाल में कैसे फंस गए ट्रंप? #breaking #viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-13T10:45:07+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers