चीन ने पाकिस्तान से आग्रह किया है कि वह ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को बढ़ावा देने के लिए अपने कूटनीतिक मध्यस्थता प्रयासों को तेज़ करे, विशेष रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य में स्थिरता से जुड़ी अहम चर्चाओं के बीच। चीन के विदेश मंत्री वांग यी, जो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना की केंद्रीय समिति के पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य भी हैं, ने मंगलवार को पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार के साथ फ़ोन पर हुई बातचीत के दौरान यह संदेश दिया। इस बातचीत के दौरान, डार ने वांग को तेहरान और वॉशिंगटन के बीच चर्चा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पाकिस्तान की हालिया कूटनीतिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने चीन के समर्थन के लिए आभार भी व्यक्त किया और कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय स्थिरता में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए बीजिंग के साथ अपना समन्वय और मज़बूत करने की उम्मीद करता है।
शिन्हुआ के अनुसार, वांग ने चीन के सैद्धांतिक रुख को दोहराया और अमेरिका-ईरान वार्ता को बढ़ावा देने तथा अस्थायी संघर्ष-विराम को आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए पाकिस्तान की सराहना की। उन्होंने आगे यह उम्मीद जताई कि पाकिस्तान अपना आत्मविश्वास बनाए रखेगा और जल्द से जल्द क्षेत्रीय शांति बहाल करने में योगदान देगा, जो कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी साझा आकांक्षा है। शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, वांग ने कहा, चीन पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों का समर्थन करना जारी रखेगा और इस दिशा में अपना योगदान भी देगा।
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ईरान की सरकारी मीडिया तस्नीम न्यूज़ एजेंसी की एक न्यूज़ रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार रात ईरान ने कुवैत के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सदस्यों ने कुवैती इलाके में घुसपैठ करने और दुश्मन वाली कार्रवाई करने की कोशिश की। कुवैत ने समुद्र के रास्ते बुबियान आइलैंड में घुसने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार करने की घोषणा की। ईरान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ये आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और नामंज़ूर" हैं। तस्नीम की रिपोर्ट के मुताबिक, तेहरान ने चार ईरानी एजेंटों के साथ हुई घटना के कुवैत के 'गलत राजनीतिक और प्रोपेगैंडा इस्तेमाल' की कड़ी निंदा की, जो एक रेगुलर समुद्री गश्त मिशन कर रहे थे। ईरान ने कहा कि ये लोग अपने नेविगेशन सिस्टम में रुकावट के बाद कुवैती पानी में घुस गए थे।
मिनिस्ट्री ने कुवैत समेत सभी रीजनल देशों की सॉवरेनिटी और टेरिटोरियल इंटीग्रिटी का सम्मान करने की ईरान की प्रिंसिपल पॉलिसी" को भी दोहराया और उम्मीद जताई कि कुवैती अधिकारी जल्दबाजी में की गई टिप्पणियों और बेबुनियाद आरोपों से बचेंगे और इसके बजाय ऑफिशियल चैनलों के ज़रिए मामले को आगे बढ़ाएंगे। तेहरान ने आगे इस बात पर ज़ोर दिया कि कुवैत में ईरानी एम्बेसी को इंटरनेशनल लॉ के हिसाब से हिरासत में लिए गए ईरानी नागरिकों तक तुरंत पहुंच मिलनी चाहिए और उनकी तुरंत रिहाई की मांग की। ईरान का यह जवाब तब आया जब कुवैती अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने IRGC से कथित तौर पर जुड़ी एक घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है।
कुवैत के होम मिनिस्ट्री के मुताबिक, जिसका ज़िक्र कुवैत की स्टेट न्यूज़ एजेंसी, कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) ने किया, हिरासत में लिए गए चारों लोगों ने पूछताछ के दौरान IRGC से जुड़े होने की बात कबूल की। एक्स पर पोस्ट नें मिनिस्ट्री ने कहा कि संदिग्धों ने कुवैत के खिलाफ दुश्मनी वाले काम करने के लिए खास तौर पर किराए पर ली गई एक मछली पकड़ने वाली नाव पर बुबियान आइलैंड में घुसपैठ करने का काम कबूल किया है। कुवैती अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्रुप की कुवैती सेना के साथ झड़प हुई, जिससे उसका एक सदस्य घायल हो गया और 2 लोग घुसपैठ करने वालों से बच निकले। इस बीच, कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस कथित घटना को कुवैती संप्रभुता का "खुला उल्लंघन" और "अंतर्राष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन" बताया।
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