वैज्ञानिकों ने खोजा हड्डियों को मजबूत करने वाला छिपा हुआ ‘आणविक स्विच’, ब्राउन फैट पर शोध से मिली बड़ी सफलता
लखनऊ। मैकगिल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा छिपा हुआ आणविक “स्विच” खोज निकाला है, जो शरीर में कैलोरी जलाने वाली एक शक्तिशाली प्रणाली को सक्रिय करता है। यह ऐतिहासिक खोज न केवल मोटापे और चयापचय (मेटाबॉलिज्म) को समझने का नया रास्ता खोलती है, बल्कि इसका सबसे तात्कालिक प्रभाव हड्डियों के स्वास्थ्य पर पड़ने की …
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वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने वेनेजुएला को अमेरिका का ‘51वां राज्य’ बताया: अंतरिम राष्ट्रपति बोलीं- संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा करेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशलl पर वेनेजुएला को अमेरिका का ‘51वां राज्य’ दिखाने वाला ग्राफिक शेयर किया है। यह पोस्ट उस समय सामने आई, जब ट्रम्प चीन दौरे पर जा रहे थे। इससे एक दिन पहले वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा था कि उनका देश कभी भी अमेरिका का 51वां राज्य बनने पर विचार नहीं करेगा। ट्रम्प ने सोमवार को फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा था कि वे वेनेजुएला को अमेरिका का नया राज्य बनाने पर ‘गंभीरता से विचार’ कर रहे हैं। उन्होंने वेनेजुएला के तेल भंडार का जिक्र करते हुए कहा था कि वहां के लोग उन्हें पसंद करते हैं। इसके जवाब में डेल्सी रोड्रिगेज ने हेग में इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में सुनवाई के दौरान कहा, “हम अपनी अखंडता, संप्रभुता, स्वतंत्रता और इतिहास की रक्षा करते रहेंगे।” जनवरी में अमेरिकी बलों द्वारा पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाए जाने के बाद रोड्रिगेज ने अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर सत्ता संभाली थी। उनके नेतृत्व में वेनेजुएला ने तेल और खनन सेक्टर को विदेशी कंपनियों के लिए फिर से खोलने की दिशा में कदम उठाए हैं। इसी बीच अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने दावा किया कि वेनेजुएला के एक रिसर्च रिएक्टर से 13.5 किलोग्राम यूरेनियम हटाया गया है। विभाग के मुताबिक यह अमेरिका, ब्रिटेन और वेनेजुएला का संयुक्त ऑपरेशन था। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने भी इसकी पुष्टि की। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… एंटी-इमिग्रेशन प्रदर्शनकारियों ने नीदरलैंड में शरणार्थी आश्रय केंद्र में आग लगाई नीदरलैंड के लूसड्रेख्ट शहर में एंटी-इमिग्रेशन प्रदर्शनकारियों ने एक अस्थायी शरणार्थी आश्रय केंद्र में आग लगा दी। घटना मंगलवार शाम की है। उसी दिन 15 शरणार्थियों का पहला समूह वहां पहुंचा था। डच मीडिया NOS के मुताबिक स्थानीय प्रशासन ने खाली पड़े टाउन हॉल को अस्थायी शरणार्थी केंद्र में बदलने का फैसला किया था। शरणार्थियों के पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने इमारत पर पटाखे फेंकने शुरू कर दिए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों पर सामान फेंका और दमकलकर्मियों को आग बुझाने से रोकने की कोशिश की। बाद में फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया। घटना के बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया। लूसड्रेख्ट की आबादी करीब 8,600 है। यहां पिछले कई हफ्तों से शरणार्थियों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे थे। विरोध के चलते प्रशासन को 110 शरणार्थियों को बसाने की योजना घटाकर 70 करनी पड़ी थी। पिछले महीने स्थानीय लोगों और कारोबारियों ने शेल्टर के विरोध में 3 हजार हस्ताक्षरों वाला एक याचिका पत्र प्रशासन को सौंपा था। हालांकि, अदालत ने खाली टाउन हॉल को शरणार्थी केंद्र के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी थी। दक्षिणपंथी पार्टी डच अलायंस (DNA) के नेता गिडी मार्कुज़ोवर ने प्रदर्शन के दौरान कहा था कि शरणार्थियों को “अपने देश वापस जाना चाहिए।” वहीं, प्रो-इमिग्रेशन नेताओं ने हिंसा की आलोचना की है। नीदरलैंड के न्याय मंत्री डेविड वैन वील ने कहा कि कुछ बाहरी समूहों ने प्रदर्शन का फायदा उठाकर हिंसा भड़काई हो सकती है।
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