Responsive Scrollable Menu

सस्ती हुई Jawa 42 Bobber, फीचर्स उड़ा रहे Royal Enfield की नींद

नई दिल्ली: पहले से सस्ती हुई जावा की मोटरसाइकिल। भारतीय बाजार में एक समय लोग क्रूज़र बाइक को खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे है। लोगों के पसंद को देखते हुए मार्केट में java 42 Bubber मोटर साइकिल इन दिनों तहलका मचा रही है। क्योकि इसमें मिल रहे फीचर्स अन्य बाइक को होश उड़ा रहे है। ...

The post सस्ती हुई Jawa 42 Bobber, फीचर्स उड़ा रहे Royal Enfield की नींद appeared first on Taza Hindi Samachar.

Continue reading on the app

WhatsApp यूजर्स के लिए जरूरी खबर, ऑनलाइन फ्रॉड रोकने के लिए सरकार उठाया बड़ा कदम, 1 मार्च से लागू होगा यह नियम

अगर आप WhatsApp, Telegram, Signal या Snapchat जैसे इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 1 मार्च से इन सभी प्लेटफॉर्म्स पर एक नया सुरक्षा नियम लागू होने जा रहा है, जिसे ‘सिम बाइंडिंग’ कहा जाता है। केंद्र सरकार ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है।

दूरसंचार विभाग (DoT) ने नवंबर में इन कंपनियों को यह नियम लागू करने के लिए 90 दिनों का समय दिया था, जिसकी समय सीमा 28 फरवरी को समाप्त हो रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस डेडलाइन में कोई विस्तार नहीं किया जाएगा, जिसका मतलब है कि 1 मार्च से सभी कंपनियों को इस नियम का पालन करना होगा।

आखिर क्या है सिम बाइंडिंग?

सिम बाइंडिंग एक सुरक्षा फीचर है जो यह सुनिश्चित करता है कि आप जिस मोबाइल नंबर से मैसेजिंग ऐप का अकाउंट चला रहे हैं, उसका सिम कार्ड उसी डिवाइस में मौजूद और सक्रिय हो। अभी तक यह संभव था कि आप एक बार अपने नंबर से WhatsApp पर OTP के जरिए लॉगिन कर लें और फिर सिम कार्ड निकालकर भी वाई-फाई की मदद से ऐप का इस्तेमाल करते रहें। लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा।

नए नियम के तहत:

अगर आप अपने मोबाइल से वह सिम कार्ड निकाल देते हैं जिससे आपका WhatsApp या Telegram अकाउंट लिंक है, तो ये ऐप्स उस डिवाइस पर काम करना बंद कर देंगे। ऐप को दोबारा चलाने के लिए आपको सिम कार्ड वापस फोन में डालना होगा और लॉगिन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?

इस नियम को लागू करने के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य तेजी से बढ़ रहे वित्तीय फ्रॉड, खासकर ‘सिम स्वैप’ जैसी घटनाओं को रोकना है। हाल के दिनों में साइबर अपराधी यूजर्स के सिम कार्ड का डुप्लीकेट बनवाकर या किसी तरह उनके नंबर का एक्सेस लेकर उनके मैसेजिंग ऐप्स को कंट्रोल कर लेते थे। इसके बाद वे उस अकाउंट का इस्तेमाल वित्तीय धोखाधड़ी या अन्य अवैध गतिविधियों के लिए करते थे। सिम बाइंडिंग लागू होने से हैकर्स के लिए ऐसा करना लगभग नामुमकिन हो जाएगा, क्योंकि ऐप चलाने के लिए फिजिकल सिम कार्ड का फोन में होना जरूरी होगा।

आम यूजर्स पर क्या होगा असर?

अधिकतर यूजर्स के लिए चिंता की कोई बात नहीं है। अगर आप अपने जिस फोन में WhatsApp चला रहे हैं, उसी में संबंधित सिम कार्ड भी इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपके लिए कुछ भी नहीं बदलेगा और आपका ऐप पहले की तरह सामान्य रूप से काम करता रहेगा।

हालांकि, अगर आप अक्सर सिम कार्ड बदलते हैं या किसी दूसरे फोन में अपना सिम लगाकर अपने प्राइमरी फोन में वाई-फाई पर ऐप चलाते हैं, तो आपको असुविधा हो सकती है। सिम हटाने पर आपका ऐप अस्थायी रूप से निष्क्रिय हो जाएगा। इसके अलावा, इन ऐप्स के वेब वर्जन (जैसे WhatsApp Web) पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। नए नियम के मुताबिक, वेब अकाउंट हर 6 घंटे में अपने आप लॉग-आउट हो जाएगा और आपको दोबारा इस्तेमाल करने के लिए QR कोड स्कैन करके फिर से लॉग-इन करना होगा।

Continue reading on the app

  Sports

Independence Day: खेलों में भी भारत से पीछे पाकिस्तान, आजादी के 79 सालों में मेडल टैली में अव्वल

Independence Day: भारत के बंटवारे के साथ ही पाकिस्तान का भी जन्म हुआ और पिछले 79 सालों से दोनों अलग-अलग पहचान के साथ बने हुए हैं. मगर दोनों देशों ने हर मामले में अलग दिशा चुनी, जो खेलों में भी दिखी. Wed, 12 Aug 2026 23:22:53 +0530

  Videos
See all

Israeli settlers besieging Palestinian families in West Bank village. #WestBank #BBCNews #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-12T19:00:39+00:00

Satya aur Tathya: गृह मंत्री Amit Shah चर्चा को तैयार फिर क्यों तकरार? | Rahul | Akhilesh | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-12T19:00:15+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers