'ऑपरेशन सिंदूर' में तबाह हुए आतंकी ठिकाने फिर हो रहे सक्रिय, जैश-ए-मोहम्मद ने शिफ्ट किया बेस : रिपोर्ट
वाशिंगटन, 12 मई (आईएएनएस)। पिछले साल 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में मौजूद कई आतंकी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा था। अब उन जगहों पर बड़े स्तर पर सफाई और दोबारा निर्माण का काम चलता दिखाई दे रहा है।
सैटेलाइट तस्वीरों में वहां निर्माण सामग्री और मशीनें नजर आई हैं, जिससे पता चलता है कि इन ठिकानों को फिर से तैयार किया जा रहा है।
मंगलवार को आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अपने कई अहम ऑपरेशनल बेस पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से हटाकर खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) में शिफ्ट कर दिए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय हमलों के बाद पीओके उनके लिए कम सुरक्षित माना जाने लगा, जबकि केपीके को ज्यादा सुरक्षित और बचाव योग्य समझा जा रहा है।
अमेरिका की संस्था मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमईएमआरआई) ने मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से कहा कि यह शिफ्टिंग पाकिस्तान की सरकारी मशीनरी की सीधी मदद से की जा रही है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जैश-ए-मोहम्मद की खुली सभाएं पुलिस सुरक्षा में आयोजित हुईं और कट्टरपंथी इस्लामी संगठन जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम की भी इसमें भूमिका रही।
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया था।
एमईएमआरआई की रिपोर्ट में कहा गया, “सैटेलाइट तस्वीरों में बहावलपुर में एन-5 नेशनल हाईवे के पास स्थित जामिया सुभान अल्लाह परिसर में फिर से निर्माण गतिविधियां साफ दिखाई दे रही हैं। 14 अप्रैल 2026 की तस्वीरों में भारी मशीनें और कई निर्माण वाहन साइट पर काम करते नजर आए।”
रिपोर्ट में आगे कहा गया, “अमेरिका की स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी वंटोर से मिली हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों में देखा गया कि मस्जिद के जो गुंबद हमले में क्षतिग्रस्त हुए थे, उन्हें अब दोबारा बना दिया गया है। नए गुंबदों का रंग पहले की तुलना में ज्यादा गहरा दिखाई दे रहा है, जिससे लगता है कि हाल ही में सीमेंट का काम हुआ है।”
रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ बहावलपुर ही नहीं बल्कि जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दूसरे ठिकानों पर भी दोबारा निर्माण का काम हो रहा है। इसमें कहा गया कि इस साल 22 अप्रैल की सैटेलाइट तस्वीरों में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की सैयदना बिलाल मस्जिद में भी ऐसी गतिविधियां देखी गईं, जिसे इस संगठन से जुड़ा माना जाता है।
पाकिस्तान अभी भी एशिया पैसिफिक ग्रुप (एपीजी) ऑन मनी लॉन्ड्रिंग की निगरानी में है। यह संस्था एफएटीएफ के आतंकवाद फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के मानकों के आधार पर देशों की जांच करती है।
रिपोर्ट में कहा गया, “अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने बताया कि जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े बताए जा रहे सोशल मीडिया अकाउंट्स ने डिजिटल वॉलेट्स के जरिए फंड जुटाने के संकेत दिए थे, ताकि सुभान अल्लाह परिसर के पुनर्निर्माण का काम किया जा सके।”
पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठनों को लेकर चिंता जताते हुए एफएटीएफ की अध्यक्ष एलिसा डी एंडा माद्राजो ने कहा था कि जो देश पहले ग्रे लिस्ट से बाहर आ चुके हैं, वे भी मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी फंडिंग के खतरे से पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सरकारों से सख्त निगरानी और मजबूत कार्रवाई जारी रखने की अपील की थी।
रिपोर्ट में कहा गया, “उन टिप्पणियों के कुछ ही महीनों बाद जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े ठिकानों पर खुलेआम दोबारा निर्माण का काम दिखना यह सवाल खड़ा करता है कि निगरानी व्यवस्था वास्तव में कितनी असरदार है।”
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पाकिस्तान अक्टूबर 2022 में एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर आया था। साथ ही यह दावा किया गया कि ऑपरेशन सिंदूर से पहले भी एक मीडिया जांच में जेईएम के मुख्यालय में विस्तार के संकेत मिले थे, जो पाकिस्तान के ग्रे लिस्ट से बाहर आने के बाद शुरू हुए थे।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ओम बिरला ने कोटा मेडिकल कॉलेज में गर्भवती महिलाओं की मौत के मामले की समीक्षा की
जयपुर, 12 मई (आईएएनएस)। कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की मौत को गंभीरता से लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कोटा के सीएडी सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
इस बैठक में चिकित्सा विभाग की प्रधान सचिव गायत्री राठौर, कोटा संभागीय आयुक्त अनिल अग्रवाल, जिला कलेक्टर पीयूष समरिया, और मेडिकल कॉलेज अस्पताल तथा जे.के. लोन अस्पताल सहित कई अस्पतालों के अधीक्षक और चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान बिरला ने घटनाक्रम के बारे में विस्तृत तथ्यात्मक जानकारी मांगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जयपुर से भेजी गई जांच टीम के निष्कर्षों का भी आकलन किया और अब तक शुरू किए गए सुधारात्मक उपायों की समीक्षा की।
गर्भवती महिलाओं की मृत्यु को अत्यंत संवेदनशील मामला बताते हुए बिरला ने कहा कि चिकित्सा देखभाल में लापरवाही किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त प्रोटोकॉल तैयार करने का निर्देश दिया।
बिरला ने घोषणा की कि दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एम्स) और अन्य केंद्रीय चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों का एक दल जल्द ही कोटा-बूंदी क्षेत्र के अस्पतालों का दौरा करेगा।
विशेषज्ञों का यह पैनल ऑपरेशन थिएटरों में संक्रमण के कारणों की जांच, ऑपरेशन प्रक्रियाओं का निरीक्षण और अस्पताल के बुनियादी ढांचे और प्रबंधन प्रणालियों का आकलन करेगा। इसके बाद टीम एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसटीसी) की सिफारिश करेगी।
उन्होंने डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों को सर्जरी के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतने का निर्देश भी दिया।
लोकसभा अध्यक्ष ने कोटा संभागीय आयुक्त को अपने नेतृत्व में एक समिति गठित करने का निर्देश दिया, जो जिले के सभी सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण करेगी। समिति चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता, स्वच्छता प्रणालियों, नर्सिंग देखभाल, आपातकालीन सेवाओं और समग्र अस्पताल प्रबंधन का आकलन करेगी।
यह कमियों को दूर करने और स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार के लिए एक रोडमैप भी तैयार करेगी। बिरला ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी अस्पतालों में जनता का विश्वास बनाए रखना सर्वोपरि है।
लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को अस्पताल स्वच्छता प्रणालियों को मजबूत करने, नर्सिंग और आपातकालीन सेवाओं में सुधार करने और रोगी देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने का निर्देश दिया। मरीजों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए।
--आईएएनएस
ओपी/डीकेपी
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