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FIFA World Cup 2026: क्या स्पेन ने जीत की तस्वीर से डोनाल्ड ट्रंप को हटाया? जानिए वायरल दावे की पूरी सच्चाई

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर चौथी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मैच के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मंच पर मौजूद थे। लेकिन कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर एक नया विवाद शुरू हो गया।

दावा किया जाने लगा कि स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन (RFEF) ने अपनी आधिकारिक जीत की तस्वीरों से ट्रंप को हटा दिया है। अब सवाल यह है कि क्या वास्तव में तस्वीर एडिट की गई थी या फिर वायरल दावा अधूरी जानकारी पर आधारित है?

ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान क्या हुआ?
फाइनल जीतने के बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन समारोह में FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों मंच पर मौजूद थे। ट्रंप ने स्पेन के खिलाड़ियों को मेडल पहनाए और कप्तान रॉड्री को FIFA World Cup ट्रॉफी भी सौंपी।

जब रॉड्री ने पहली बार ट्रॉफी उठाई, तब ट्रंप भी खिलाड़ियों के बेहद करीब दिखाई दिए। इसी दौरान ली गई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।

स्टेडियम में ट्रंप की मौजूदगी पर हुई हूटिंग
फाइनल के दौरान जब स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर डोनाल्ड ट्रंप दिखाई दिए, तब दर्शकों के एक वर्ग ने हूटिंग की। इसके बाद ट्रॉफी समारोह में भी उनके मैदान पर आने के दौरान शोर सुनाई दिया। कुछ वीडियो में यह भी देखा गया कि ट्रॉफी उठाने के शुरुआती क्षणों के बाद ट्रंप मंच से हटते नजर आते हैं और समारोह आगे बढ़ता है।

आखिर वायरल दावा क्या है?
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने दावा किया कि स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन ने अपनी आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में जो तस्वीरें शेयर कीं, उनमें डोनाल्ड ट्रंप दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या ट्रंप को फोटो से जानबूझकर क्रॉप या एडिट कर हटाया गया। यही दावा अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या सचमुच तस्वीर से ट्रंप को हटाया गया?
उपलब्ध वीडियो और तस्वीरों के आधार पर फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि तस्वीर को डिजिटल एडिटिंग के जरिए बदला गया। दरअसल, ट्रॉफी प्रेजेंटेशन के दौरान कई अलग-अलग एंगल और अलग-अलग समय पर तस्वीरें ली गई थीं।

शुरुआती फ्रेम में ट्रंप खिलाड़ियों के साथ नजर आते हैं, जबकि बाद के कई फ्रेम ऐसे हैं, जिनमें वे मंच पर मौजूद नहीं दिखते। ऐसे में यह भी संभव है कि स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन ने वही तस्वीरें साझा की हों, जो ट्रंप के मंच से हटने के बाद ली गई थीं। इसलिए केवल एक फोटो के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि उन्हें एडिट करके हटाया गया।

सोशल मीडिया पर क्यों बढ़ा विवाद?
ट्रॉफी समारोह की दो अलग-अलग तस्वीरों की तुलना करते हुए कई यूजर्स ने एडिटिंग का दावा किया। कुछ पोस्ट में इसे राजनीतिक मुद्दे से भी जोड़ दिया गया। हालांकि, अब तक स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन या FIFA की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

निष्कर्ष: फिलहाल उपलब्ध तस्वीरों और वीडियो से यह स्पष्ट होता है कि डोनाल्ड ट्रंप ट्रॉफी प्रेजेंटेशन समारोह के शुरुआती हिस्से में मंच पर मौजूद थे। लेकिन ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन ने आधिकारिक तस्वीरों से उन्हें डिजिटल रूप से हटाया।

इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावे को फिलहाल पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता। अधिक संभावना यही है कि अलग-अलग समय पर ली गई तस्वीरों की वजह से यह भ्रम पैदा हुआ।

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US Tariff Bill: "देश को अमेरिका के हाथों...," ट्रंप के टैरिफ बिल पर अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर तंज

Arvind Kejriwal on Tariff Bill: अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100 प्रतिशत तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। इस बिल को लेकर AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने पोस्ट के माध्यम से कहा है कि "देश को अमेरिका के हाथों गिरवी रखने के बाद, ट्रंप की ग़ुलामी करने के बाद और भारत का अपमान करवाने के बाद पीएम मोदी देश के लिए ये लाए हैं। 

केजरीवाल का कहना है कि देश के हर  छोटे बड़े फैसले में  ट्रंप का हस्तक्षेप है। पीएम मोदी ट्रंप की हर बात मानते हैं। भले सही हो या गलत ट्रंप हर क्षेत्र में भारत के खिलाफ फैसला लेता है। अमेरिकी सीनेट ने रूस तथा उसके पेट्रोलियम उत्पादों के चीन एवं भारत जैसे प्रमुख खरीदार देशों को दंडित करने के उद्देश्य से लाए गए एक विधेयक को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। विधेयक में दावा किया गया है कि रूस के साथ इस तरह का व्यापार यूक्रेन युद्ध को जारी रखने में सहायता कर रहा है।   

86 मतों से मिली मंजूरी

सीनेट ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नाम के इस विधेयक को 11 के मुकाबले 86 मतों से मंजूरी दी। यह विधेयक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस का सबसे अधिक आयात करने वाले 5 देशों से आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने का अधिकार देता है।  इस बिल के पास हो जाने से भारत में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्ष द्वारा  मोदी सरकार पर निशाना साधा जा रहा है। 

बिल में क्या-क्या प्रावधान हैं ?

  • चीन, भारत, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया रूस से तेल और गैस का सबसे अधिक आयात करने वाले पांच देश हैं। 
  • रूस पर प्रतिबंधों के अलावा विधेयक में 1996 के ‘ईरान प्रतिबंध अधिनियम’ की अवधि 2031 तक बढ़ाने का भी प्रावधान है। 
  • कानून के तहत ईरान के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। 

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  Sports

Independence Day 2026: भारत के वो महान खिलाड़ी, जो आजादी से पहले ही बन गए देश की पहचान

भारत ने आजादी के बाद कई खेलों में धीरे-धीरे तरक्की की और आज कई उपलब्धियां हासिल कर ली हैं. मगर इनमें से कुछ की दमदार बुनियाद आजादी से पहले ही पड़ चुकी थी, जिनमें कुछ महान खिलाड़ियों का योगदान था. Fri, 14 Aug 2026 23:43:57 +0530

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