Ajinkya Rahane Retirement: अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास, कहा- आगे बढ़ने का यही सही समय
भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। अपने शांत स्वभाव, तकनीकी बल्लेबाजी और दबाव में शानदार प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले रहाणे ने कहा कि यह फैसला उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद लिया है।
कहा- अब नए सफर की शुरुआत का समय
संन्यास की घोषणा करते हुए रहाणे ने कहा कि उनके करियर का यह एक नया अध्याय है और उन्हें लगता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का यही सही समय है। उन्होंने अपने क्रिकेट सफर में साथ देने वाले साथियों, कोच, परिवार और प्रशंसकों का आभार भी जताया।
टीम इंडिया के भरोसेमंद बल्लेबाज रहे रहाणे
अजिंक्य रहाणे ने कई वर्षों तक भारतीय टीम के लिए टेस्ट और वनडे क्रिकेट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदेशी परिस्थितियों में उनकी बल्लेबाजी को हमेशा सराहा गया। कई मुश्किल मौकों पर उन्होंने अपनी जिम्मेदार पारियों से टीम इंडिया को जीत दिलाने में अहम योगदान दिया।
बल्लेबाजी के साथ कप्तानी में भी छोड़ी छाप
रहाणे ने केवल बल्लेबाज के रूप में ही नहीं, बल्कि कप्तान के तौर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनके शांत नेतृत्व और संयमित फैसलों ने भारतीय क्रिकेट में उन्हें खास स्थान दिलाया। उनके संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक यादगार अध्याय का अंत हो गया।
अगली पीढ़ी की मदद करेंगे रहाणे
संन्यास के बाद अपनी भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए रहाणे ने स्पष्ट किया कि खेल के साथ उनका सफर खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, एक भारतीय क्रिकेटर के रूप में मेरा अध्याय भले ही समाप्त हो रहा हो, लेकिन इस खेल के साथ मेरी यात्रा जारी रहेगी। मैं अगली पीढ़ी की मदद करने, इस खेल से सीखे मूल्यों को साझा करने और उस खेल को वापस लौटाने के लिए तत्पर हूं जिसने मुझे सब कुछ दिया है।
रहाणे के करियर की बड़ी उपलब्धियां
- 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारत को 2-1 से ऐतिहासिक जीत दिलाई।
- एडिलेड टेस्ट में 36 रन पर ऑलआउट होने के बाद टीम की शानदार वापसी कराई।
- मेलबर्न टेस्ट में कप्तानी पारी खेलते हुए शतक जड़ा।
- विदेशी सरजमीं पर भारत के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में शुमार रहे।
- 85 टेस्ट में 5,077 रन और 12 शतक बनाए।
- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 8,000 से ज्यादा रन बनाकर करियर का समापन किया।
किसान की बेटी ने रचा इतिहास, बनीं डिप्टी कलेक्टर, ST वर्ग में किया टॉप
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की बेटी चंचल पैकरा ने CGPSC 2024 के परिणामों में ST (अनुसूचित जनजाति) वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि उनकी ओवरऑल रैंक 206 रही है. सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट चंचल ने अपने दूसरे प्रयास में यह सपना साकार कर दिखाया. पहले प्रयास में प्रीलिम्स में असफलता मिलने के बावजूद, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी.
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