Crime News: कैसे एक सेना का पूर्व जवान बना खूंखार सीरियल किलर? चंदौली में पुलिस मुठभेड़ के दौरान हुआ ढेर
Crime News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में पिछले कुछ घंटों से फैला खौफ का साया अब पूरी तरह खत्म हो गया है. अमृतसर का रहने वाला और सेना का पूर्व जवान गुरप्रीत, जो एक के बाद एक तीन हत्याएं कर सीरियल किलर बन चुका था, पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है. इस सनकी अपराधी ने चंदौली और आसपास के इलाकों में अपनी खौफनाक वारदातों से दहशत पैदा कर दी थी. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार तो कर लिया था, लेकिन क्राइम सीन के रिक्रिएशन के दौरान उसने भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को मजबूरन गोली चलानी पड़ी और वह ढेर हो गया.
सेना की नौकरी के बाद बना अपराधी
पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है. एनकाउंटर में मारा गया गुरप्रीत सिंह पंजाब के अमृतसर का रहने वाला था. वह भारतीय सेना में जवान था और साल 2021 में वहां से रिटायर हुआ था. रिटायरमेंट के बाद वह काफी समय तक अपने घर पर रहा, लेकिन उसकी शराब पीने की बुरी लत ने उसे बर्बादी की राह पर धकेल दिया. इसी साल 29 अप्रैल को वह बिहार के आरा जिले में एक सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने आया था. शराब की लत की वजह से वहां भी उसे नौकरी से निकाल दिया गया. नौकरी जाने के बाद वह गहरे मानसिक तनाव में रहने लगा और धीरे-धीरे एक साइको किलर में तब्दील हो गया.
ट्रेनों और अस्पताल में मचाया कत्लेआम
गुरप्रीत ने अपनी हत्याओं का सिलसिला रविवार की सुबह शुरू किया. सबसे पहले उसने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से ताड़ीघाट जा रही पैसेंजर ट्रेन में सकलडीहा स्टेशन के पास मंगरू नाम के एक यात्री की गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद उसने लाश को पटरी पर फेंक दिया. अभी पुलिस इस मामले की जांच कर ही रही थी कि रविवार और सोमवार की रात उसने जम्मू तवी एक्सप्रेस में दूसरी वारदात को अंजाम दिया. यहां उसने गया से लखनऊ जा रहे दिनेश साहू के सिर में गोली मारकर उन्हें मौत के नींद सुला दिया. उसकी दरिंदगी यहीं नहीं रुकी. सोमवार सुबह उसने एक अस्पताल में घुसकर इलाज करा रही बुजुर्ग महिला लक्ष्मीना देवी की भी गोली मारकर हत्या कर दी.
ग्रामीणों ने दिखाया साहस
तीसरी वारदात को अंजाम देने के बाद जब गुरप्रीत अस्पताल से भागने की कोशिश कर रहा था, तभी वहां मौजूद ग्रामीणों ने उसे देख लिया. गांव वालों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए उसे चारों तरफ से घेरा और दौड़कर पकड़ लिया. ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने उसे हिरासत में ले लिया. पुलिस ने उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया था. पूछताछ में यह जानकर पुलिस भी हैरान रह गई कि गुरप्रीत का अपने किसी भी शिकार से कोई पुराना विवाद या जान-पहचान नहीं थी. उसने महज अपने गुस्से को शांत करने के लिए राह चलते लोगों को निशाना बनाया.
मुठभेड़ में इस तरह हुआ अंत
गिरफ्तारी के बाद पुलिस गुरप्रीत को उन जगहों पर ले गई जहां उसने हत्याएं की थीं ताकि क्राइम सीन का रिक्रिएशन किया जा सके. इसी दौरान शातिर गुरप्रीत ने मौका पाकर एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्टल छीन ली. उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और वहां से भागने लगा. पुलिस ने उसे रुकने की चेतावनी दी लेकिन उसने गोलियां चलाना जारी रखा. आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें गुरप्रीत को गोलियां लगीं. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस एनकाउंटर के साथ ही चंदौली में एक खतरनाक साइको किलर के अध्याय का अंत हो गया है. पुलिस अब इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है.
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केंद्र ने ऑफशोर और डीपवाटर तेल एवं गैस ब्लॉक पर घटाई रॉयल्टी
नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने डीपवाटर और अल्ट्रा-डीपवाटर ऑफशोर ब्लॉक से कच्चे तेल और केसिंग हेड कंडेनसेट उत्पादन पर रॉयल्टी को कम कर दिया है। यह जानकारी सरकार की ओर से ऑयल एंड गैस क्षेत्र में रॉयल्टी को लेकर जारी किए गए नए नोटिफिकेशन में दी गई।
नए संशोधित ढांचे के अंतर्गत, डीपवाटर क्षेत्रों के लिए रॉयल्टी कॉमर्शियल उत्पादन शुरू होने के पहले सात वर्षों के लिए 5 प्रतिशत और आठवें वर्ष से अधिक के लिए 10 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
अल्ट्रा-डीपवाटर क्षेत्रों से कॉमर्शियल उत्पादन पर पहले सात वर्षों तक कोई रॉयल्टी नहीं ली जाएगी। हालांकि, आठ वर्ष के बाद उत्पादन जारी रखने पर 5 प्रतिशत रॉयल्टी देनी होगी।
इसके अलावा, संशोधित रॉयल्टी अनुसूची में विभिन्न व्यवस्थाओं के तहत आवंटित क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें राष्ट्रीय तेल कंपनियों को नामांकन-आधारित आवंटन, नई अन्वेषण लाइसेंसिंग नीति (एनईएलपी) से पहले आवंटित ब्लॉक और हाइड्रोकार्बन अन्वेषण एवं लाइसेंसिंग नीति (एचईएलपी)और डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड (डीएसएफ) नीति के तहत आवंटित क्षेत्र शामिल हैं।
स्थलीय और उथले जल क्षेत्रों के लिए, अधिकांश श्रेणियों में रॉयल्टी दर 12.5 प्रतिशत पर बनी हुई है, जबकि कुछ ऑफशोर और अल्ट्रा-डीपवाटर उत्पादन श्रेणियों पर कम रॉयल्टी लागू होगी।
सरकार ने संशोधित ढांचे के तहत निर्दिष्ट कुछ श्रेणियों के लिए 7.5 प्रतिशत की रॉयल्टी दर को भी बरकरार रखा है।
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के कारण दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं दबाव का सामना कर रही हैं।
इसके अलावा, सरकार ने कहा है कि हमारे पास पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार है और घरेलू खाना पकाने के लिए एलपीजी की आपूर्ति की जा रही है।
इस महीने की शुरुआत में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्षेत्र में संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से अमेरिका द्वारा प्रस्तावित ईरान की प्रतिक्रिया पर असंतोष व्यक्त किया और तेहरान के रुख को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभाव के बीच विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने में मदद करने के लिए नागरिकों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने, विदेश यात्रा कम करने और ईंधन की खपत कम करने की अपील की थी।
--आईएएनएस
एबीएस/
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