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अब इस हाल में हैं 'विवाह' में शाहिद की साली बनीं छुटकी, जानें 20 साल बाद अब क्या करती हैं एक्ट्रेस?

Amrita Prakash Birthday: शाहिद कपूर और अमृता राव की सुपरहिट फिल्म 'विवाह' आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे पसंदीदा फैमिली फिल्मों में गिनी जाती है. राजश्री प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म ने रिश्तों, संस्कारों और पारिवारिक भावनाओं को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा था. फिल्म में जहां शाहिद कपूर और अमृता राव की सादगी भरी प्रेम कहानी को दर्शकों ने खूब प्यार दिया, वहीं इस फिल्म में कई किरदार भी थे जो लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाने में कामयाब रहे.

चुलबुली अदाओं और मासूमियत से जीता दिल

फिल्म में अनुपम खेर, अलोक नाथ और सीमा बिस्वास जैसे कलाकारों ने अपनी दमदार अदाकारी से कहानी को और मजबूत बनाया था. लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा किरदार था, जिसने अपनी चुलबुली अदाओं और मासूमियत से हर किसी का दिल जीत लिया था. ये किरदार था ‘छोटी’ यानी रजनी का, जो फिल्म में अमृता राव की छोटी बहन बनी थीं.

जी हां, आज भी जब ‘विवाह’ की चर्चा होती है, तो ‘छोटी’ का नाम जरूर लिया जाता है. बता दें कि ये किरदार एक्ट्रेस अमृता प्रकाश ने निभाया था. वहीं आज यानी 12 मई को अमृता प्रकाश अपना जन्मदिन मना रही हैं और वो अब 39 साल की हो चुकी हैं. तो चलिए आज उनके बर्थडे पर हम आपको बताते हैं अब क्या करती हैं अमृता प्रकाश?

‘विवाह’ की छोटी ने कैसे जीता था लोगों का दिल

फिल्म में रजनी उर्फ छोटी का किरदार बेहद प्यारा था. कभी बहन के साथ मस्ती करना, कभी परिवार के माहौल को हल्का-फुल्का बनाना और कभी भावुक सीन्स में मासूमियत से दर्शकों को रुला देना, अमृता प्रकाश ने इस भूमिका को इतनी खूबसूरती से निभाया कि वो हर घर की पसंद बन गईं. उनकी नैचुरल एक्टिंग और चुलबुला अंदाज लोगों को इतना पसंद आया कि कई दर्शक उन्हें आज भी ‘छोटी’ के नाम से ही पहचानते हैं. यही वजह है कि फिल्मी दुनिया में कई प्रोजेक्ट्स करने के बावजूद उनकी सबसे बड़ी पहचान आज भी ‘विवाह’ की रजनी ही बनी हुई है.

चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर शुरू किया था करियर

बहुत कम लोग जानते हैं कि अमृता प्रकाश ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत बचपन में ही कर दी थी. साल 2001 में रिलीज हुई 'तुम बिन' में उन्होंने चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर काम किया था. इस फिल्म के बाद उन्होंने कई टीवी शोज और फिल्मों में अभिनय किया. टीवी की दुनिया में भी अमृता ने अपनी अलग पहचान बनाई. वो Shakti, Patiala Babes और Barood जैसे शोज में नजर आ चुकी हैं. उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और एक्टिंग को दर्शकों ने हमेशा पसंद किया.

अब कैसी दिखती हैं ‘छोटी’?

‘विवाह’ को रिलीज हुए लगभग 20 साल होने वाले हैं और इतने समय में अमृता प्रकाश का लुक काफी बदल चुका है. मासूम सी दिखने वाली छोटी अब बेहद ग्लैमरस और स्टाइलिश नजर आती हैं. हालांकि वो सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रिय नहीं रहतीं, लेकिन उनकी तस्वीरें सामने आते ही फैंस उन्हें पहचान लेते हैं. 39 साल की उम्र में भी अमृता बेहद फिट और खूबसूरत दिखती हैं. उनकी स्माइल और सादगी आज भी लोगों को उतनी ही पसंद आती है, जितनी ‘विवाह’ के समय आती थी.

एक्टिंग के साथ बिजनेस भी संभाल रहीं अमृता

अमृता प्रकाश सिर्फ एक्टिंग तक सीमित नहीं हैं. उन्होंने अपने करियर को एक नया आयाम देते हुए साल 2016 में अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस शुरू किया था. उनकी कंपनी का नाम Take Two Films है. यह कंपनी मुख्य रूप से विज्ञापन फिल्में और क्रिएटिव कंटेंट तैयार करने का काम करती है. एक्टिंग के साथ-साथ एक्ट्रेस अब प्रोडक्शन और क्रिएटिव फील्ड में भी एक्टिव हैं. इससे साफ है कि अमृता ने समय के साथ खुद को सिर्फ एक एक्ट्रेस तक सीमित नहीं रखा, बल्कि मनोरंजन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है.

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विदेश मंत्री जयशंकर ने विज्ञान और गणित में भारत के योगदान को मान्यता देने का किया आग्रह

संयुक्त राष्ट्र, 12 मई (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गणित और विज्ञान के इतिहास को लेकर प्रचलित “एक-आयामी दृष्टिकोण” से आगे बढ़ने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने ऐसी समावेशी और लोकतांत्रिक ऐतिहासिक सोच की वकालत की, जो इन क्षेत्रों में भारत के मूलभूत योगदान को उचित पहचान दे।

सोमवार को यहां गणित में भारत के योगदान पर एक एग्जिबिशन का उद्घाटन करते हुए, उन्होंने तीसरी सदी में भारत में विकसित हुए बाइनरी सिस्टम का उदाहरण दिया, जिसकी नींव पर डिजिटल युग और एआई में दुनिया का सफर टिका है।

उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे हम एआई के सफर पर निकलेंगे, ये सच और साफ होते जाएंगे, जहां अतीत की हमारी समझ भविष्य के टूल्स से फायदा उठाएगी। यह एग्जिबिशन याद दिलाती है कि गणित यूनिवर्सल है और इसके विस्तार से दुनिया भर में अच्छा काम हुआ है और हो रहा है।”

उन्होंने कहा कि फरवरी में भारत में हुए एआई इम्पैक्ट समिट ने एक मजबूत मैसेज दिया कि क्रिएटिविटी और इनोवेशन कुछ लोगों तक सीमित नहीं रह सकते।

विदेश मंत्री ने कहा, “अतीत की गलतियों को ठीक करके ही हम भविष्य के मुद्दों को सही तरीके से सुलझा सकते हैं। यह यूएन के लिए मायने रखता है, क्योंकि एक अलग-अलग तरह का और लोकतांत्रिक समूह एक ही तरह की कहानी पर नहीं बन सकता।”

डॉ एस जयशंकर ने आगे कहा, “हमें यह समझने की जरूरत है कि तकनीक के लोकतंत्रीकरण के लिए, असल में, दुनिया के लोकतंत्रीकरण के लिए, इतिहास के लोकतंत्रीकरण की जरूरत है।”

उन्होंने कहा, “बहुत लंबे समय से वैज्ञानिक तरक्की को एक छोटी नजर से देखा जाता रहा है, जो समय और भूगोल में सीमित है।”

लेकिन उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे भू-राजनीतिक उथल-पुथल से राजनीतिक और आर्थिक पुनर्संतुलन हो रहा है, यह जरूरी तौर पर सांस्कृतिक पुनर्संतुलन का रास्ता भी बना रहा है और यह अलग-अलग तरह की बातों के लिए जगह बनाकर किया जाएगा।”

इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के एसएएमएचआईटीए प्रोग्राम के तहत इंटरैक्टिव एग्जिबिशन, ग्लोबल डिफ्यूजन ऑफ मैथमेटिक्स बनाई गई थी ताकि भारत की सीखी हुई विरासत को दिखाया जा सके। यह विरासत मेडिसिन, गणित, आर्किटेक्चर, फिलॉसफी, एस्थेटिक्स और लिटरेचर जैसे फील्ड्स में फैली हुई है।

डिजिटल पैनल्स की एक सीरीज भारत की पुरानी मैथमेटिकल ताकत को दिखाती है, जिसमें बेसिक बाइनरी न्यूमेरिकल सिस्टम से लेकर अलजेब्रा और कैलकुलस तक शामिल हैं।

डिस्प्ले पर मैथमेटिकल लैंडमार्क थे जिनका जिक्र विदेश मंत्री जयशंकर ने किया: बाइनरी सिस्टम जिसकी जड़ें पिंगला के तीसरी सदी के छंद सूत्र में हैं; पुराने श्लोकों की रिदम जो असल में एल्गोरिद्मिक थी; पाई के लिए इनफिनिट सीरीज और जिसे अब पाइथागोरस थ्योरम कहा जाता है, उसके प्रिंसिपल्स।

डॉ. जयशंकर ने कहा कि प्रतिनिधियों के प्रवेश द्वार पर लगाई गई यह प्रदर्शनी, जो संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों के शीर्ष राजनयिकों के लिए एक प्रमुख मार्ग है, आज के दौर में तकनीक को अपनाने को लेकर मौजूद पूर्वाग्रहों और धारणाओं को दूर करने में भी मददगार साबित होगी।

भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा, “यह प्रदर्शनी शून्य, दशमलव प्रणाली, बीजगणित, त्रिकोणमिति और अनंत जैसी मूलभूत अवधारणाओं की यात्रा को दर्शाती है, जिनकी शुरुआती सोच भारत में विकसित हुई और जो बगदाद तथा टोलेडो जैसे ज्ञान केंद्रों के माध्यम से विभिन्न संस्कृतियों तक पहुंचते हुए पूरी दुनिया में फैली।”

उन्होंने कहा, “भारत ने हमेशा अपना ज्ञान पूरी दुनिया को दिया है। आज की भाषा में ओपन सोर्स, यह बहुत पुराने समय से एक भारतीय मंत्र रहा है।”

--आईएएनएस

केके/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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  Sports

15 साल पुराने रिकॉर्ड की बराबरी... प्रियांश आर्य आईपीएल में यह उपलब्धि हासिल करने वाले दूसरे अनकैप्ड प्लेयर बने

Priyansh Arya equals Ambati Rayudu records: युवा ओपनर प्रियांश आर्य ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 22 रनों की पारी खेलकर इतिहास रच दिया. इस पारी के दम पर उन्होंने मौजूदा सीजन में अपने 364 रन पूरे कर लिए. इसके साथ ही प्रियांश, दिग्गज अंबाती रायुडू के बाद आईपीएल इतिहास के केवल दूसरे ऐसे अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने अपने शुरुआती दोनों सीजनों में लगातार 350 प्लस रन बनाने का कारनामा किया हो. प्रियांश ने साल 2025 में 475 रन बनाए थे. Thu, 14 May 2026 21:37:53 +0530

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