West Bengal: शुभेंदु सरकार का बड़ा एक्शन, पहली कैबिनेट बैठक में सैकड़ों रिटायर अधिकारियों की सेवाएं खत्म करने का लिया फैसला
West Bengal: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए. सबसे अहम फैसला उन सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर था, जो रिटायरमेंट के बाद भी अलग-अलग विभागों में काम कर रहे थे. सरकार ने साफ कर दिया है कि अब ऐसी व्यवस्था नहीं चलेगी. साथ ही सरकारी खर्च, जवाबदेही और प्रशासनिक कार्यकुशलता पर जोर दिया.
रिटायर अधिकारियों की सेवाएं खत्म करने का फैसला
पहले की ममता बनर्जी सरकार ने कई अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद दोबारा नियुक्त किया था. कई लोग सलाहकार (एडवाइजर), ओएसडी और अन्य पदों पर काम कर रहे थे. बताया जा रहा है कि ऐसे अधिकारियों की संख्या 900 से ज्यादा थी. अब नई सरकार ने 60 साल से अधिक उम्र वाले और सेवा विस्तार पाने वाले अधिकारियों को हटाने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि अलग-अलग बोर्ड, सरकारी संस्थाओं और पब्लिक सेक्टर यूनिट में नियुक्त चेयरपर्सन, डायरेक्टर और नामित सदस्यों का कार्यकाल तुरंत समाप्त किया जाए. इस संबंध में सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं.
एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन ने जारी की नई रिपोर्ट, ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था और हरित ऊर्जा में बड़ी भूमिका का दावा
स्टैनलो (यूके), 11 मई (आईएएनएस)। एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन ने सोमवार को अपनी पहली इन-कंट्री वैल्यू ओवरव्यू रिपोर्ट जारी की, जिसमें बताया गया है कि कंपनी ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन कम करने में बड़ी भूमिका निभा रही है।
एफजीई नेक्सेंटईसीए की स्वतंत्र रिपोर्ट में कहा गया है कि एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन पहले से ही ब्रिटेन के लिए एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और आर्थिक सहयोगी है। साथ ही, कंपनी का कम-कार्बन ऊर्जा हब में बदलाव आने वाले समय में देश को बड़ा आर्थिक फायदा देगा।
रिपोर्ट के अनुसार, 2035 तक एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन का कारोबार ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था में हर साल 1.9 अरब पाउंड का योगदान देगा और करीब 10 हजार स्थायी नौकरियां पैदा करेगा।
एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन फ्यूल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दीपक माहेश्वरी ने कहा कि यह रिपोर्ट साबित करती है कि कंपनी ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कंपनी ब्रिटेन की बची हुई चार प्रमुख रिफाइनरियों में से एक है और देश की ऊर्जा सुरक्षा की मजबूत नींव है।
माहेश्वरी ने आगे कहा, हम पूरे ब्रिटेन में करीब 5,000 नौकरियों को समर्थन दे रहे हैं। हमारी सीधी कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी राष्ट्रीय औसत से दोगुनी है और हम हर साल 400 मिलियन पाउंड से ज्यादा का खर्च ब्रिटिश सप्लायर्स पर करते हैं।
वहीं एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन के चेयरमैन प्रशांत रुइया ने कहा कि कंपनी की 4.3 अरब पाउंड की निवेश योजना ब्रिटेन के लिए बड़े विकास का अवसर है।
उन्होंने कहा, 2035 तक ये परियोजनाएं ब्रिटेन को हर साल करीब 2 अरब पाउंड का आर्थिक फायदा देंगी और 10 हजार नौकरियां पैदा करेंगी। हम यह साबित कर रहे हैं कि ब्रिटेन अपनी औद्योगिक पहचान को बनाए रखते हुए वैश्विक ऊर्जा बदलाव में नेतृत्व कर सकता है।
इसके अलावा, एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन की चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर एंड मैनेजिंग डायरेक्टर रूथ हर्बर्ट ने कहा कि कंपनी यह दिखा रही है कि कार्बन उत्सर्जन कम करने का मतलब उद्योगों का बंद होना नहीं है।
उन्होंने सरकार से घरेलू ईंधन उत्पादकों और आयातकों के लिए समान कार्बन टैक्स नीति लागू करने और उत्तर-पश्चिम ब्रिटेन में हरित ऊर्जा ढांचे को समर्थन देने की अपील की।
2025 में एक आर्थिक महाशक्ति, ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण
स्टैनलो रिफाइनरी वर्तमान में ब्रिटेन की ऊर्जा सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, यह रिफाइनरी देश की सड़क परिवहन ईंधन जरूरत का 18 प्रतिशत और कुल जेट ईंधन मांग का 12.5 प्रतिशत पूरा करती है।
हीथ्रो एयरपोर्ट के बाहर के एयरपोर्ट्स के लिए जेट ईंधन की 25 प्रतिशत मांग भी यही पूरी करती है। इसके अलावा यह ब्रिटेन के रासायनिक उद्योग की लगभग 50 प्रतिशत जरूरतों को भी समर्थन देती है, जो ब्रिटेन के विनिर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
देश को गतिशील बनाए रखने के अलावा एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन राजकोष के लिए एक राष्ट्रीय आर्थिक इंजन है। 2025 में कंपनी ने 4.2 अरब पाउंड का वैट और ईंधन शुल्क जमा किया, जो ब्रिटेन के कुल वैट संग्रह का 0.7 प्रतिशत और कुल ईंधन शुल्क का 13 प्रतिशत है।
2025 में कंपनी ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से कुल 4,917 नौकरियों को समर्थन दिया। कंपनी के कर्मचारियों की औसत सैलरी राष्ट्रीय औसत से दोगुनी बताई गई है। साथ ही कंपनी ने सप्लाई चेन पर 471 मिलियन पाउंड खर्च किए, जिनमें से 426 मिलियन पाउंड ब्रिटेन के भीतर खर्च हुए।
आज के आर्थिक मूल्य और भविष्य में कार्बन उत्सर्जन कम करने का एक प्रमुख कारक
एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन उत्तर-पश्चिम ब्रिटेन को वैश्विक ऊर्जा बदलाव का मॉडल बनाना चाहती है। कंपनी बिजलीकरण, कार्बन कैप्चर और कम-कार्बन हाइड्रोजन में निवेश कर रही है।
इस योजना के तहत स्टैनलो को दुनिया की पहली कम-कार्बन प्रोसेस रिफाइनरी में बदला जाएगा, जिससे 2030 के दशक तक उत्सर्जन में 95 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य है।
कंपनी ने कहा कि हाइड्रोजन, कार्बन कैप्चर और टिकाऊ विमानन ईंधन जैसी परियोजनाओं के लिए सरकारी प्रोत्साहन जरूरी हैं।
नेक्सेंटईसीए की रिपोर्ट इस परिवर्तन के व्यापक प्रभाव को दर्शाती है। एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन की 4.3 अरब पाउंड की निवेश योजना, जिसमें से 1 अरब पाउंड से अधिक के निवेश पर अंतिम निर्णय होने वाला है, 2035 तक प्रति वर्ष 1.9 अरब पाउंड का आर्थिक मूल्य प्रदान करेगी और एस्सार एनर्जी ट्रांजिशन के सभी व्यावसायिक क्षेत्रों में लगभग 10,000 नौकरियों का समर्थन करेगी। निवेश का यह सकारात्मक चक्र पहले से ही चल रहा है, जिसमें वर्तमान आपूर्तिकर्ताओं में से 90 प्रतिशत यूके स्थित हैं और 40 प्रतिशत ऑर्डर उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में दिए गए हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ब्रिटेन में घरेलू कार्बन टैक्स की वजह से स्थानीय कंपनियों को नुकसान हो रहा है, जबकि ज्यादा कार्बन उत्सर्जन वाले आयातित उत्पाद बिना टैक्स के बाजार में आ रहे हैं।
कंपनी ने सरकार से मांग की कि ईंधन उत्पादों को यूके कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (सीबीएएम) में शामिल किया जाए, ताकि घरेलू उद्योगों और हजारों नौकरियों की सुरक्षा हो सके।
--आईएएनएस
डीबीपी
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