Responsive Scrollable Menu

इस्लामिक स्टेट का खतरनाक प्लान, विदेशी मॉडयूल के जरिए भारत में कराना चाहता है श्रीलंका जैसे हमले

नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने भारत के खिलाफ एक नई रणनीति तैयार की है। इसके तहत वो हिंदुस्तान के इर्द-गिर्द स्थित देशों में मौजूद अपने चरमपंथी तत्वों का इस्तेमाल भारत के भीतर दुष्प्रचार और आतंकी हमले के लिए करेगा।

जब 2013 के अंत में इस्लामिक स्टेट ने वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी, तब भारत से भी कई लोग संगठन में शामिल होने के लिए देश छोड़कर चले गए थे। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में भारतीय एजेंसियों ने कई लोगों को सीरिया, इराक और अफगानिस्तान जाकर संगठन में शामिल होने से रोकने में सफलता हासिल की है।

साथ ही, सफल डी-रेडिकलाइजेशन अभियानों के जरिए उन लोगों को भी मुख्यधारा में वापस लाया गया, जो संगठन में शामिल होने की योजना बना रहे थे।

एक खुफिया ब्यूरो कर्मी के अनुसार, भारत में यह समस्या काफी हद तक नियंत्रण में है, लेकिन अब संगठन अन्य देशों से कट्टरपंथी तत्वों को भारत में भेजने की कोशिश कर रहा है।

इस्लामिक स्टेट ने पाकिस्तान, बांग्लादेश, मालदीव और श्रीलंका में अपने अलग-अलग मॉड्यूल स्थापित कर रखे हैं।

श्रीलंका मॉड्यूल का असर तमिलनाडु और मंगलुरु में देखने को मिला था। दोनों जगहों पर इस्लामिक स्टेट से प्रभावित कट्टरपंथी व्यक्तियों ने हमले की कोशिश की थी, हालांकि वे असफल रहे।

इन मामलों में समानता यह थी कि आरोपी जेमेशा मुबीन और मोहम्मद शारिक, दोनों को श्रीलंका के एक ही व्यक्ति ने कट्टरपंथी बनाया था। श्रीलंका में हुए ‘ईस्टर बम धमाकों’ का मास्टरमाइंड जहरान हाशिम वहां इस्लामिक स्टेट का प्रमुख था। वह दक्षिण भारत आया था और काफी समय तक यहां रहा था, इसी दौरान उसने मुबीन और शारिक को कट्टरपंथी बनाया।

आधिकारिक सूत्र ने आगे कहा कि बांग्लादेश में मौजूद मॉड्यूल पश्चिम बंगाल और बिहार में रिक्रूट्स को भेजने पर ज्यादा केंद्रित हैं। दूसरी ओर, दक्षिणी राज्यों में श्रीलंका और मालदीव के जरिए चरमपंथी तत्वों को भेजने की तैयारी है।

अधिकारी ने इसे खतरनाक बताते हुए आगे कहा कि बांग्लादेश को इसके लिए सबसे मुफीद माना जा रहा है। इस्लामिक स्टेट के मुख पत्र, दाबिक के हाल के संस्करण में बंगाल में जिहाद का फिर से शुरू होना शीर्षक से एक लेख छपा था, जिसका मकसद युवाओं को जिहाद के लिए उकसाना था।

अधिकारियों का कहना है कि यह पहली बार था जब बांग्लादेश में इस्लामिक स्टेट मॉड्यूल भारत में अपना एजेंडा आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था।

एक और अधिकारी ने कहा कि श्रीलंका से खतरा सबसे कम है। ईस्टर बम धमाकों के बाद, इस गुट का एक बड़ा हिस्सा खत्म हो गया है, हालांकि यह मानना ​​गलत होगा कि गुट ने देश में अपनी दुकान बंद कर दी है। अधिकारी ने आगे कहा कि यही वजह है कि मालदीव से दक्षिण भारत में बड़ी कोशिश की जा रही है।

इसका मकसद भारत में उसी पैमाने पर हमले का है जैसे श्रीलंका में किए गए थे। इस्लामिक स्टेट चाहता है कि हमले विदेशी चरमपंथी करें। इसके दो कारण बताए जा रहे हैं। पहला, विदेशी लड़ाकों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके अलावा, यह भी देखा गया है कि भारत की तुलना में विदेशी लड़ाकों को कट्टरपंथ की ओर धकेलना ज्यादा आसान होता है।

खुफिया एजेंसियों का कहना है कि मकसद भारत में बड़ा हमला करना है, लेकिन दूसरा प्लान इसे रिक्रूटमेंट टूल (भर्ती करने के टूल) के तौर पर इस्तेमाल करना है।

इस्लामिक स्टेट अपने कुछ भारतीय मॉड्यूल को भारत में हमले करने के लिए उकसा रहा है, लेकिन वे कई बार विफल हो चुके हैं। इस्लामिक स्टेट को लगता है कि विदेशी मॉड्यूल के हमले एक मिसाल बन सकते हैं और भारतीय ऑपरेटिव्स को देश के भीतर हमले करने को प्रेरित कर सकते हैं।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

महिलाओं के विशेष अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, तलाक कानून बदलने से किया साफ इनकार

Supreme Court on Divorce: शादी और तलाक के कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई एक सुनवाई ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया . मामला हिंदू विवाह अधिनियम की एक धारा से जुड़ा था, जिसमें कुछ खास परिस्थितियों में सिर्फ पत्नी को तलाक मांगने का अधिकार दिया गया है. एक व्यक्ति ने अदालत में याचिका दाखिल कर कहा कि यह नियम पति और पत्नी के बीच बराबरी नहीं दिखाता, इसलिए इसे बदला जाना चाहिए. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसकी मांग मानने से इनकार कर दिया. अदालत ने साफ कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को ध्यान में रखकर बनाए गए विशेष कानूनों को केवल बराबरी के तर्क पर खत्म नहीं किया जा सकता.

महिलाओं को दिए गए विशेष अधिकार

दरअसल, भारत में शादी सिर्फ दो लोगों का रिश्ता नहीं मानी जाती, बल्कि इसे परिवार और समाज से भी जोड़कर देखा जाता है. कई बार महिलाओं को शादी के बाद ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जहां उनके पास ज्यादा सहारा नहीं होता. इसी वजह से कानून में कुछ विशेष अधिकार महिलाओं को दिए गए हैं. अदालत ने भी माना कि ऐसे प्रावधान किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि महिलाओं को सुरक्षा देने के उद्देश्य से बनाए गए हैं. कोर्ट का कहना था कि हर कानून को सिर्फ एक नजरिए से नहीं देखा जा सकता, बल्कि उसके पीछे का मकसद भी समझना जरूरी होता है.

पति-पत्नी के समान अधिकार की मांग बढ़ी

इस फैसले के बाद लोगों की अलग-अलग राय सामने आई. कुछ लोगों का कहना है कि आज के समय में पति और पत्नी दोनों को बराबर अधिकार मिलने चाहिए. वहीं कई लोगों का मानना है कि समाज में आज भी बहुत सी महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर स्थिति में रहती हैं, इसलिए उनके लिए विशेष सुरक्षा जरूरी है. गांवों और छोटे शहरों में आज भी ऐसी कई महिलाएं हैं, जो अपने अधिकारों के लिए खुलकर आवाज नहीं उठा पातीं. ऐसे में अदालत का यह फैसला उन महिलाओं के लिए राहत की तरह देखा जा रहा है.

विशेषज्ञों की राय

कानून के जानकार भी मानते हैं कि समय के साथ कानूनों में बदलाव होते रहते हैं, लेकिन हर बदलाव सोच-समझकर किया जाता है. अदालतें केवल यह नहीं देखतीं कि नियम में अंतर है या नहीं, बल्कि यह भी देखती हैं कि वह अंतर क्यों रखा गया था. सुप्रीम कोर्ट ने इसी बात पर जोर दिया कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए बने कानूनों को कमजोर नहीं किया जा सकता. अदालत ने यह भी साफ किया कि अगर किसी कानून में बदलाव की जरूरत होगी तो उस पर सही मंच पर विचार किया जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देश

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह दिखाया कि देश में कानून और समाज दोनों लगातार बदल रहे हैं. लोग अपने अधिकारों को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं और अदालतें भी हर मुद्दे को गंभीरता से सुन रही हैं. हालांकि, हर फैसले से सभी लोग सहमत हों, ऐसा जरूरी नहीं होता. लेकिन अदालत का काम कानून और संविधान के आधार पर फैसला देना होता है. फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से यह साफ हो गया है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए विशेष प्रावधान अभी भी न्याय व्यवस्था की नजर में जरूरी और महत्वपूर्ण माने जाते हैं.

ये भी पढ़ें- अदालतों में बढ़ेगी तेजी, AI करेगा मदद , सुप्रीम कोर्ट ने लॉन्च किया नया डिजिटल प्लेटफॉर्म

Continue reading on the app

  Sports

IPL 2026: जेमी ओवर्टन की जगह सीएसके में हुई दक्षिण अफ्रीकी ऑलराउंडर की एंट्री, अबतक 5 टी20 खेले

आईपीएल 2026 में लगातार चोटों से जूझ रही चेन्नई सुपर किंग्स ने इंग्लैंड के ऑलराउंडर जेमी ओवर्टन के रिप्लेसमेंट का ऐलान कर दिया है। फ्रेंचाइजी ने दक्षिण अफ्रीका के युवा ऑलराउंडर डियान फॉरेस्टर को टीम में शामिल किया है। आईपीएल की ओर से गुरुवार को जारी बयान में बताया गया कि फॉरेस्टर 75 लाख रुपये में CSK का हिस्सा बने हैं।

दरअसल, जेमी ओवर्टन दाएं जांघ की चोट के कारण टूर्नामेंट के बाकी मुकाबलों से बाहर हो गए हैं। बुधवार को ही CSK ने जानकारी दी थी कि ओवर्टन चोट की गंभीरता का पता लगाने के लिए इंग्लैंड लौट रहे हैं। यह चोट चेन्नई के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि ओवरटन इस सीजन टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल रहे।

32 वर्षीय ओवर्टन ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 10 मैचों में 14 विकेट लेने के साथ 136 रन भी बनाए। गेंद और बल्ले दोनों से उनका योगदान टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा। ऐसे में प्लेऑफ की रेस में संघर्ष कर रही चेन्नई सुपर किंग्स को अब उनकी कमी जरूर खलेगी।

ओवर्टन की जगह शामिल किए गए डियान फॉरेस्टर अभी इंटरनेशनल क्रिकेट में नए हैं, लेकिन उन्होंने कम समय में अपनी पहचान बनाई है। फॉरेस्टर ने इसी साल मार्च में न्यूजीलैंड के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका के लिए इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अब तक वह पांच अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 83 रन बनाए हैं। उन्हें एक आक्रामक बल्लेबाज और उपयोगी तेज गेंदबाज माना जाता है।

CSK इस सीजन चोटों से सबसे ज्यादा प्रभावित टीमों में रही है। टीम पहले ही कई अहम खिलाड़ियों को गंवा चुकी है। पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी पूरी तरह फिट नहीं हैं, जबकि युवा बल्लेबाज आयुष म्हात्रे और तेज गेंदबाज खलील अहमद भी बीच सीजन में चोटिल हो गए।

इसके अलावा चेन्नई ने महाराष्ट्र के ऑलराउंडर रामकृष्ण घोष की जगह कर्नाटक के मैकनील नोरोन्हा को भी टीम में शामिल किया था। लगातार हो रहे बदलावों के बीच CSK अब अपने बचे हुए मुकाबलों में नई संयोजन के साथ उतरने की तैयारी कर रही है।

फॉरेस्टर पर अब बड़ी जिम्मेदारी होगी कि वह ओवरटन की कमी को भरते हुए टीम को संतुलन दें और चेन्नई की उम्मीदों को जिंदा रखें।

Thu, 14 May 2026 18:46:21 +0530

  Videos
See all

Breaking News: घायल युवक को खाट पर लादने की आई नौबत! #shorts | Raebareli News #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-14T13:08:02+00:00

News Ki Pathshala: Iran-US War के बीच PM Modi क्यों जा रहे विदेश ?Latest News |Top News |Modi in UAE #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-14T13:15:15+00:00

Now Nirman Manch: फराज किदवई ने पीएम मोदी पर साधा निशाना! #shorts #ytshorts #pmmodi # #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-14T13:12:11+00:00

Rashtravad | BJP vs SP: UP चुनाव को लेकर मचा घमासान... भड़क गए SP प्रवक्ता! BJP | UP Election 2027 #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-14T13:16:30+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers