मोबाइल डेटा जैसी क्रांति लाएगा एआई, ऊर्जा खपत में होगी बड़ी वृद्धि : गौतम अदाणी
नई दिल्ली, 11 मई (आईएएनएस)। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने सोमवार को कहा कि एआई मोबाइल डेटा विस्फोट जैसी क्रांति लाएगा और इससे ऊर्जा की खपत में तेज वृद्धि होगी।
राष्ट्रीय राजधानी में सीआईआई वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन 2026 को संबोधित करते हुए गौतम अदाणी ने कहा कि एक दशक पहले, कुछ ही लोगों ने भारत में मोबाइल डेटा के विस्फोट के पैमाने की कल्पना की थी, लेकिन जैसे ही स्मार्टफोन किफायती हुए, नेटवर्क का विस्तार हुआ, डेटा की कीमतें गिरीं और खपत में जबरदस्त उछाल आया।
अदाणी समूह के चेयरमैन ने कहा,“एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) भी इसी तरह की वृद्धि लाएगा, लेकिन यह वृद्धि कहीं अधिक ऊर्जा खपत करने वाली होगी। डेटा सेंटर की क्षमता, जिसके 2030 तक 5 गीगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है, 2047 तक लगभग 75 गीगावाट तक बढ़ सकती है, इसीलिए भारत को अभी से तैयारी करनी होगी।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत आम परिवारों, फैलते शहरों, सक्रिय कारखानों, इलेक्ट्रिक वाहनों और विस्तार की प्रतीक्षा कर रहे लाखों छोटे व्यवसायों के लिए विकास कर रहा है।
अदाणी समूह के प्रमुख ने कहा, “भारत में एक बड़ा फायदा यह है कि हम जो कुछ भी बनाएंगे, उसकी मांग पहले से ही मौजूद होगी। हमारे सामने चुनौती है ऐसी क्षमता का निर्माण करना जो मांग के साथ तालमेल बिठा सके।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत ने एनर्जी सेक्टर में असाधारण प्रगति की है और मार्च 2026 में स्थापित ऊर्जा क्षमता 500 गीगावाट से अधिक हो गई है। बीते 10 वर्षों में स्थापित क्षमता में 53 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि हुई है।
गौतम अदाणी ने आगे कहा कि भारत अपनी इस क्षमता को 4 गुना तक बढ़ाने के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले दो दशक यानी 2047 तक यह 2,000 गीगावाट तक पहुंच जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी जीडीपी की वृद्धि दिशा देश की ग्रोथ स्टोरी को स्पष्ट रूप से दिखाती है। देश को दो ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 67 वर्ष का समय लगा, लेकिन अगले दो ट्रिलियन डॉलर अगले 12 वर्षों में ही जोड़े गए।
गौतम अदाणी के मुताबिक,भारत तेजी से विकास कर रहा है। हर सड़क, बंदरगाह, हवाई अड्डा, कारखाना, ऊर्जा संसाधन और डेटा सेंटर विकास के अगले स्तर को बढ़ा रहा है। इस रफ्तार से, भारत हर दशक में अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में एक नई यूरोपीय अर्थव्यवस्था के बराबर वृद्धि करेगा।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
Lasoda Fal Ke Fayde: सिर्फ 60 दिन मिलने वाला ये जंगली फल है सेहत का खजाना, 100 साल तक रखे जवान, कैंसर से लड़ने की देता है ताकत
Lasoda Fal Ke Fayde: भारत में कई ऐसे फल पाए जाते हैं जो स्वााद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना माना जाते हैं. इन्हीं में से एक है लसोड़ा. यह एक जंगली फल है जिसे भारतीय चेरी और ग्लूबेरी के नाम से भी जाना जाता है. खासतौर पर यह फल मई से जुलाई के बीच बाजार में दिखाई देता है. सालभर में सिर्फ कुछ दिनों के लिए मिलने वाला यह फल पोषक तत्वों से भरपूर होता है. लसोड़ा का स्वाद हल्का मीठा होता है. ग्रामीण इलाकों में लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. इसका उपयोग सब्जी, अचार और घरेलू नुस्खों में भी किया जाता है. आयुर्वेद में भी इसे बेहद लाभकारी माना गया है.
पोषक तत्वों का भंडार है लसोड़ा
हाल ही में हुए एक रिसर्च के अनुसार, लसोड़ा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. इसके अलावा इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन और जिंक जैसे जरूरी मिनरल्स भी मौजूद होते हैं. यह फल पेक्टिन और फेनोलिक यौगिकों से भी भरपूर माना जाता है. यही कारण है कि लसोड़ा शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं.
ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार
लसोड़ा में एंटी-डायबिटिक गुण पाए जाते हैं. यह शरीर में ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद कर सकता है. कई लोग पारंपरिक तौर पर डायबिटीज में इसका सेवन करते हैं. हालांकि, अगर कोई व्यक्ति पहले से डायबिटीज की दवा ले रहा है, तो उसे डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए
हाई ब्लड प्रेशर को रखें कंट्रोल
आज के समय में हाई बीपी की समस्या तेजी से बढ़ रही है. लसोड़ा में मौजूद पोषक तत्व ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने में मदद कर सकते हैं. इसमें पाए जाने वाले मिनरल्स शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. गर्मियों में इसका सेवन शरीर को ऊर्जा देने का भी काम करता है.
कैंसर से बचाव में सहायक
लसोड़ा में एंटीऑक्सीडेंट और फेनोलिक तत्व पाए जाते हैं. ये शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार इसमें एंटी-कैंसर गुण भी मौजूद होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जा सकता. यह सिर्फ एक हेल्दी डाइट का हिस्सा हो सकता है.
स्किन रोगों में भी फायदेमंद
पारंपरिक चिकित्सा में लसोड़ा का उपयोग त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए भी किया जाता है. दाद, खाज और खुजली जैसी परेशानियों में इसे लाभकारी माना जाता है. इसकी पत्तियों को पीसकर घाव या अल्सर पर लगाने से आराम मिल सकता है. गांवों में लोग आज भी घरेलू उपचार के रूप में इसका इस्तेमाल करते हैं.
अचार और सब्जी में भी होता है इस्तेमाल
कच्चे लसोड़े की सब्जी और अचार काफी मशहूर हैं. कई लोग इसके सीजन में अचार बनाकर पूरे साल इस्तेमाल करते हैं. इसका स्वाद खाने को और भी खास बना देता है. लसोड़ा का पेड़ भी कई तरह से उपयोगी माना जाता है. इसकी लकड़ी का इस्तेमाल कृषि उपकरण और निर्माण कार्यों में किया जाता है. वहीं, इसके पत्ते पशुओं के चारे के रूप में भी उपयोग किए जाते हैं.
सेवन से पहले रखें सावधानी
वैसे तो लसोड़ा को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को इसका सेवन डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से करना चाहिए. जरूरत से ज्यादा सेवन करने से बचना भी जरूरी है. अगर आप मौसमी और पौष्टिक फल खाना पसंद करते हैं, तो लसोड़ा आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है. जुलाई के बाद यह बाजार में कम दिखाई देता है, इसलिए इसके सीजन में इसका स्वाद जरूर लें.
यह भी पढ़ें: Home Remedy For Constipation: ये 5 आसान नुस्खे करेंगे पेट साफ! आज से ही ट्राई करके देखें
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation