JNVST Admission: नवोदय विद्यालय कक्षा 6 में दाखिले के लिए आवेदन करने का आज आखिरी मौका, जल्द कर लें अप्लाई
JNVST Admission: अगर आप भी अपने बच्चे का दाखिला जवाहर नवोदय विद्यालयों (JNVs) में करवाना चाहते हैं। तो आपके पास कक्षा 6 में दाखिला करवाने के लिए आज यानी 31 जुलाई तक आखिरी मौका है। शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए फॉर्म केवल 31 जुलाई तक ही स्वीकार किए जाएंगे। ऐसे में अगर आपने अभी तक JNVST Class 6 Admission के लिए अप्लाई नहीं किया है, तो आपको सलाह दी जाती है कि बगैर देरी करते हुए JNVST 2027 के लिए तुरंत आवेदन कर लें।
कैसे करें घर बैठे स्वयं आवेदन
जेएनवीएसटी परीक्षा में आवेदन करने का आज आखिरी मौका है। आपकी सहायता के लिए यहां फॉर्म भरने के आसान स्टेप्स बताए गए हैं। आप नीचे बताए गए स्टेप्स की मदद से फॉर्म भर सकते हैं।
- सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट navodaya.gov.in विजिट करें।
- वेबसाइट के होमपेज पर एडमिशन से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
- इसके बाद रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें।
- अब मांगी गई सभी जानकारी को ध्यान से दरज कर लें।
- फॉर्म भरने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें।
- अंत में भविष्य के लिए इसका एक प्रिंट आउट भी निकाल लें।
आवेदन करते समय इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
आवेदन करते समय आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगा, जो इस प्रकार है।
- छात्र या छात्रा का हस्ताक्षर
- अभिभावक के हस्ताक्षर
- स्टूडेंट की फोटो
- आधार कार्ड
- स्कूल प्रिंसिपल द्वारा सत्यापित प्रमाण-पत्र आदि
JNVST 2027 कब होगी परीक्षा
परीक्षा का आयोजन निर्धारित एग्जाम सेंटर में 28 नवंबर को किया जाएगा। यह परीक्षा एक शिफ्ट में सुबह 11.30 बजे से लेकर दोपहर 1.30 बजे तक संचालित की जाएगी। परीक्षा में छात्रों से ईवीएस, अंकगणित और भाषा विषय से 100 अंकों के 80 सवाल पूछे जाएंगे।
Ukraine Coast Attack: यूक्रेन तट पर हमले में 4 भारतीय नाविकों की मौत, भारत ने रूसी राजनयिक को किया तलब
India summons Russian envoy: भारत ने यूक्रेन के तट के पास एक कमर्शियल मर्चेंट पोत पर हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने मंगलवार (21 जुलाई) को नई दिल्ली में रूसी चार्ज डी अफेयर्स (डिप्टी चीफ) को तलब कर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट शब्दों में रूसी राजनयिक से कहा है कि उनके हमले के कारण हुई इन नागरिकों की मौतें पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।
गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले पोत 'MV गोल्डन लियो' पर हुआ हमला
जानकारी के मुताबिक, गिनी-बिसाऊ के झंडे वाला मर्चेंट पोत 'MV गोल्डन लियो' (MV Golden Leo) 19 जुलाई की शाम को ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहा था, तभी उस पर यह घातक हमला किया गया। इस जहाज पर कुल 17 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें 5 भारतीय नागरिक भी शामिल थे।
इस भीषण हमले में 4 भारतीय नाविकों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि पांचवें भारतीय नाविक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
India Summons Russian Envoy Over Black Sea Strike
— RT_India (@RT_India_news) July 21, 2026
Russian Chargé d'Affaires, Vladimir Ladanov, was requested to convey India's 'strong concerns to his authorities,' the MEA said in a statement.
Four Indian nationals were killed after the MV Golden Leo tanker was hit while… pic.twitter.com/WA6Vwa19sg
तीन क्रूज मिसाइलों से हुआ हमला
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस जहाज पर ज्यादातर भारतीय और सीरियाई क्रू मेंबर तैनात थे। जहाज पर तीन क्रूज़ मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद उस पर भयानक आग भड़क उठी। सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में इस जहाज से धुआँ उठता हुआ दिखाई दे रहा है, हालांकि इन क्लिप्स की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
यूक्रेन का बयान और रूस-यूक्रेन युद्ध में पहली बार भारतीयों की मौत
यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रेई सिबीहा ने कहा है कि रूस ने इस नागरिक पोत को तब निशाना बनाया जब वह यूक्रेन के निर्धारित समुद्री कॉरिडोर (maritime corridor) से गुजर रहा था। वहीं, यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि जहाज पर रूसी क्रूज़ मिसाइलों से वार किया गया। रूस-यूक्रेन संघर्ष की शुरुआत के बाद यह पहला ऐसा मौका है जब किसी हमले में भारतीय नाविकों की जान गई है।
भारत की सख्त प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यूक्रेन में स्थित भारतीय मिशन इस पूरी स्थिति पर लगातार करीब से नजर बनाए हुए है और प्रभावितों की हरसंभव मदद के प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "हम जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायल भारतीय नागरिक के जल्द व पूरी तरह से स्वस्थ होने की कामना करते हैं।"
बिना सीधे तौर पर रूस का नाम लिए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "भारत इस तरह के हमलों की निंदा करता है और दोहराता है कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना, निर्दोष नागरिक क्रू मेंबर की जान को खतरे में डालना, या नेविगेशन और कॉमर्स की स्वतंत्रता में बाधा डालना बेहद दयनीय है और इससे बचा जाना चाहिए।"
ओडेसा बंदरगाह लगातार क्यों बन रहा है हमलों का निशाना?
यह हमला ओडेसा के पास हुआ है, जो यूक्रेन के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण शहर है। यह यूक्रेन का मुख्य बंदरगाह और काला सागर (Black Sea) के सबसे बड़े पोर्ट्स में से एक है, जहाँ से अनाज, धातु, केमिकल्स और अन्य सामानों का निर्यात किया जाता है।
यह बंदरगाह बार-बार रूसी हमलों की चपेट में आ रहा है। पिछले हफ्ते ही यहाँ हुए एक अन्य हमले में दो लोगों की मौत हो गई थी, जिसकी निंदा उस समय यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने भी की थी। ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कहा था कि यह जरूरी है कि यूक्रेन की रक्षा और सहयोग के लिए बातचीत में शामिल हर राज्य संस्थान और व्यक्ति अधिकतम गति व प्रभावशीलता के साथ काम करे।
कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल
यह दर्दनाक घटना रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कमर्शियल शिपिंग सेक्टर के लिए काम करने वाले नाविकों के सामने मंडराते गंभीर खतरों को उजागर करती है। काला सागर क्षेत्र में जहां व्यापारी जहाज लगातार सैन्य गतिविधियों के बीच से गुजरने को मजबूर हैं, इस पहली बड़ी दुर्घटना के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi









.jpg)

