जिस व्यक्ति में होता है शश राजयोग वह साधारण इंसान भी बन जाता है राजा, दिलाता है बड़ी सफलता, और भी हैं कई खासियत
Shasha Rajyog: शनि हमेशा नुकसान नहीं देता. कुंडली में शश राजयोग बनने पर वही शनि व्यक्ति को ऊंचाई, पैसा और सम्मान देता है. सही स्थिति में शनि किस्मत बदलने वाला ग्रह साबित हो सकता है.
महंगे जेट ईंधन और युद्ध के संकट के बीच बड़ी राहत: केंद्र ने एयरलाइंस को थमाया ₹5,000 करोड़ का लाइफलाइन चेक
पश्चिम एशिया में गहराते तनाव और जेट ईंधन की आसमान छूती कीमतों ने भारतीय एयरलाइंस के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है। इस चुनौतीपूर्ण समय में केंद्र सरकार ने विमानन क्षेत्र के लिए ₹5,000 करोड़ के लाइफलाइन पैकेज को मंजूरी दे दी है। यह राहत 'इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना' (ECLGS 5.0) के तहत दी जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य उन एयरलाइंस को वित्तीय मजबूती प्रदान करना है जो वर्तमान में नकदी के संकट और परिचालन लागत में भारी वृद्धि से जूझ रही हैं।
ईंधन की कीमतों और मुद्रा में उतार-चढ़ाव से राहत
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, यह योजना लक्षित क्रेडिट सहायता और तत्काल तरलता प्रदान करने के लिए तैयार की गई है। ईरान-इजरायल तनाव और खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति के कारण विमानन टर्बाइन ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसके साथ ही, विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों पर लगे प्रतिबंधों ने परिचालन लागत को कई गुना बढ़ा दिया है। सरकार का यह नया कदम इन बढ़े हुए खर्चों के प्रभाव को कम करने और एयरलाइंस के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
किसे और कितनी मिलेगी मदद? लोन की शर्तें
सरकार ने योजना के तहत ऋण लेने की सीमा और उसकी शर्तों को काफी लचीला रखा है ताकि संकटग्रस्त कंपनियों को तुरंत मदद मिल सके:
- लोन की राशि: प्रत्येक पात्र एयरलाइन अपनी जरूरत के अनुसार ₹1,000 करोड़ तक का ऋण ले सकती है। इसके अलावा, इक्विटी इन्फ्यूजन से जुड़े होने पर अतिरिक्त ₹500 करोड़ का प्रावधान भी रखा गया है।
- भुगतान की अवधि: इन ऋणों की अवधि सात साल तक की होगी, जिसमें भुगतान पर दो साल का मोराटोरियम भी शामिल है। इससे कैश फ्लो के दबाव से जूझ रही एयरलाइंस को सांस लेने की जगह मिलेगी।
- ब्याज में छूट: सरकार ने ब्याज के 50 प्रतिशत तक को 'फंडेड इंटरेस्ट टर्म लोन' (FITL) में बदलने की अनुमति दी है, जिससे अल्पावधि में भुगतान का बोझ कम होगा।
नागरिक उड्डयन मंत्री का बयान: नौकरियों और कनेक्टिविटी पर जोर
नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि यह निर्णय एक चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के दौरान एयरलाइंस का समर्थन करने के केंद्र के इरादे को दर्शाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ECLGS 5.0 को मंजूरी मिलने से एयरलाइंस अल्पावधि की चुनौतियों से निपटने में सक्षम होंगी। इस कदम से न केवल विमानन क्षेत्र में हजारों नौकरियां सुरक्षित रहेंगी, बल्कि देश की हवाई कनेक्टिविटी भी बनी रहेगी। साथ ही, यह योजना विमानन इकोसिस्टम से जुड़े सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को भी अप्रत्यक्ष रूप से सहारा देगी।
विमानन क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और भविष्य
सरकार का मानना है कि एटीएफ की कीमतों को नियंत्रित करने और हवाई अड्डा शुल्कों को कम करने जैसे समय पर किए गए हस्तक्षेपों के कारण भारतीय एयरलाइंस वैश्विक दबावों के बावजूद तुलनात्मक रूप से लचीली बनी हुई हैं।
हालांकि, एयर इंडिया और अन्य प्रमुख एयरलाइंस पर बढ़ता दबाव पहले से ही दिखने लगा था। विशेषज्ञों का मानना है कि ₹5,000 करोड़ का यह बूस्टर डोज एयरलाइंस को दिवालिया होने से बचाने और किराए में होने वाली बेतहाशा वृद्धि को रोकने में मददगार साबित होगा।
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