Explainer: गाजा को लेकर सामने आया ट्रंप का नया प्लान, इजरायल को लेकर ये है अमेरिकी राष्ट्रपति की योजना
Explainer: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गाजा युद्ध को खत्म करने की भी कोशिश कर रहे हैं. क्योंकि इजरायल और गाजा के बीच पिछले करीब तीन साल से जंग जारी है. राष्ट्रपति ट्रंप ने गाजा युद्ध खत्म करने के लिए अपने नए प्लान में हमास से हथियार डालने और इजरायल के उस इलाके से पीछे हटने की बात कही है.
लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ट्रंप का ये प्लान पसंद नहीं आया है. क्योंकि नेतन्याहू हर हाल में गाजा पर इजरायल का कब्जा चाहते हैं. हालांकि दूसरी ओर गाजा में मौजूद हमास ने ट्रंप की इन शर्तों को मान लिया है. इजरायल का कहना है कि जब तक हमास, पूरी तरह से हथियार नहीं डाल देता तब तक वह पीछे हटने वाला नहीं है.
क्या है गाजा के लिए ट्रंप का नया प्लान?
30 जुलाई को अमेरिकी राष्ट्रपति ने 2025 के सीजफायर प्लान को आगे बढ़ाने की बातचीत में एक बड़ी कामयाबी का जिक्र किया था. उन्होंने कहा कि हमास और गाजा के दूसरे मिलिटेंट्स ने उनके तथाकथित "बोर्ड ऑफ पीस" के 15-पॉइंट वाले रोडमैप को मान लिया है, जिसके तहत उन्हें अपने हथियार छोड़ने होंगे.
- 2025 के उस सीजफायर प्लान से हिंसा तो कम हुई है, लेकिन यह गाजा में इजरायली हमलों को रोकने या मिलिटेंट्स के हथियार छोड़ने में नाकाम रहा है.
- काहिरा में बोर्ड ऑफ पीस और हमास के बीच महीनों तक चली मुश्किल बातचीत में इन दोनों बातों पर ही फोकस किया गया था.
- इस रोडमैप का मकसद पुराने प्लान को आगे बढ़ाना है. इसके तहत इजरायल उस इलाके से पीछे हटेगा और दो साल के जबरदस्त इजरायली मिलिट्री हमले से बर्बाद हुए गाजा को अमेरिका के समर्थन वाली नई फिलिस्तीनी टेक्नोक्रेटिक सरकार के तहत फिर से बसाया जाएगा.
गाजा रोडमैप की मुख्य बातें क्या हैं?
'बोर्ड ऑफ पीस' द्वारा जारी किए गए प्लान के टेक्स्ट के अनुसार, रोडमैप में कहा गया है कि इजरायल और हमास तुरंत गाजा में "सभी सैन्य ऑपरेशन" रोक देंगे. यह रोडमैप गाजा से इजरायली सेना की वापसी को हमास समेत सभी मिलिशिया (सशस्त्र समूहों) के हथियार छोड़ने से जोड़ता है.
- रोडमैप के अनुसार, नई टेक्नोक्रेटिक सरकार जिसे 'गाजा प्रशासन के लिए राष्ट्रीय समिति' के नाम से जाना जाएगा, नागरिक प्रशासन संभालेगी और "भारी हथियारों, सैन्य उत्पादन स्थलों, हथियारों के डिपो और सुरंगों को हटाने और सुरक्षित रखने" की प्रक्रिया की देखरेख करेगी.
- इसके साथ ही इस रोडमैप में यह भी कहा गया है कि "इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स" (ISF) नाम का एक अस्थायी शांति-रक्षक दल गाजा में तैनात किया जाएगा, ताकि उन इलाकों को सुरक्षित किया जा सके जहां से इजरायली सेना हट रही है. ISF नई फिलिस्तीनी पुलिस फोर्स को ट्रेनिंग भी देगा और राहत सामग्री पहुंचाने में मदद करेगा.
गाजा में क्या हैं जमीनी हालात?
बता दें कि ट्रंप द्वारा अपना प्लान घोषित किए जाने के बाद से इजरायल ने गाजा में अपने हमले कम कर दिए हैं. इजरायली अधिकारियों का कहना है कि प्लान के मुताबिक, सेना तुरंत पैदा होने वाले खतरों के खिलाफ कार्रवाई तो करेगी, लेकिन अब टारगेटेड हत्याएं नहीं करेगी.
- अक्टूबर 2025 के युद्धविराम के बावजूद, इजरायल गाजा में लगभग रोजाना हवाई हमले करता रहा है. गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में 1,200 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें से अधिकांश आम नागरिक थे. इस दौरान गाजा के उग्रवादियों ने चार इजरायली सैनिकों को मार डाला. हमास युद्ध में मारे गए अपने लोगों के आंकड़े जाहिर नहीं करता है.
- इजरायल का कहना है कि उसके हमलों का मकसद गाजा में अपनी सेना के लिए खतरों से निपटना या उन उग्रवादियों को मारना था जिन्होंने 2023 में हमास के उन हमलों में हिस्सा लिया था जिनसे युद्ध शुरू हुआ था.
- अक्टूबर में हुए सीजफायर के बाद इजराइली सेना का कब्जा गाजा के आधे से ज्यादा हिस्से परप हो गया था. जो अब बढ़कर लगभग दो-तिहाई हो गया है. वहां उन्होंने बची-खुची इमारतों को बुलडोजर से गिरा दिया है, हमास की सुरंगें नष्ट कर दी हैं और लोगों को वहां से निकलने का आदेश दिया है.
- गाजा की लगभग 20 लाख की आबादी तटीय इलाके में हमास के नियंत्रण वाली जमीन की एक छोटी सी पट्टी तक ही सीमित है, जहां ज्यादातर लोग कामचलाऊ टेंटों या क्षतिग्रस्त इमारतों में रह रहे हैं.
- जमीनी स्तर पर गतिरोध के बावजूद, 'बोर्ड ऑफ पीस' इजराइल में गाजा जाने वाले केरेम शालोम क्रॉसिंग के पास एक बेस बना रहा है. यह बेस ISF सैनिकों के लिए लॉजिस्टिक्स और स्टेजिंग एरिया के तौर पर काम करेगा, अगर और जब उन्हें गाजा में तैनात किया जाएगा.
राजनयिकों का कहना है कि ISF की तैनाती में अभी भी महीनों का समय लग सकता है. अब तक, केवल मोरक्को और युगांडा ने ही सैनिक भेजने का वादा किया है. कोसोवो, अल्बानिया और कज़ाकिस्तान ने सैन्य योजनाकार और चिकित्साकर्मी देने की प्रतिबद्धता जताई है. इंडोनेशिया, जिसने पहले चिकित्सा और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए हजारों सैन्यकर्मी भेजने की पेशकश की थी, का कहना है कि उसकी बातचीत अभी रुकी हुई है.
क्या कहते हैं ट्रंप की नई योजना इजरायल और हमास?
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि ट्रंप की नई योजना अपने मौजूदा रूप में स्वीकार्य नहीं है, लेकिन इजराइल इस विषय पर वाशिंगटन के साथ विचारों का आदान-प्रदान कर रहा है. उन्होंने दोहराया कि जब तक निरस्त्रीकरण पूरा नहीं हो जाता, इजराइल गाजा से पीछे नहीं हटेगा.
- हमास ने रोडमैप का समर्थन किया, लेकिन तब विरोध जताया जब 'बोर्ड ऑफ पीस' ने बाद में एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने कहा कि उसे बंदूक जैसे हल्के हथियार छोड़ देने चाहिए और इजराइल तभी पीछे हटेगा जब निरस्त्रीकरण पूरा हो जाएगा. रोडमैप के टेक्स्ट में इन दोनों चीजों को चरणों में जोड़ने की बात कही गई है.
इजराइल के चैनल 12 न्यूज़ के साथ एक साक्षात्कार में, 'बोर्ड ऑफ पीस' के गाजा दूत निकोले म्लादेनोव ने पुष्टि की कि यह प्रक्रिया चरणों में होगी और एक-एक करके पूरी की जाएगी.
मलादेनोव ने कहा कि जब भी गाजा के किसी तय इलाके को पूरी तरह से हथियार-मुक्त होने की पुष्टि हो जाएगी, यानी हथियार जमा कर लिए गए हों और उन्हें इस्तेमाल के लायक न छोड़ा गया हो. तब इजरायल को वहां से हटना होगा, और आखिरकार पूरी तरह से पीछे हटना होगा. वहीं दूसरी ओर हमास का कहना है कि वह सिर्फ ओरिजिनल रोडमैप के टेक्स्ट को ही मानता है, जिसमें हथियार हटाने की समय-सीमा तय करने के लिए 14 दिन का समय दिया गया है. उस समय-सीमा को बढ़ाया जा सकता है.
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