थैलेसीमिया से बचने के लिए शादी से पहले जांच और गर्भावस्था के दौरान स्क्रीनिंग जरूरी
गांधीनगर/अहमदाबाद, 8 मई (आईएएनएस)। विश्व थैलेसीमिया दिवस पर शुक्रवार को गुजरात में बीमारी की स्क्रीनिंग और एडवांस्ड इलाज सेवाओं के विस्तार पर जानकारी दी गई।
अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल ने इस मौके पर अपने इंटीग्रेटेड अप्रोच को सामने रखा, जिसमें मरीजों के लिए रोकथाम, जांच और लंबे समय तक चलने वाली देखभाल को एक साथ जोड़ा गया है।
अधिकारियों ने यह भी दोहराया कि शादी से पहले थैलेसीमिया जांच, गर्भावस्था के दौरान स्क्रीनिंग और परिवार आधारित जांच जैसे कदम इस बीमारी की रोकथाम के लिए जरूरी हैं, क्योंकि यह एक आनुवंशिक रोग है जो पीढ़ियों में आगे बढ़ सकता है।
हॉस्पिटल ने बताया कि उसके प्रयास ग्लोबल थीम हिडेन नो मोर: फाइंडिंग द अनडायग्नोज, सर्पोटिंग द अनसीन के मुताबिक हैं, जिसका उद्देश्य समय रहते बीमारी की पहचान करना और सभी मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि उनका मुख्य ध्यान संस्थागत देखभाल और जागरूकता अभियानों के जरिए थैलेसीमिया-मुक्त गुजरात बनाने पर है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य सरकार इसी लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार थैलेसीमिया-मुक्त गुजरात बनाने के पक्के इरादे के साथ आगे बढ़ रही है। सिविल हॉस्पिटल जैसी संस्थाओं द्वारा दिए जा रहे आधुनिक इलाज और जागरूकता अभियान इस दिशा में बहुत अहम योगदान दे रहे हैं।
अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल में मेडिकल विशेषज्ञों ने बताया कि थैलेसीमिया के मरीजों के लिए इलाज की सुविधाओं को काफी बेहतर बनाया गया है, खासकर उन बच्चों के लिए जिन्हें नियमित रूप से खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।
मेडिकल सुपरिटेंडेंट राकेश जोशी ने बताया कि हॉस्पिटल, बीजे मेडिकल कॉलेज के साथ मिलकर, मुफ्त और पूरी देखभाल की सुविधा देता है।
उन्होंने कहा कि गुजरात में ल्यूकोडीप्लीटेड ब्लड ट्रांसफ्यूजन और कीलेशन थेरेपी जैसी एडवांस्ड सेवाएं शुरू करने में सिविल हॉस्पिटल सबसे आगे रहा है।
बच्चों के विभाग की प्रमुख जॉली वैष्णव ने बताया कि थैलेसीमिया खून से जुड़ी एक आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता। इस वजह से मरीजों को जिंदा रहने के लिए नियमित रूप से खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।
उन्होंने बताया, अभी हॉस्पिटल में हर मंगलवार और गुरुवार को लगभग 81 बच्चों को खून चढ़ाने की सुविधा दी जाती है। खून चढ़ाने से होने वाली दिक्कतों, जैसे कि बुखार और दूसरी खराब प्रतिक्रियाओं को कम करने के लिए ल्यूकोडीप्लीटेड पैक्ड सेल वॉल्यूम का इस्तेमाल किया जाता है। हॉस्पिटल ने अपनी जांच और लंबे समय तक निगरानी रखने के सिस्टम को भी और बढ़ाया है।
इसमें मरीजों और उनके परिवार वालों की सही जांच के लिए हाई-परफॉर्मेंस लिक्विड क्रोमैटोग्राफी (एचपीएलसी) पर आधारित टेस्ट शामिल हैं। इसके साथ ही, सीरम फेरिटिन लेवल, 2डी इकोकार्डियोग्राफी और आंखों व कानों की जांच के ज़रिए नियमित निगरानी भी की जाती है। बार-बार खून चढ़ाने से होने वाले आयरन ओवरलोड को कंट्रोल करने के लिए मुफ्त दवाएं दी जा रही हैं।
मरीजों को बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बारे में काउंसलिंग और गाइडेंस भी दी जाती है, जिसे एक संभावित इलाज के तौर पर देखा जाता है। टारगेटेड स्क्रीनिंग प्रोग्राम के ज़रिए रोकथाम के प्रयासों को बढ़ाया गया है।
इम्यूनो हीमेटोलॉजी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन डिपार्टमेंट की हेड निधि भटनागर ने कहा कि कम्युनिटी में जागरूकता बढ़ाने और बीमारी का जल्दी पता लगाने के लिए शुरू की गई एक खास पहल के तहत लगभग 5,000 हेल्थकेयर वर्कर्स की स्क्रीनिंग की जाएगी।
अधिकारियों ने रोकथाम के उपायों को भी दोहराया, जिनमें शादी से पहले थैलेसीमिया की जांच, एचपीएलसी के जरिए कैरियर स्क्रीनिंग, डॉक्टरों की सलाह पर प्रेग्नेंसी के दौरान एंटीनेटल स्क्रीनिंग, और जरूरत पड़ने पर परिवार की स्क्रीनिंग शामिल है।
--आईएएनएस
एएसएच/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
यूएई ने ईरान से दागी गई मिसाइल और ड्रोन रोकने का किया दावा, तीन लोग घायल
अबू धाबी, 8 मई (आईएएनएस)। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि ईरान ने एक बार फिर उसके क्षेत्र पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन (यूएवी) दागे हैं। मंत्रालय ने इस हमले की निंदा करते हुए बताया कि यूएई की एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों और तीन ड्रोन को रोक दिया।
मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में तीन लोगों को चोटें आई हैं।
इससे पहले इस हफ्ते यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि ईरान के हमले में नागरिक इलाकों और सुविधाओं पर हुए हमले के कारण तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए थे।
यूएई ने ईरान की इन कार्रवाइयों को अस्वीकार्य आक्रामकता बताया और कहा कि यह देश की सुरक्षा, स्थिरता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए सीधा खतरा है। यूएई ने यह भी कहा कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का उल्लंघन हैं।
फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, मंगलवार को ईरान के मुख्य सैन्य कमांड खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने कहा था कि हाल के दिनों में उसके सशस्त्र बलों ने यूएई पर कोई मिसाइल या ड्रोन हमला नहीं किया है।
मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने कहा कि अगर ईरान ने ऐसा कोई कदम उठाया होता, तो वह इसे स्पष्ट और सीधे तौर पर घोषित करता।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, उन्होंने यूएई के उस दावे को भी खारिज कर दिया, जिसमें ईरान पर ड्रोन और मिसाइल हमले का आरोप लगाया गया था। साथ ही उन्होंने यूएई के अधिकारियों से कहा कि वे अपने देश को अमेरिका और इजरायल की ओर से बिछाए गए जाल में न फंसने दें।
दुनिया के कई देशों जापान, आयरलैंड, ऑस्ट्रिया, सऊदी अरब और जॉर्डन ने भी मंगलवार को ईरान के यूएई पर किए गए हमले की निंदा की।
भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं और इसे अस्वीकार्य बताया। मंत्रालय ने कहा कि भारत खाड़ी क्षेत्र में स्थिति को शांत करने के लिए बातचीत और कूटनीति का समर्थन करता है, ताकि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल हो सके।
--आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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