कांग्रेस ने केरल में लगाई सीएम के नाम पर मुहर! जानें कौन सम्भालेगा मुख्यमंत्री की कुर्सी
केरल में 10 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस अब मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अंतिम दौर की चर्चा में पहुंच गई है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान ने वरिष्ठ नेता केसी वेनुगोपाल के नाम पर लगभग मुहर लगा दी है. दिल्ली में हुई कई दौर की बैठकों और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के बाद पार्टी नेतृत्व अब जल्द ही आधिकारिक ऐलान कर सकता है.
हाईकमान की बैठक के बाद तेज हुई हलचल
केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने बड़ी जीत दर्ज की है. गठबंधन ने 140 में से 102 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की है. इसके बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर मंथन शुरू हो गया था.
दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ हुई बैठकों में कई वरिष्ठ नेताओं से राय ली गई. सूत्रों के अनुसार, पर्यवेक्षकों ने विधायकों की राय भी जुटाई और इसके बाद केसी वेणुगोपाल का नाम सबसे मजबूत दावेदार बनकर सामने आया.
क्यों मजबूत माने जा रहे हैं केसी वेणुगोपाल?
केसी वेनुगोपाल कांग्रेस संगठन में लंबे समय से अहम भूमिका निभाते रहे हैं. वे वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) हैं और राहुल गांधी के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं. पार्टी के अंदर उन्हें रणनीतिकार और संगठन को एकजुट रखने वाले नेता के तौर पर देखा जाता है.
चुनाव अभियान के दौरान भी उन्होंने केरल में टिकट वितरण से लेकर गठबंधन प्रबंधन तक अहम जिम्मेदारी निभाई. कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग उन्हें UDF की जीत का “मुख्य शिल्पकार” मान रहा है. यही वजह है कि उनके समर्थन में पोस्टर और बैनर भी लगाए गए.
सीएम रेस में कौन-कौन थे शामिल?
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वीडी सातीसन, रमेश चेन्नीथला और शशि थरूर के नाम भी चर्चा में थे. हालांकि पार्टी के अंदरूनी समीकरण और संगठन पर पकड़ के मामले में वेणुगोपाल सबसे आगे निकलते दिखे.
वहीं, शशि थरूर का नाम जनता के बीच चर्चा में जरूर रहा, लेकिन पार्टी के अंदर उन्हें लेकर एकमत राय नहीं बन पाई. हाल के दिनों में उनके कुछ बयानों और पार्टी कार्यक्रमों से दूरी ने भी उनकी दावेदारी को कमजोर किया.
जातीय और संगठनात्मक समीकरण भी अहम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस इस बार ऐसा चेहरा चाहती थी जो संगठन और सरकार दोनों को संतुलित तरीके से चला सके. केसी वेणुगोपाल का प्रशासनिक अनुभव, केंद्रीय नेतृत्व से करीबी और केरल की राजनीति में मजबूत पकड़ उनके पक्ष में गई.
हालांकि पार्टी अभी आधिकारिक घोषणा से पहले सहयोगी दलों, खासकर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग से भी चर्चा कर रही है. IUML ने साफ कहा है कि मुख्यमंत्री के नाम पर उनसे सलाह ली जानी चाहिए.
जल्द हो सकता है औपचारिक ऐलान
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बाद हाईकमान औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर सकता है. अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा तो केसी वेणुगोपाल जल्द ही केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं.
एडोब ने भारत में किया अपना विस्तार, नोएडा में खोला नया ऑफिस
नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी एडोब ने शुक्रवार को नोएडा में अपना नया कार्यालय (ऑफिस) खोला। कंपनी भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)-आधारित नवाचार पर भी तेजी से ध्यान दे रही है।
नोएडा के सेक्टर 129 में स्थित यह नया ऑफिस भारत में एडोब का सातवां और उत्तर प्रदेश में तीसरा ऑफिस है।
कंपनी के अनुसार, इस नए परिसर में फिलहाल इंजीनियरिंग और ग्राहक सेवाओं से जुड़े 700 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं।
एडोब इंडिया के कंट्री मैनेजर और डॉक्यूमेंट क्लाउड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अभिज्ञान मोदी ने कहा, दुनिया तेजी से एआई और एजेंटिक तकनीकों की ओर बढ़ रही है और एडोब नवाचार और रचनात्मकता को नए तरीके से आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रही है। नोएडा में नए कार्यालय का उद्घाटन भारत से नवाचार को बढ़ावा देने की हमारी रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस ऑफिस को आधुनिक तकनीक से लैस सहयोगात्मक कार्यस्थल के रूप में तैयार किया गया है, ताकि एआई युग में नवाचार, टीमवर्क और कर्मचारियों की भागीदारी को बढ़ावा मिल सके।
एडोब इंडिया की एम्प्लॉई एक्सपीरियंस हेड स्वाति रुस्तगी ने कहा कि यह ऑफिस तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में टीमों को बेहतर तरीके से साथ काम करने में मदद करेगा।
नोएडा स्थित यह परिसर आईजीबीसी-प्लेटिनम प्रमाणित है, और इसमें पर्यावरण के अनुकूल निर्माण, ऊर्जा बचाने वाली प्रणालियां और टिकाऊ बुनियादी ढांचा शामिल किया गया है।
एडोब ने भारत में अपनी शुरुआत 1997 में इंजीनियरिंग अनुसंधान और विकास केंद्र के रूप में की थी। इसके बाद से कंपनी ने देश में तेजी से विस्तार किया है।
वर्तमान में कंपनी भारत में 8,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रही है। अमेरिका के बाहर भारत एडोब का सबसे बड़ा कार्यबल केंद्र बन चुका है और कंपनी के वैश्विक नवाचार में भारत की हिस्सेदारी एक-तिहाई से ज्यादा है।
प्रतिभा विकास के क्षेत्र में भी एडोब लगातार काम कर रही है। इसी साल कंपनी ने भारत के मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के छात्रों के लिए फायरफ्लाई, फोटोशॉप और एक्रोबैट जैसे टूल्स मुफ्त उपलब्ध कराने की घोषणा की थी, ताकि एआई-रेडी वर्कफोर्स तैयार किया जा सके।
--आईएएनएस
डीबीपी
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