ब्रिटिश किंग से मिले न्यूयॉर्क मेयर ममदानी:मुलाकात से पहले कहा था- कोहिनूर भारत को लौटाने बोलूंगा; यह हीरा 177 साल से ब्रिटेन के पास
ब्रिटिश किंग चार्ल्स और क्वीन कैमिला ने बुधवार को न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी से मुलाकात की। यह शाही जोड़ा 9/11 मेमोरियल पहुंचा था जहां उन्होंने 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। खास बात यह है कि इस मुलाकात से कुछ घंटे पहले ममदानी ने कहा था कि अगर उन्हें किंग चार्ल्स से अलग से बात करने का मौका मिला, तो वे कोहिनूर हीरा भारत को लौटाने की बात उठाएंगे। हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि इस छोटी बातचीत के दौरान ममदानी ने यह मुद्दा उठाया या नहीं। उनके ऑफिस से भी इस पर तुरंत कोई जवाब नहीं मिला। कोहिनूर वही हीरा है जो ब्रिटेन के शाही ताज में जड़ा है और टावर ऑफ लंदन में रखा गया है। यह 177 साल से ब्रिटेन के पास है। भारत ने ब्रिटेन के सामने कई बार कोहिनूर हीरे पर अपना कानूनी हक होने का दावा किया है। 1849 से ब्रिटेन के पास कोहिनूर हीरा कोहिनूर हीरा 1849 से ब्रिटेन के पास है। द्वितीय एंग्लो-सिख युद्ध में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी से सिख साम्राज्य के हारने के बाद अंग्रेजों ने पूरे पंजाब पर कब्जा कर लिया। उस समय सिख साम्राज्य के शासक दलीप सिंह थे, जिनकी उम्र सिर्फ 10 साल थी। युद्ध हारने के बाद अंग्रेजों ने उनसे लाहौर की संधि पर हस्ताक्षर करवाए। इस संधि की शर्तें बहुत सख्त थीं। इसके तहत पंजाब को ब्रिटिश शासन के अधीन कर दिया गया और साथ ही कोहिनूर हीरा भी अंग्रेजों को सौंपना पड़ा। इसके बाद यह हीरा ब्रिटेन पहुंचा और क्वीन विक्टोरिया को दे दिया गया। विवादों से भरा है कोहिनूर का इतिहास कोहिनूर हीरे का इतिहास विवादों से भरा रहा है। कहा जाता है कि साल 1526 में हुमायूं ने आगरा किला पर हमला किया था। इसे जीतने पर बड़े पैमाने में खजाने के साथ-साथ विश्व प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा भी मिला था। बाबरनामा के मुताबिक, कोहिनूर हीरा इतना कीमती था कि इससे पूरी दुनिया को ढाई दिन का भोजन करवाया जा सकता था। 1739 में ईरानी शासक नादिर शाह ने आक्रमण किया। उसने आगरा और दिल्ली में लूटपाट की। वह कोहिनूर और मयूर सिंहासन को भी साथ ले गया। नादिर शाह की हत्या के बाद 1747 में यह हीरा अफगानिस्तान के अहमद शाह के पास पहुंचा। इसके बाद कोहिनूर हीरा शाह शुजा के हाथों से होते हुए महाराजा रणजीत सिंह तक पहुंचा। औरंगजेब के शासन के दौरान उसने यह हीरा शाहजहां की देख-रेख में रखा था। शाहजहां आगरा किले में कैद होकर इसी हीरे से ताजमहल को देखते थे। साल 1849 में जब अंग्रेजों ने पंजाब पर कब्जा किया तो इस हीरे को ब्रिटेन की तब की महारानी विक्टोरिया को सौंप दिया गया। बाद में इसे और कई हीरों के साथ ब्रिटेन के शाही ताज में लगा दिया गया। महारानी एलिजाबेथ की मौत के बाद से कई बार कोहिनूर को वापस भारत लाने की मांग उठ चुकी है। भारत कई बार कोहिनूर वापस मांग चुका है कोहिनूर जड़े ताज को सबसे पहले ब्रिटेन की क्वीन मदर ने पहना था। इसके बाद ये ताज क्वीन एलिजाबेथ को मिला था। इस ताज में कोहिनूर के अलावा अफ्रीका का बेशकीमती हीरा ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका सहित कई कीमती पत्थर जड़े हैं। इसकी कीमत करीब 40 करोड़ डॉलर आंकी गई है। भारत ने ब्रिटेन के सामने कई बार कोहिनूर हीरे पर अपना कानूनी हक होने का दावा किया है।
ट्रम्प की राइफल के साथ फोटो, ईरान को धमकी दी:बोले- जल्दी समझदार बनो, अब ज्यादा नरमी नहीं बरतेंगे; अमेरिका के खिलाफ UN पहुंचा ईरान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राइफल के साथ फोटो शेयर कर ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जल्दी समझदार बनो, अब ज्यादा देर नरमी नहीं बरती जाएगी। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर राइफल के साथ एक फोटो पोस्ट की। फोटो पर लिखा था, “नो मोर मिस्टर नाइस गाय” यानी अब ज्यादा देर नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई और कहा कि ईरान खुद को संभाल नहीं पा रहा है। ट्रम्प ने कहा है कि अगर जल्द कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका और सख्त रुख अपना सकता है। इस बीच ईरान ने अमेरिका के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में शिकायत की है। तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक चिट्ठी में ईरान ने अमेरिका पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उसके जहाजों को जब्त करके ‘समुद्री डकैती’ की है। ईरान बोला- अमेरिका ने 38 लाख बैरल तेल जब्त किया संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने कहा कि अमेरिका ने ‘मैजेस्टिक’ और ‘टिफनी’ नाम के जहाजों को कब्जे में लिया और लगभग 38 लाख बैरल ईरानी तेल भी जब्त कर लिया। उनके मुताबिक यह कदम गैरकानूनी है और यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार में दखल देने जैसा है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका की यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्र से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करती है। इरावानी ने यह भी कहा कि अगर ऐसे कदमों को रोका नहीं गया, तो यह एक खतरनाक उदाहरण बन सकता है, जिससे पूरी दुनिया में कानून व्यवस्था कमजोर पड़ सकती है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से मांग की है कि वह अमेरिका के इस कदम की निंदा करे और इस मुद्दे पर कार्रवाई करे। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. UAE ने ओपेक छोड़ा: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 1 मई से तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक से 59 साल बाद बाहर निकलने की ऐतिहासिक घोषणा की है। ओपेक दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों का समूह है। 2. ट्रम्प ने पेशकश ठुकराई: ईरान ने अमेरिका को होर्मुज खोलने और जहाजों की आवाजाही शुरू करने का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद परमाणु मुद्दे पर बात होनी थी, लेकिन ट्रम्प ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। 3. तीसरी बार पाकिस्तान पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची मंगलवार सुबह रूस की अपनी यात्रा खत्म करने के बाद इस्लामाबाद पहुंचे। पिछले 48 घंटों में यह उनका तीसरा पाकिस्तान दौरा है। 4. 10 लाख नौकरियां खत्म: ईरान सरकार ने बताया कि जंग की वजह से देश में सीधेतौर पर कम से कम 10 लाख नौकरियां खत्म हो गई हैं। भविष्य में 1 करोड़ से ज्यादा नौकरियों का खतरा है। 5. तेल के दाम बढ़े: मंगलवार को भी कच्चे तेल की कीमतों में लगातार सातवें दिन बढ़ोतरी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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