Responsive Scrollable Menu

महिलाओं के नेतृत्व वाला ग्रामीण पर्यटन पूर्वोत्तर में बौद्ध पर्यटन स्थलों को दे सकता है नया रूप: अरुणाचल प्रदेश के मंत्री

इटानगर, 7 मई (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री दासंगलू पुल ने गुरुवार को कहा कि महिलाओं के नेतृत्व वाला ग्रामीण पर्यटन हिमालयी बौद्ध क्षेत्र में सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सतत विकास और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक शक्तिशाली साधन के रूप में उभरने की क्षमता रखता है।

तवांग में पूर्वोत्तर भारत में बौद्ध सर्किट का विकास विषय पर आयोजित एक क्षेत्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री ने पूर्वोत्तर भारत के बौद्ध केंद्रों को नेपाल, भूटान और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों से महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण पर्यटन मॉडल के माध्यम से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई पहल की सराहना की।

इस कार्यशाला में नेपाल, भूटान, श्रीलंका, असम और सिक्किम के प्रतिनिधि एक साथ आए और चर्चा का मुख्य विषय क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना और साझा बौद्ध विरासत पर आधारित टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देना था।

अरुणाचल प्रदेश की अपार पर्यटन क्षमता पर प्रकाश डालते हुए दासंगलू पुल, जिनके पास महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का भी प्रभार है, ने कहा कि राज्य, जिसे अक्सर उगते सूरज की भूमि कहा जाता है, कई महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का घर है, जिनमें तवांग, मेचुखा और नामसाई में स्थित स्वर्ण पैगोडा शामिल हैं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण और आदिवासी समुदायों की महिलाओं ने पारंपरिक रूप से मौखिक परंपराओं, हस्तशिल्पों, स्वदेशी व्यंजनों, त्योहारों और अनुष्ठानों को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन पहलों में उन्हें अधिक सक्रिय रूप से शामिल करने से न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी, बल्कि आजीविका के अवसर भी पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्थाएं मजबूत होंगी।

मंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार कौशल विकास कार्यक्रमों, सूक्ष्म वित्त सहायता, अवसंरचना विकास और स्थानीय पर्यटन अनुभवों के डिजिटल प्रचार जैसी पहलों के माध्यम से कामकाजी महिलाओं का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।

पुल ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने और पूरे क्षेत्र में लोगों के बीच संबंधों को गहरा करने के लिए पड़ोसी बौद्ध देशों के साथ पर्यटन और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के महत्व पर भी जोर दिया।

इस कार्यशाला में भाग लेने वाले देशों के प्रतिनिधियों के भाषणों के साथ-साथ क्षेत्रीय सहयोग, कनेक्टिविटी, ब्रांडिंग और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में महिला नेतृत्व वाले ग्रामीण पर्यटन की भूमिका पर तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए।

व्यापक पर्यटन सर्किट के हिस्से के रूप में पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्रमुख बौद्ध विरासत स्थलों की पहचान और प्रचार-प्रसार पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

अधिकारियों ने कार्यशाला को क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने और समावेशी, समुदाय-संचालित और टिकाऊ विकास मॉडल के माध्यम से पूर्वोत्तर भारत की विशाल पर्यटन क्षमता को उजागर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

--आईएएनएस

डीकेपी/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

बांग्लादेश में खसरे का बढ़ता संकट, टेस्टिंग किट की भारी कमी से जांच ठप होने का खतरा

ढाका, 7 मई (आईएएनएस)। बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच पूरे देश में खसरे की जांच करने वाली इकलौती लैब मोहखाली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ की लैब में टेस्टिंग किट की भारी कमी है। जरूरी खरीद में देरी के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, नई किट्स समय पर नहीं पहुंचीं, तो 11 मई के बाद पूरे देश में खसरे की जांच बंद हो सकती है। इससे यह पता लगाना मुश्किल हो जाएगा कि असल में कितने लोग संक्रमित हैं।

बांग्लादेशी दैनिक ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, यह लैब हर दिन देशभर से आने वाले करीब 300 सैंपल की जांच करती है। अधिकारियों का कहना है कि अगर इसी रफ्तार से टेस्टिंग चलती रही और नई किट्स नहीं मिलीं, तो हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि खसरे का प्रकोप अब काफी चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुका है। उनका मानना है कि अगर इसे आधिकारिक तौर पर महामारी घोषित किया जाए, तो इलाज के लिए एक समान व्यवस्था लागू की जा सकेगी और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर तरीके से लगाया जा सकेगा।

साथ ही, ज्यादा टेस्टिंग होने से संक्रमित लोगों की पहचान जल्दी हो सकेगी, उन्हें अलग रखकर संक्रमण फैलने से रोका जा सकेगा और समय पर इलाज भी मिल पाएगा।

इंस्टीट्यूट के सूत्रों का हवाला देते हुए, ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि खसरे की टेस्टिंग किट्स विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्‍ल्‍यूएचओ) देता है। एक किट से लगभग 90 लोगों की जांच हो सकती है। किट्स की कमी के कारण टेस्टिंग बढ़ाना संभव नहीं हो पा रहा है और कई सैंपल बिना जांच के पड़े हैं।

सोमवार तक लैब के पास सिर्फ सात टेस्टिंग किट्स बची थीं, लेकिन अगले दो दिनों में वह स्टॉक भी लगभग खत्म हो गया।

वायरोलॉजिस्ट महबूबा जमील ने कहा, “अभी सही संख्या बताना मुश्किल है, लेकिन किट्स बहुत तेजी से खत्म हो रही हैं। हमने डब्‍ल्‍यूएचओ को इसकी जानकारी दे दी है। उनका कहना है कि नई किट्स आने में एक से डेढ़ हफ्ता लग सकता है। तब तक हमें बची हुई किट्स से ही काम चलाना होगा।”

इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर मोमिनुर रहमान ने भी किट्स की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “करीब एक महीने पहले डब्‍ल्‍यूएचओ को किट्स के लिए अनुरोध भेजा गया था, लेकिन अभी तक सप्लाई नहीं मिली है। उम्मीद है कि 15 मई तक किट्स मिल जाएंगी। फिलहाल बची हुई किट्स से टेस्टिंग जारी है।”

इस बीच डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि इलाज में देरी होने से बच्चों में सांस लेने में दिक्कत, शरीर में ऑक्सीजन की कमी, दिमाग में सूजन, लंबे समय तक दस्त और दौरे जैसी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं। इससे मौत का खतरा भी बढ़ सकता है।

पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट मुश्ताक हुसैन ने कहा, “जब यह साफ हो गया था कि खसरे की स्थिति गंभीर है, तब ही पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर देनी चाहिए थी। इससे इलाज की सुविधाएं बेहतर होतीं और लोगों में जागरूकता भी बढ़ती।”

उन्होंने यह भी कहा कि तुरंत बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन अभियान चलाने, उपजिला स्तर पर इलाज की सुविधाएं बढ़ाने और ऑक्सीजन समेत जरूरी मेडिकल उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था करने की जरूरत है। किट्स से ज्यादा जरूरी वैक्सीनेशन है। किट्स का काम सिर्फ मरीजों की संख्या पता करना है, लेकिन संक्रमण रोकने में वैक्सीन सबसे असरदार होती है।

बांग्लादेश में खसरे के इस प्रकोप में अब तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो संक्रमण तेजी से फैल सकता है, क्योंकि एक संक्रमित व्यक्ति 16 से 18 लोगों तक बीमारी फैला सकता है।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

मुंबई इंडियंस के लिए अच्छी खबर, आरसीबी के खिलाफ मैच के लिए रायपुर पहुंचे हार्दिक पंड्या

hardik pandya joined mumbai Indians squad: कप्तान हार्दिक पंड्या रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ अपने अगले इंडियन प्रीमियर लीग मैच से पहले रायपुर में अपने मुंबई इंडियंस के साथियों के साथ जुड़ गए हैं. वह सोमवार को पीठ में खिंचाव के कारण लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ पिछला मैच नहीं खेल पाए थे. कहा जा रहा है कि उनकी चोट मामूली है और उन्हें लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मैच के लिए आराम करने की सलाह दी गई थी. मुंबई इंडियंस ने बृहस्पतिवार को ‘एक्स’ पर पंड्या की एक तस्वीर के साथ लिखा, 'रायपुर में चेक-इन किया.' Fri, 8 May 2026 00:02:14 +0530

  Videos
See all

Mamata Banerjee | BJP vs TMC: "0 + 0 = 0", बंगाल BJP अध्यक्ष ने ममता और अखिलेश पर तंज कसा | #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-07T19:04:42+00:00

Mamata Banerjee News: ममता बनर्जी बर्खास्त, TMC को लगा सबसे बड़ा झटका! Breaking News | TMC | BJP #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-07T19:15:06+00:00

Is the US-Iran war about to end? #US #Iran #IranWar #StraitOfHormuz #BBCNews #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-07T19:17:04+00:00

Badruddin Ajmal on Assam results | Himanta Sarma: "Congress को डूबकर मरना चाहिए" #shorts #congress #tmktech #vivo #v29pro
2026-05-07T19:13:21+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers