उत्तराखंड में मुख्यमंत्री की जनसुनवाई, लोगों ने सीधे बताईं समस्याएं; अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. जनसुनवाई के दौरान विभिन्न जिलों से आए लोगों ने सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत कई मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे. मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी लेते हुए पात्रता और नियमों के अनुसार जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
प्रदेशभर से पहुंचे लोग, मुख्यमंत्री ने सुनीं समस्याएं
जनसुनवाई में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और क्षेत्रीय समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा. लोगों ने सड़क और संपर्क मार्ग, पेयजल व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सिंचाई से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिलाया.
इसके अलावा रोजगार, राजस्व, स्थानांतरण और स्थानीय विकास से संबंधित प्रकरण भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखे गए. मुख्यमंत्री ने लोगों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों से मौके पर ही कई मामलों की स्थिति की जानकारी ली.
लंबित मामलों में अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों का समाधान विभागीय स्तर पर संभव है, उनमें अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक भेजकर उन पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
वहीं, जिन मामलों में शासन स्तर से निर्णय लिया जाना जरूरी है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया पूरी करते हुए शासन के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से मामलों की नियमित निगरानी करने की भी अपेक्षा जताई, ताकि शिकायतें केवल आगे भेजने तक सीमित न रहें, बल्कि उनके समाधान तक प्रभावी कार्रवाई हो.
जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के बीच सीधा संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाता है. जनसुनवाई के माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं सीधे सरकार के सामने रख सकते हैं और इससे लंबे समय से लंबित मामलों के समाधान का रास्ता भी खुलता है.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आमजन से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए. नियमों और पात्रता का पालन करते हुए जहां संभव हो, वहां लोगों को जल्द राहत उपलब्ध कराई जाए.
सुशासन को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक सुशासन का लाभ पहुंचाना है. सरकारी योजनाओं और नीतियों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंचे.
उन्होंने कहा कि सरकार जनता की अपेक्षाओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है. ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि आम लोगों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाए और समाधान की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो.
अधिकारी रहे मौजूद
जनसुनवाई के दौरान प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव जे.सी. काण्डपाल समेत मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद अब संबंधित विभागों पर इन मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होगी.
IND vs SL: 7 हार, 8 मैच ड्रॉ... श्रीलंका में टीम इंडिया का टेस्ट रिकॉर्ड, 9 साल पहले विराट कोहली की कप्तानी में क्या हुआ था?
India Test record in Sri Lanka: भारतीय टीम 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी. पहला मुकाबला गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि दूसरा टेस्ट कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में 23 अगस्त से शुरू होगा. सीरीज की शुरुआत से पहले चलिए भारत के श्रीलंका में टेस्ट रिकॉर्ड के बारे में जानते हैं. 9 साल बाद भारतीय टीम श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेलने आई है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
News18









