हमारा काम झारखंड के छात्रों को मजबूत करना है, चेहरा चमकाना नहीं : अभिजीत दिपके
हमारा काम झारखंड के छात्रों को मजबूत करना है, चेहरा चमकाना नहीं : अभिजीत दिपके
चमोली हादसे पर एक्शन में सीएम धामी, राहत-बचाव से लेकर कनेक्टिविटी बहाली तक हर मोर्चे पर त्वरित कार्रवाई
Uttarakhand News: उत्तराखंड के चमोली जनपद में प्रकृति के प्रकोप ने एक बार फिर आम जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर स्थित तमकनाला में तेज पानी के बहाव की वजह से एक बड़ा हादसा हो गया. यहाँ सीमा सड़क संगठन यानी बीआरटीएफ द्वारा बनाया गया 123 फीट लंबा बेली ब्रिज अचानक जलस्तर बढ़ने से बह गया. इस दुखद घटना के बाद से ही क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है और कई इलाकों का आपस में संपर्क पूरी तरह टूट गया है. घटना की सूचना मिलते ही राज्य सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गई है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद इस पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को चमोली के जिलाधिकारी और गढ़वाल मंडल के आयुक्त से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा है कि तमकनाला में पुल बहने के बाद से जिन ग्रामीण इलाकों का संपर्क कट गया है, वहाँ राशन, पीने के पानी, खाद्य सामग्री और जरूरी दवाइयों की आपूर्ति हर हाल में जारी रहनी चाहिए. इसके लिए अगर वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़े या अन्य साधनों की मदद लेनी पड़े, तो तुरंत कदम उठाए जाएं ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
ग्राउंड जीरो पर नुकसान का सही आकलन जरूरी
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत ग्राउंड जीरो पर जाने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा है कि संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर नुकसान का सही आकलन करें. जब तक अधिकारी खुद स्थिति को नहीं देखेंगे, तब तक राहत और पुनर्व्यवस्था के कामों में तेजी नहीं आ पाएगी. ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर आवाजाही को फिर से शुरू करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. इसके लिए सभी संभावित विकल्पों पर काम शुरू कर दिया गया है ताकि जल्द से जल्द अस्थायी या नया मार्ग बनाकर गाड़ियों की आवाजाही शुरू कराई जा सके.
सर्च ऑपरेशन और राहत कार्य जारी
चमोली में सोमवार को अचानक मौसम बिगड़ने और पहाड़ियों पर हुई बारिश के कारण तमकनाला में पानी का बहाव बेहद तेज हो गया था. इसी तेज बहाव की चपेट में आकर बेली ब्रिज बह गया. बताया जा रहा है कि इस तेज बहाव में एक व्यक्ति और एक कैंपर गाड़ी भी बह गई है, जिनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. घटना की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री ने तुरंत आपदा प्रबंधन सचिव से बात की थी और एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमों को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया था. इस समय स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर राहत कार्यों में पूरी ताकत से जुटे हुए हैं.
24 घंटे रखी जा रही है हर गतिविधि पर नजर
राज्य में लगातार बदलते मौसम और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. संवेदनशील इलाकों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पूरी तैयारी रखी गई है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र यानी एसईओसी से भी पूरे प्रदेश और खासकर चमोली जिले की स्थिति पर दिन-रात नजर रखी जा रही है.
सरकार का पूरा फोकस सुरक्षा और बहाली पर
इस संकट के समय में सरकार का पूरा ध्यान तीन मुख्य बातों पर है, जिनमें सुरक्षा, राहत सामग्री की उपलब्धता और कनेक्टिविटी शामिल हैं. तमकनाला की इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि पहाड़ों में प्राकृतिक आपदाएं कभी भी आ सकती हैं, लेकिन सरकार की तत्परता से नुकसान को कम किया जा सकता है. मुख्यमंत्री धामी की लगातार मॉनिटरिंग और प्रशासनिक सक्रियता दर्शाती है कि सरकार इस मुश्किल वक्त में अपने नागरिकों के साथ खड़ी है. सरकार की कोशिश है कि प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द जिंदगी को पटरी पर लाया जा सके और लोगों को पूरी सुरक्षा दी जा सके.
यह भी पढ़ें: महिला शक्ति को मजबूत बनाने पर जोर, सीएम धामी बोले- विकसित उत्तराखंड की मजबूत आधारशिला है मातृशक्ति
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Samacharnama
News Nation









