31 अगस्त के बाद लागू होंगे डेबिट कार्ड से जुड़े नए नियम, इस प्राइवेट बैंक ने किया बदलाव, यहाँ जानें डिटेल
एचडीएफसी बैंक के ग्राहकों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। सभी डेबिट कार्डों (HDFC Bank Debit Card)) पर एटीएम निकासी और ऑनलाइन या इन स्टोर खरीदारी की सीमाएं 31 अगस्त तक रिसेट कर दी जाएगी। इसके बाद नए कार्ड कंट्रोल और अन्य बदलाव 1 सितंबर से लागू होंगे। इन बदलावों की जानकारी ग्राहकों को होनी चाहिए। ATM निकासी या ट्रांजेक्शन लिमिट कार्ड के वेरिएन्ट पर निर्भर करेगी।
31 अगस्त तक एचडीएफसी बैंक के कार्ड कंट्रोल सेटिंग के जरिए एटीएम विड्रोल और ऑनलाइन या स्टोर पर खरीदारी की लिमिट को रिसेट/रिव्यू करना होगा। यदि उपयोगकर्ता ने अपने डेबिट कार्ड वेरिएंट को तय अधिकतम लिमिट से ज्यादा एटीएम या खरीदारी की लिमिट सेट की है, तो सितंबर 2026 से लिमिट को आपके डेबिट कार्ड वेरिएंट की अधिकतम लिमिट पर रिसेट कर दिया जाएगा।
यदि ग्राहक ने अपने डेबिट कार्ड पर अधिकतम ट्रांजेक्शन लिमिट के बराबर या उससे कम लिमिट सेट की है, तो 31 अगस्त के बाद आपकी मौजूदा लिमिट पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
प्लेटिनम डेबिट कार्ड से जुड़े बदलाव
यदि 31 अगस्त से पहले प्लेटटिनम डेबिट कार्ड के लिए एटीएम ट्रांजेक्शन की लिमिट 6 लाख रुपये है, तो उसे 31 अगस्त के बाद 1 लाख रुपये पर सेट कर दिया जाएगा। POS या ईकॉम के लिए ट्रांजैक्शन लिमिट को 31 अगस्त के बाद 1 लाख रुपये तक सेट कर दिया जाएगा, जो वर्तमान में 6 लाख रुपये है।
मिलेनिया डेबिट कार्ड से जुड़े बदलाव
मिलेनिया डेबिट कार्ड के लिए एटीएम ट्रांजेक्शन की लिमिट 31 अगस्त के बाद अधिकतम 50 हजार रुपये कर दी जाएगी, जो वर्तमान में 4 लाख रूपये है। जबकि शॉपिंग-POS और ई-कॉम के लिए ट्रांजैक्शन लिमिट को 4 लाख रुपये से घटकर 3 लाख 50 रुपये तक दिया गया है। सभी कार्ड के लिए POS पर कैश निकालने की लिमिट 10,000 रुपये प्रतिदिन होगी।
अन्य कार्ड के अधिकतम डेली ट्रांजेक्शन लिमिट जानें
इंफिनिटी डेबिट कार्ड के लिए रोजाना एटीएम ट्रांजेक्शन लिमिट अब 2 लाख रुपये होगी। यह बदलाव डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों प्रकार के ट्रांजेक्शन पर लागू होगा। वहीं प्लेटटिनम डेबिट कार्ड के अलावा टाइम्स पॉइंट डेबिट कार्ड, बिजनेस डेबिट कार्ड, NRO डेबिट कार्ड (केवल डॉमेस्टिक कार्ड) और गीगा डेबिट कार्ड के लिए डेली एटीएम ट्रांजेक्शन लिमिट को 1 लाख रुपये कर दिया गया है। रीवार्ड्स डेबिट कार्ड और टाइटेनियम डेबिट कार्ड के लिए डेली ट्रांजेक्शन लिमिट अब 50,000 रुपये होगी। रेगुलर या क्लासिक डेबिट कार्ड, रुपे डेबिट कार्ड, मनी बैक डेबिट कार्ड, Women’s एडवांटेज डेबिट कार्ड के लिए डेली ट्रांजैक्शन लिमिट 25,000 रुपये होगी। टाइटेनियम रॉयल डेबिट कार्ड के लिए डेली ट्रांजेक्शन लिमिट 75,000 रुपये तय की गई है।
इंदौर में अंतरराज्यीय कार चोर गिरोह का पर्दाफाश, चार आरोपी गिरफ्तार, अनोखे तरीके से चुराते थे कार
इंदौर शहर में वारदातों को अंजाम देने के लिए नए-नए तरीके अपनाने वाले बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने कार चोरी करने वाले एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो चोरी की वारदात को अंजाम देने से पहले संबंधित इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर देता था। बिजली बंद करने के पीछे बदमाशों का मकसद यह होता था कि क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे बंद हो जाएं और उनकी चोरी की पूरी वारदात कैमरों में रिकॉर्ड न हो सके। इस हाईटेक और शातिर गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो कारें और वारदात में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए हैं।
पकड़े गए आरोपियों के संबंध उत्तर प्रदेश और मुंबई से बताए जा रहे हैं। पुलिस की गिरफ्त में आए इन बदमाशों में दो मुंबई और दो उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से चोरी की वारदातों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मैग्नेट, कटर, टूल्स और अन्य सामान बरामद किया है। आरोपियों के पास से बरामद की गई दोनों कारों की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपए आंकी गई है।
आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए जोन एक के डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में पिछले दिनों कार चोरी की तीन वारदातें सामने आई थीं। इन घटनाओं के बाद पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित कीं। पुलिस टीम ने जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया और क्षेत्र के करीब 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को कुछ संदिग्धों के बारे में सुराग मिले, जिसके आधार पर उनकी तलाश तेज की गई।
जांच के दौरान पुलिस को पीथमपुर रोड क्षेत्र में एक कार लावारिस हालत में खड़ी मिली। पुलिस ने इस कार पर संदेह होने के बाद तुरंत कार्रवाई न करते हुए करीब 36 घंटे तक उस पर गुप्त रूप से निगरानी रखी। इसी दौरान तीन पुरुष और एक महिला उस लावारिस कार के पास पहुंचे और उसे ले जाने का प्रयास करने लगे। मौके पर मुस्तैद पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए चारों संदिग्धों को दबोच लिया। थाने लाकर की गई कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने कार चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की हुई पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इमरान, तौफीक, राजीव और एक महिला के रूप में हुई है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। चोरी की गई कारों की पहचान छिपाने के लिए वे फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते थे। वारदात को अंजाम देने से पहले गिरोह में शामिल महिला आरोपी संबंधित इलाके की रेकी करती थी और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेती थी। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से इलाके की बिजली बंद कर सीसीटीवी कैमरों को निष्क्रिय किया जाता था और फिर कटर व इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से कार चोरी कर ली जाती थी।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूली कार चोरी की वारदातें
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अब तक कुल चार कारें चोरी करना कबूल किया है। इनमें से राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र से तीन कारें और एक कार धामनोद इलाके से चुराना स्वीकार किया गया है। पुलिस ने फिलहाल दो कारें बरामद कर ली हैं, जबकि बाकी की दो गाड़ियों की लोकेशन पंजाब और उत्तर प्रदेश में मिली है। इन दोनों गाड़ियों को बरामद करने के लिए पुलिस की विशेष टीमें रवाना की गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चुराई गई चारों गाड़ियां स्विफ्ट मॉडल की हैं। इस संबंध में भी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है कि वे केवल इसी मॉडल की गाड़ियों को निशाना क्यों बनाते थे। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों से पूछताछ में आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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