Explainer: ‘Awarapan 2’ की रिलीज से पहले जानिए कैसी थी पहली ‘आवारापन’, बॉक्स ऑफिस पर कितनी हुई थी कमाई?
Awarapan Box Office: इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन 2’ को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है. करीब दो दशक बाद इमरान एक बार फिर शिवम पंडित के किरदार में वापसी करने वाले हैं. 2007 में रिलीज हुई पहली ‘आवारापन’ भले ही बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ा कमाल नहीं कर पाई थी, लेकिन फिल्म की कहानी, इमरान की एक्टिंग और खासकर इसके म्यूजिक ने लोगों के दिल में अलग जगह बनाई थी. यही वजह है कि रिलीज के कई साल बाद भी फिल्म को याद किया जाता है. अब जब इसका सीक्वल सिनेमाघरों में रिलीज होने वाला है तो जानते हैं पहली ‘आवारापन’ ने बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन किया था.
कब रिलीज हुई थी ‘आवारापन’?
मोहित सूरी के निर्देशन में बनी ‘आवारापन’ 29 जून 2007 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. फिल्म में इमरान हाशमी (Emraan Hashmi) के अलावा श्रिया सरन (Shriya Saran) , मृणालिनी शर्मा (Mrinalani Sharma) और आशुतोष राणा (Ashutosh Rana) अहम रोल में नजर आए थे. फिल्म को मुकेश भट्ट ने प्रोड्यूस किया था और इसका स्क्रीनप्ले शगुफ्ता रफीक ने लिखा था.ये एक क्राइम, एक्शन, ड्रामा और रोमांस फिल्म थी, जिसकी कहानी शिवम पंडित के इर्द-गिर्द दिखाई गई है.
क्या थी फिल्म की कहानी?
फिल्म में इमरान हाशमी ने शिवम पंडित का किरदार निभाया था. शिवम जिंदगी से पूरी तरह टूट चुका इंसान होता है और अपने अतीत के दर्द से निकलने के लिए अपराध की दुनिया का हिस्सा बन जाता है. वो अपने गैंगस्टर बॉस भारत मलिक के लिए बेहद वफादारी से काम करता है. एक दिन उसे बॉस की गर्लफ्रेंड रीमा की निगरानी करने का काम मिलता है. शुरुआत में शिवम के लिए ये सिर्फ एक जिम्मेदारी होती है, लेकिन धीरे-धीरे उसे रीमा की मासूमियत और उसकी जिंदगी की परेशानियां समझ आने लगती हैं और वो उसके ओर इमोशनली जुड़ने लगता है.
बाद में शिवम को पता चलता है कि रीमा किसी और से प्यार करती है और अपने बॉस से आजाद होना चाहती है. अब शिवम के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि वो अपने बॉस के प्रति वफादार रहे या उस लड़की की मदद करे, जिससे उसे प्यार हो गया है. यहीं से फिल्म की कहानी एक इमोशनल मोड़ लेती है.
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कितने बजट में बनी थी ‘आवारापन’?
बॉक्स ऑफिस इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म का बजट करीब 18 करोड़ रुपये था. फिल्म को रिलीज के समय करीब 375 स्क्रीन्स मिली थीं. इसके बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी. ‘आवारापन’ ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 79 लाख रुपये की ओपनिंग ली थी फिल्म का पहला वीकेंड करीब 2.88 करोड़ रुपये रहा, जबकि पहले हफ्ते में फिल्म ने लगभग 4.47 करोड़ रुपये कमाए थे.
इसके बाद फिल्म की कमाई में खास तेजी नहीं आई. बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक, भारत में फिल्म का लाइफटाइम नेट कलेक्शन करीब 7.76 करोड़ रुपये रहा. भारत का ग्रॉस कलेक्शन करीब 10.84 करोड़ रुपये और वर्ल्डवाइड ग्रॉस करीब 12.26 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था. फिल्म को फ्लॉप बताया गया था. लेकिन ‘आवारापन’ की सबसे दिलचस्प बात ये है कि भले ही फिल्म सिनेमाघरों में दर्शकों को खींच नहीं पाई, लेकिन टीवी, म्यूजिक और बाद में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ये एक कल्ट क्लासिक फिल्म बन गई.
फिल्म के गाने और इमरान से इंप्रेस हुए फैन
बाद में जब लोगों ने आवारापन देखी तो लोगों को इमरान हाशमी का शिवम पंडित वाला किरदार काफी पसंद आया. ये उनकी आम रोमांटिक फिल्मों से काफी अलग था शिवम एक ऐसा किरदार था, जिसमें गुस्सा, दर्द, प्यार सभ कुछ देखने को मिला था. इसके अलावा फिल्म के म्यूजिक ने दर्शकों का दिल जीत लिया था. ‘तो फिर आओ’, ‘तेरा मेरा रिश्ता’, ‘मेरा हाल’ और दूसरे गानों ने फिल्म को रिलीज के बाद लंबे समय तक चर्चा में बनाए रखा और आज ये गाने इमरान हाशमी के यादगार गानों में गिने जाते हैं.
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क्या ‘आवारापन’ किसी फिल्म का रीमेक थी?
ये बेहद कम लोग जानते हैं कि ‘आवारापन’ की कहानी कोरियाई फिल्म ‘A Bittersweet Life’ से प्रेरित थी. हालांकि हिंदी फिल्म ने कहानी में कई बदलाव किए और शिवम के अतीत, उसके इमोशनल सफर और रिश्तों पर ज्यादा फोकस किया था. यही वजह है कि ये फिल्म सिर्फ गैंगस्टर और एक्शन की कहानी नहीं, बल्कि इसमें प्यार, धर्म, विश्वास और त्याग जैसे इमोशनल सीन भी दिखाए गए थे.
‘आवारापन 2’ को लेकर फैंस में क्रेज
वहीं अब 19 साल बाद ‘आवारापन 2’ में इमरान हाशमी को फिर से शिवम पंडित के किरदार में देखने के लिए फैंस बेहद एक्साइटेड है. जब से फिल्म का ट्रेलर रिलीज हुआ है, तब से फैंस इसकी रिलीज का इंतजार कर रहे हैं. खासतौर पर वो लोग जो पहले पार्ट को सिनेमाघरों में नहीं देख पाए थे, वो इस बार मौका नहीं गवांने वाले हैं. बता दें, इस बार फिल्म का निर्देशन नितिन कक्कड़ कर रहे हैं और फिल्म में इमरान के साथ दिशा पाटनी (Disha Patani) और शबाना आजमी (Shabana Azmi) अहम रोल में नजर आएंगे. ये फिल्म 14 अगस्त 2026 को रिलीज होने वाली है.
पहले जैसा जादू बिखेरना होगा मुश्किल!
बता दें, जब पहली 'आवारापन' रिलीज हुई थी, तब सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म का दौर नहीं था. आज दर्शकों की पसंद काफी बदल चुकी है. अब कहानी के साथ-साथ प्रोडक्शन क्वालिटी, विजुअल्स और तेज रफ्तार स्क्रीनप्ले पर भी काफी ध्यान दिया जाता है. ऐसे में 'आवारापन 2' के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि वो पुरानी फिल्म की तरह इस बार भी अपान जलवा बिखेर पाए. वहीं, ये भी बता दें कि इस बार दर्शकों की उम्मीदें पहले से कहीं ज्यादा है. ऐसे में फिल्म को पहले जैसा चार्म कायम रखना मश्किल हो सकता है.
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सुरक्षा खतरे ने बदली ट्रंप की यात्रा की पूरी योजना, तुर्की से सीक्रेट फ्लाइट में भागे थे अमेरिकी राष्ट्रपति
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की से ब्रिटेन की यात्रा गुपचुप ढंग से एक सैन्य विमान में सवार होकर की थी. अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा कारणों के चलते ऐसा किया गया था. दरअसल, सार्वजनिक रूप से डोनाल्ड ट्रंप एयर फोर्स वन में सवार हुए थे, लेकिन ब्रिटेन तक की यात्रा उन्होंने एक सैन्य विमान में की थी. अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तुर्की में एयर फोर्स वन पर सवार होने के बाद गुपचुप ढंग से एक फूड ट्रक में छिपाकर दूसरे सैन्य विमान तक पहुंचाया गया, क्योंकि उनके आधिकारिक विमान के खिलाफ 'विश्वसनीय सुरक्षा खतरे' होने की जानकारी मिली थी.
फूड ट्रक से ट्रंप को कार तक ले जाया गया
द वॉशिंगटन पोस्ट की सोमवार की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने अंकारा में मीडिया की मौजूदगी के बीच ट्रंप सार्वजनिक रूप से एयर फोर्स वन पर चढ़े. इसके बाद वह और उनके कुछ प्रमुख सहयोगी एक कैटरिंग ट्रक में सवार हो गए, जो कि विमान के दरवाजे पास ही था. द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप को उस फूड ट्रक से एक कार में ले जाया गया. यह ट्रक विमान के निचले हिस्से से जुड़ा हुआ था. वहां से उन्हें एक छोटे सी-32ए सैन्य जेट में पहुंचाया गया. दोनों अखबारों ने नाम न बताने वाले अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप और उनके कुछ करीबी सहयोगी ब्रिटेन के मिल्डेनहॉल वायुसेना अड्डे तक इसी सैन्य विमान से गए. वहां उन्होंने यात्रा के अगले हिस्से के लिए कतर की ओर से उपहार में दिए गए विमान में सवार होकर अमेरिका के लिए उड़ान भरी.
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विमान बदलने की किसी को नहीं थी जानकारी
इस बीच, एयर फोर्स वन में मौजूद अन्य अधिकारी और पत्रकार पुराने विमान से ब्रिटेन पहुंचे और बाद की यात्रा में ट्रंप के साथ शामिल हुए. उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि ट्रंप विमान बदल चुके थे. विमान में मौजूद पत्रकारों ने बताया कि उड़ान के दौरान उनसे खिड़कियों के पर्दे बंद रखने को कहा गया था. व्हाइट हाउस ने इन रिपोर्टों की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया. हालांकि, व्हाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने संकेत दिया कि राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी चुनौतियां थीं, जिनसे निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए गए. उन्होंने कहा, “जैसा कि राष्ट्रपति हाल में कह चुके हैं, अमेरिका के कई दुश्मन उन्हें निशाना बनाना चाहते हैं और हम उन खतरों से निपटने के लिए अपने पास मौजूद हर संसाधन का इस्तेमाल करते हैं.”8 जुलाई को अंकारा में हुए नाटो शिखर सम्मेलन से वापसी के दौरान भी इसी तरह की एक और घटना हुई थी.
उपहार में दिए गए विमानम का इस्तेमाल कर रहे थे ट्रप
ट्रंप अंकारा की यात्रा के लिए कतर की ओर से उपहार में दिए गए विमान का इस्तेमाल कर रहे थे. ट्रंप अक्सर उसकी शानदार और लग्जरी सुविधाओं की तारीफ करते रहे हैं. लेकिन सीक्रेट सर्विस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों का मानना था कि विमान में जल्दबाजी में किए गए तकनीकी बदलाव उसे पुराने एयर फोर्स वन विमानों जितनी सुरक्षा नहीं दे पाए थे. इसी वजह से पहले ट्रंप को पुराने एयर फोर्स वन में स्थानांतरित किया गया और कतर के विमान को ब्रिटेन भेज दिया गया। इसके बाद उन्हें सैन्य जेट में ले जाया गया. ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने कतर के विमान को ब्रिटेन इसलिए भेजा क्योंकि वहां मौजूद अमेरिकी सैन्यकर्मी उस विमान को देखना चाहते थे. हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार असली कारण वे 'विश्वसनीय खतरे' थे, जिनकी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को मिली थी. बताया गया कि कतर के विमान में वे मिसाइल-रोधी सुरक्षा प्रणालियां और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हमलों से बचाने वाली विशेष वायरिंग नहीं थी, जो पुराने एयर फोर्स वन विमानों में मौजूद हैं.
ऐसा लगता है कि बाद में सीक्रेट सर्विस और दूसरे सुरक्षा अधिकारियों ने यह भी माना कि पुराना एयर फोर्स वन भी पर्याप्त सुरक्षित नहीं है. इसलिए ट्रंप को गुप्त रूप से एक सैन्य जेट में ले जाने का फैसला किया गया। यह बोइंग 757 का एक संस्करण है, जिसमें वे आलीशान सुविधाएं नहीं हैं जिनके लिए ट्रंप जाने जाते हैं. जब द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अधिकारियों के हवाले से कतर की ओर से दिए गए विमान की सुरक्षा कमियों पर रिपोर्ट प्रकाशित की, तब अमेरिकी न्याय विभाग ने रिपोर्टरों और उनके रिश्तेदारों, यहां तक कि एक पत्रकार की मां तक को समन भेजकर उनके फोन की मांग की.
अधिकारियों ने इन असामान्य समनों का बचाव करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य उन लोगों का पता लगाना था जिन्होंने गोपनीय जानकारी लीक की थी और जिनके बारे में उनका दावा था कि उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला. बाद में आलोचना बढ़ने पर इन समनों को वापस ले लिया गया. जानकारी लीक होने के आरोपों ने अप्रत्यक्ष रूप से उन सुरक्षा चिंताओं की पुष्टि ही की, जिनसे जुड़ी खबरों का पहले ट्रंप और अधिकारी खंडन कर चुके थे.ट्रंप ने कहा कि उस विमान को सेवा से हटाकर उसमें बड़े स्तर पर तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं. पुराने एयर फोर्स वन विमान और कतर की ओर से दिया गया विमान, जिसे भविष्य में एक अन्य एयर फोर्स वन के रूप में इस्तेमाल किया जाना है, दोनों ही बोइंग 747 के अलग-अलग संस्करण हैं.
DISCLAIMER: हेडिंग और सब हेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.
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